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बच्चे की बढ़ती मांगों ने कर दिया है नाक में दम, तो ऐसे करें उसे हैंडल
Dealing Demanding Kids : उम्र के साथ-साथ बच्चों का व्यवहार भी बदलने लगता है। कभी-कभी वे बहुत अधिक डिमांडिंग हो जाते हैं। खासतौर से, जब पैरेंट्स अपने बच्चे की हर डिमांड को आसानी से पूरा कर देते हैं। ऐसे में बच्चे धीरे-धीरे बहुत अधिक डिमांड करने लगते हैं। इतना ही नहीं, जब उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वे काफी अलग तरह से व्यवहार करने लगते हैं। उनमें बिल्कुल भी सब्र नहीं होता है। कभी-कभी वे बेसब्र होकर गुस्सा करने लगते हैं या फिर चीजें तोड़ने लगते हैं।
ऐसे में अक्सर पैरेंट्स अपने बच्चे को शांत करने के लिए उनकी डिमांड को पूरा कर देते हैं। जबकि यह तरीका गलत है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि आप अपने डिमांडिंग बच्चे को किस तरह हैंडल करें-

हर डिमांड पूरी ना करें
जब भी बच्चे कोई डिमांड करते हैं और उनकी वह डिमांड पूरी नहीं होती है तो ऐसे में वे बेसब्र हो जाते हैं। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि आप उनकी हर डिमांड को पूरा करते चले जाएं। अगर आप ऐसा करते हैं तो वास्तव में आप उसे और भी ज्यादा जिद्दी बना रहे हैं। इसलिए बिना सोचे समझे उसकी हर डिमांड पूरी ना करें।
जरूर सुनें उनकी बात
भले ही बच्चे की डिमांड सही ना हो या फिर बहुत अटपटी हो, लेकिन फिर भी एक पैरेंट होने के नाते आपको उनकी बात जरूर नहीं सुननी चाहिए। कई बार पैरेंट यह सोचते हैं कि बच्चा अजीब सी डिमांड कर रहा है या फिर आप उसे पूरा नहीं करने वाले हैं तो ऐसे में उसे इग्नोर करते हैं। जबकि वास्तव में ऐसा करने से आप एक गलत उदाहरण सेट कर रहे हैं। इसलिए, उनकी बात जरूर सुनें और अगर उनकी डिमांड आपको गलत लगती है तो आप उसे पूरा ना करने की वजह भी बच्चे को जरूर समझाएं।
सेट करें बाउंड्रीज
बच्चों के लिए कुछ बाउंड्रीज सेट करना बेहद जरूरी है। मसलन, अगर वे आपसे गिफ्ट मांगते हैं तो आप उनके लिए यह रूल बना सकते हैं कि आप उन्हें महीने में एक बार ही गिफ्ट लेंगे। इस तरह वे किसी भी चीज को पाने के लिए इंतजार करने की कला सीखेंगे। साथ ही साथ, बहुत अधिक डिमांडिंग भी नहीं होंगे।
चाहत और जरूरत में समझाएं फर्क
कई बार बच्चे इसलिए भी बहुत अधिक डिमांडिंग हो जाते हैं, क्योंकि वे अपनी चाहतों को ही जरूरत समझने लगते हैं। ऐसे में उन्हें लगता है कि इसके बिना उनका काम नहीं चलेगा। जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। बतौर पैरेंट आपको चाहत और जरूरत के बीच उन्हें अंतर जरूर समझाना चाहिए। साथ ही, अगर वे अपनी चाहत को पूरा करना चाहते हैं तो आप उन्हें उनके पास ही मौजूद चीजों से उसे पूरा करने के तरीकों के बारे में बताएं। ऐसा करने से बच्चे कम चीजों में भी अपनी हर चाहत को पूरा करने में सक्षम हो पाते हैं। जिससे वे बहुत अधिक डिमांडिंग नहीं होते हैं।
ना करें गुस्सा
जब बच्चे बेसब्र होकर अपने पैरेंट्स से डिमांड करते हैं तो ऐसे में पैरेंट कई बार बहुत अधिक गुस्सा हो जाते हैं। ऐसा करने से बच्चे भले ही चुप हो जाएं, लेकिन उनके मन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए यह तरीका बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता है। कोशिश करें कि आप बच्चे को हैंडल करने के लिए उन पर गुस्सा ना करें। इसकी जगह आप पहले उनकी बात सुनें और फिर उन्हें बेहद प्यार से समझाएं कि आप उनकी डिमांड पूरी क्यों नहीं कर रहे हैं। इससे वे आपकी बात समझ जाएंगे और फिर उन्हें बुरा भी नहीं लगेगा।



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