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एलीफेंट, टाइगर, डॉल्फिन या हेलीकॉप्टर, जानिए आपकी पेरेंटिंग स्टाइल कौन-सी है
हर पेरेंटस अपने बच्चों का भला चाहते है। वो यही चाहते है कि बच्चा खूब प्रोग्रेस करें, कभी गलत रास्ते पर ना चलें। हालांकि, हर पेरेंटस के पेरेंटिंग का तरीका अलग-अलग होता है। कोई ओवर प्रोटेक्टिव होते है, तो कोई ओवर सेंसेटिव, तो कुछ पेरेंटस जरूरत से ज्यादा स्ट्रीक होते है।
आज के समय में पेरेंटिंग की विभिन्न स्टाइल्स को अलग-अलग सेक्शंस में बांटा गया है और उन्हें अजीब तरह के नाम दिए गए हैं। यहां हम आपको उन्हीं स्टाइल्स के बारे में विस्तार से बताने वाले है। ताकि आप ये समझ पाए कि माता-पिता के रूप में कौन सी स्टाइल आपको सबसे अच्छी तरह परिभाषित करती है।

एलीफैंट पेरेंटिंग
एलीफैंट पैरेंट्स वो होते है जो अपने बच्चे की हर छोटी-मोटी चीज को लेकर सेंसेटिव रहते है। यानि अगर उनका बच्चा देर रात को उठकर रोता है, या बिना वजह गुस्सा करता है तो वह बिना परेशान हुए उसे चुप या शांत कराने की पूरी कोशिश करते हैं। ये बच्चे को अपने से दूर नहीं होने दे सकते। साफ शब्दों में कहें तो ऐसे पेरेंटस हर वक्त, हर स्थिति में अपने बच्चों के लिए अवेलबेल रहते हैं, जो बच्चों के साथ बड़ी सहजता से पेश आते है। यानि ये पेरेंटस अपने बच्चों के साथ कठोर और सख्त होने के बजाय, उन्हें अपनी इच्छानुसार जीवन जीने के लिए पर्याप्त जगह देते हैं। ये चाहते हैं कि उनका बच्चा अपने कामों को करने में ज्यादा से ज्यादा उनकी मदद लें। क्यूंकि, वे अपने बच्चों से बहुत प्यार करते है। एलीफैंट पैरेंट्स के लिए बच्चों को रिजल्ट का टेंशन नहीं रहता। बल्कि वे तो इस बात को लेकर स्ट्रेस में रहते हैं कि कहीं उनके बच्चे मार्क्स कम आने से स्ट्रेस में ना आ जाए।
टाइगर पेरेंटिंग
टाइगर पेरेंटिंग शब्द का उपयोग उन माता-पिता को परिभाषित करने के लिए किया जाता है जो अपने बच्चों के लिए स्ट्रीक बाउंड्रीज बना कर रखते हैं। ऐसे पेरेंटस अपने बच्चों से उनकी डिमांड मनवाने के लिए भय और अधिकार के तरीकों का उपयोग करते है। ये अपने बच्चे से बहुत ज्यादा उम्मीदें रखते हैं, जिन्हें पूरी करने के लिए ये बार-बार बच्चों पर जोर देते रहते है। इन पेरेंटस का लक्ष्य हाई एचीवमेंट पाने वाले बच्चों का पालन-पोषण करना है जो अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में सफल हों और जिनके पास एक स्ट्रांग वर्क एथिक हो। इन पेरेंटस का ये मानना है कि उनके बच्चों को सख्त, आत्मविश्वासी, सफल बनाने और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने के लिए स्ट्रीक डिसीप्लेन अपनाने की जरूरत है।
हेलिकॉप्टर पैरेंटिंग
ऐसे माता-पिता जो अपने बच्चों की जिंदगी में जरूरत से ज्यारदा दखलअंदाजी करते हैं, ऐसी पेरेंटिंग को हेलिकॉप्टचर पैरेंटिंग कहा जाता है। दरअसल, कुछ पैरेंट्स ऐसे होते है जो अपने बच्चोंं के फ्यूचर को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंतित रहते हैं। इस वजह से वे बच्चेप की हर काम में मदद करना चाहते हैं और करते भी हैं। ऐसे पेरेंटस अपने बच्चे की जरूरत से ज्यादा परवाह करते हैं और ये हमेशा बच्चेा को आगे बढ़ाने के लिए रास्ता ढूंढते रहते हैं। ये अपने बच्चेे को हर परेशानी या समस्या से बचाने के लिए सब कुछ खुद ही करना चाहते हैं। जबकि वो ये बात नहीं जानते कि उनकी जरूरत से ज्यादा दखलअंदाजी आगे चलकर बच्चे के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
डॉल्फ़िन पेरेंटिंग
डॉल्फ़िन पेरेंटिंग की ये स्टाइल दृढ़ लेकिन लचीली होती है। ऐसे पेरेंटस अपने बच्चों के जीवन में संतुलन बनाए रखना चाहते है ताकि उन्हें स्टेबल हेल्थ, हैपीनेस और सक्सेस की ओर धीरे-धीरे ही सही, लेकिन सही गाइडेंस मिल सके। डॉल्फ़िन पेरेंटस ओवर प्रोटेक्टिव नहीं होते, लेकिन वे हेल्पिंग होते हैं। वे स्ट्रीक नहीं होते, लेकिन कठोर होते हैं। इस तरह की पेरेंटिंग बच्चों को पॉजिटिव ढंग से सीखने और आगे बढ़ने में मदद करती है। ऐसे पेरेंटस अपने बच्चों के लिए रूल और लॉ डिसाइड कर सकते हैं लेकिन साथ ही, वे अपने बच्चों को उनके जीवन में पूरी फ्रीडम भी देंगे। ऐसे माता-पिता लचीले स्वभाव के होते हैं और अपने बच्चे की जरूरतों और आवश्यकताओं के अनुसार खुद को ढाल लेते है।



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