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गर्भवती और ब्रेस्टफीडिंग वाली महिलाएं क्यों नहीं कर सकती है ब्लड डोनेट, ये है वजह
रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए हर साल 14 जून को वर्ल्ड ब्लड डोनर डे 2022 का आयोजन होता है। रक्तदान करने वालों को सलाह दी जाती है कि हर 2 महीने या 56 दिन में एक बार रक्तदान कर सकते हैं। यह उनकी सेहत और सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है। रक्तदान करना जितना जरूरी है, उतना ही यह जानना भी अहम है कि किन लोगों को रक्तदान नहीं करना चाहिए।
इसी बीच एक अहम सवाल होता है कि क्या किसी की जान बचाने के लिए कोई गर्भवती महिला ब्लड डोनेट कर सकती है या नहीं? आइए जानते हैं इस बारे में?

गर्भवती महिलाएं कर सकती है रक्तदान
गर्भवती महिलाओं को हीमोग्लोबिन और आयरन की कमी नहीं होनी चाहिए। इसलिए उन्हें ब्लड डोनेशन करने के लिए योग्य नहीं माना जाता है। इससे डिलीवरी के दौरान ब्लड लॉस की वजह से उन्हें ज्यादा दिक्कतें हो सकती है। यही कारण है कि महिलाओं को ब्लड डोनेट नहीं करने की सलाह दी जाती है। अगर इमरजेंसी में गर्भवती महिला को ब्लड डोनेट करना है, तो ध्यान रहे कि पहली तिमाही में तो बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
प्रेगनेंसी प्लान करते हुए रखें ब्लड डोनेशन
अगर कोई महिला ब्लड डोनेट करती है और उसे बाद में पता चलता है कि वो प्रेगनेंट थी, तो इससे मां और बच्चे को कोई नुकसान नहीं होगा। ऐसे में डाइट में आयरन की खुराक बढ़ाने की आवश्यकता होती है। जो महिलाएं प्रेगनेंसी प्लान कर रही हैं, उन्हें अपने पीरियड के पहले 14 दिनों के दौरान ही ब्लड डोनेट करना चाहिए। वरना एनीमिया का खतरा भी अधिक रहता है।

जानें मां बनने के बाद कब कर सकती है रक्तदान?
माँ को डिलीवरी के कम से कम 6 महीने के बाद ही रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि डिलीवरी और स्तनपान से माँओं को अत्यधिक थकान की समस्या हो जाती है।
- डिलीवरी के कम से कम 6 महीने के बाद ही महिलाओं को रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि डिलीवरी और स्तनपान से मांओं को अत्यधिक थकान की समस्या हो जाती है।
- अगर आपने पिछले 72 घंटों के अंदर एस्पिरिन ली है, तो आपको रक्तदान नहीं करना चाहिए।
- अगर डिलीवरी के दौरान आपका ब्लड ट्रांसफ्यूजन हुआ है, तब आपको रक्तदान नहीं करना चाहिए।
- स्तनपान कराने वाली महिलाओं को रक्तदान केवल तब ही करना चाहिए, जब वह उसके लिए सहज हो।
- सबसे जरुरी बात स्तनपान कराने वाली महिलाओं को रक्तदान केवल तब ही करना चाहिए, जब वह उसके लिए सहज हो।
- आपका हीमोग्लोबिन 12% से 16% के बीच होना चाहिए।
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान रक्तदान करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
1. ब्रेस्ट मिल्क में 87% पानी होता है और जब आप रक्तदान करती हैं, तो वह आपके शरीर से लगभग 450 मिली पानी ले लेता है। इसका मतलब है कि रक्तदान के बाद महिला को 48 घंटों तक अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेने चाहिए।
2. बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने में हर दिन 500 कैलोरी की खपत होती है और रक्तदान करने में भी आपकी एनर्जी की खपत होती है। इसलिए प्रोटीन और आयरन से भरपूर खाना आपको एक्स्ट्रा ऊर्जा देने में मदद करेगा।
3. ब्रेस्टफीडिंग करने वाली मांओं को रक्तदान से पहले आयरन रिच डाइट लेनी चाहिए। रक्तदान के बाद शरीर में आयरन लेवल बढ़ाने के लिए पालक, मछली, चिकन, होल ग्रेन्स और अंडे की डाइट लेनी चाहिए। आयरन के बेहतर अब्सॉर्प्शन के लिए ऑरेंज, टेंगरीन्स, अंगूर, प्लम, चेरी जैसे विटामिन 'सी' से भरपूर फलों का सेवन करना न भूलें।
बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराने के दौरान रक्तदान करना निश्चित रूप से प्रभावशाली है। लेकिन यह आपको अपने डॉक्टर से परामर्श लेकर और अपनी सेहत की जांच करने के बाद ही करना चाहिए।
अगर आपका स्वास्थ्य इसकी इजाजत नहीं देता है, तो इसके बारे में सोच कर परेशान होने के बजाय सही समय का इंतजार करें। आखिरकार, आप नहीं चाहेंगी, कि रक्तदान जैसा महान काम आपके लिए बुरा अनुभव लेकर आए।



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