Latest Updates
-
Rang Panchami 2026: कब है रंग पंचमी? जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व -
पेट के कैंसर के शुरुआती स्टेज में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, ज्यादातर लोग साधारण समझकर करते हैं इग्नोर -
Bhalchandra Sankashti Chaturthi Katha: भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर होगी हर परेशानी -
Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026: 6 या 7 मार्च, कब है भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व औ -
वरमाला डालते ही अर्जुन ने सानिया चंडोक को लगाया गले, सचिन तेंदुलकर का ऐसा था रिएक्शन, वीडियो वायरल -
बिग बॉस 17 फेम यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने की सुसाइड की कोशिश, इंटरकास्ट शादी को लेकर परिवार पर लगाए गंभीर आरोप -
प्रेग्नेंसी में कटहल खाना चाहिए या नहीं? डाइट में शामिल करने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान -
होली पर पकवान खाकर पेट में जमा हो गई है गंदगी, तो बॉडी डिटॉक्स के लिए इन चीजों का करें सेवन -
Holi Bhai Dooj Katha: होली के बाद भाई दूज क्यों मनाते हैं? जानें भ्रातृ द्वितीया की पौराणिक कथा -
Holi Bhai Dooj 2026 Wishes: माथे की टीका...इन खूबसूरत संदेशों के जरिए अपनों को दें होली भाई दूज की शुभकामनाएं
फार्मूला मिल्क बच्चों के लिए सकता है खतरनाक, मिले ये खतरनाक केमिकल
बीते कुछ सालों में बच्चों को फार्मूला मिल्क पिलाने का चलन बढ़ा है, लेकिन यह बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। हाल ही में कंज्यूमर रिपोर्ट की जांच में पाया गया कि फार्मूला मिल्क के सैंपलों में लीड (सीसा) और आर्सेनिक जैसे खतरनाक तत्व मौजूद हैं, जो बच्चों की सेहत के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा, जांच में पॉलीफ्लोरोएल्काइल (पीएफए), बिस्फेनॉल ए (बीपीए) और एक्रिलामाइड जैसे हानिकारक केमिकल्स भी पाए गए हैं।
इन खतरनाक तत्वों की उच्च मात्रा बच्चों के फेफड़ों और अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर बुरा प्रभाव डाल सकती है, जिससे स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यह रिपोर्ट फॉर्मूला मिल्क के उपयोग में सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर करती है।

बढ़ता फॉर्मूला मिल्क का चलन और खतरे
बीते कुछ वर्षों में फॉर्मूला मिल्क का उपयोग तेजी से बढ़ा है। माता-पिता इसे सुरक्षित और पोषणयुक्त विकल्प मानते हैं, लेकिन कई अध्ययनों ने इसके खतरनाक प्रभावों को उजागर किया है। कंज्यूमर रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग सभी फॉर्मूला मिल्क के सैंपल में पॉलीफ्लोरोएल्काइल (PFAS), बिस्फेनॉल ए (BPA), और एक्रिलामाइड जैसे हानिकारक तत्व पाए गए हैं।
फॉर्मूला मिल्क में मौजूद हानिकारक तत्व
लेड (सीसा) और ऑर्सेनिक: बच्चों की तंत्रिका तंत्र के विकास को बाधित कर सकते हैं और कई न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
सोया प्रोटीन और ताड़ का तेल: पाचन तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
भारी धातुएं और कैरेजेनान: एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
शोध में क्या मिला?
एक अध्ययन में 41 फॉर्मूला मिल्क के सैंपल लिए गए, जिनमें से 34 सैंपल में लेड पाया गया। इसका स्तर 1.2 पीपीबी से 4.2 पीपीबी तक था, हालांकि यह निर्धारित मानकों से अधिक नहीं था। बावजूद इसके, विशेषज्ञों का कहना है कि दूध में थोड़ी भी मात्रा में लेड का मौजूद होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
कंपनियों का दावा
फॉर्मूला मिल्क निर्माताओं का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर इनमें कोई केमिकल नहीं मिलाया। बल्कि, ये तत्व पर्यावरण से खाद्य पदार्थों में प्रवेश कर जाते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुद्दे पर सख्त निगरानी और नियमों की जरूरत है ताकि नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके।



Click it and Unblock the Notifications











