Parenting Tips: बच्चों का इमोशनली इंटेलीजेंट बनाने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो

Make Children Emotionally Intelligent

किसी भी बच्चे के फिट रहने के लिए उसका न सिर्फ फिजिकली बल्कि मेंटली और इमोशनली भी फिट रहना बहुत जरूरी है। बच्चे को फिजिकली, मेंटली और इमोशनील स्ट्रॉन्ग रखने की जिम्मेदारी पेरेंट्स की है। सभी माता-पिता अपने बच्चे को मजबूत बनाने की कोशिश करते हैं। उन्हें अच्छी पेरेंटिंग देने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं। बच्चों को दिमागी रूप से स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए पेरेट्स उन्हें एकेडमिक एक्सीलेंस की क्लासिस दिलाते हैं। लेकिन इमोशनली उन्हें स्ट्रॉन्ग करना भूल जाते हैं। ऐसे में पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि वो अपने बच्चों को इमोशनली इंटेलिजेंट भी बनाएं। अब आप सोच रहे होंगे कि बच्चों को इमोशनली इंटेलिजेंट कैसे बनाया जा सकता है। इमोशनल इंटेलिजेंट का अर्थ है अपने इमोशन्स को संभालते हुए, सामने वाले की फिलिंग्स की कद्र करना। इमोशनली स्ट्रॉन्ग बच्चों में अपनी फिलिंग्स को एक्सप्रेस करने का कौशल होता है। तो आइए जानते हैं किन टिप्स को फॉलो कर बच्चे को इमोशनली इंटेलिजेंट बनाया जा सकता है।

इन टिप्स को फॉलो कर बच्चों को बनाए इमोशनली इंटेलीजेंट

1. बच्चे के इमोशंस के प्रति दिखाएं अपनी फिलिंग्स

बच्चे बहुत ज्यादा नाजुक होते हैं। छोटी-छोटी बाते भी उनके मन में घर कर जाती हैं। हम अक्सर अपने बच्चों को छोटी बातों पर ओवर रिएक्ट करते देखते हैं। ऐसे में आप कोशिश करें कि बच्चों को इग्नोर करने से बचें। आप उनके इमोशंस को समझें। उनकी गलती होने पर या सही गलत होने पर प्यार से बात समझाने की कोशिश करें। ऐसा करने से बच्चे मेंटली स्ट्रॉन्ग रहते हैं। इतना ही नहीं माता-पिता के साथ बच्चों का रिलेशन भी स्ट्रॉन्ग बना रहता है।

2. बच्चों को अपनी समस्याओं से लड़ना सिखाएं

बच्चों में ऐसी स्किल्स होनी चाहिए जिससे वो अपनी समस्याएं खुद ही सुलझा सकें। बच्चों के इमोशनल इंटेलिजेंट होने के लिए उनमें प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स होना बहुत जरूरी होता है। ऐसे में पेरेंट्स अपने बच्चों को खुद अपनी परेशानियों को सुलझाने के लिए मोटिवेट करें। इसके लिए जरूरी है कि बच्चों को पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों तरह के इफेक्ट्स को समझाने की कोशिश करें। ताकि वो मेंटली मजबूत हो सकें।

3. बच्चों को समझाए इमोशन्स

बच्चे को इमोशनल इंटेलिजेंट बनाने के लिए बचपन स ही उन्हें उनके इमोशन्स के बारे में बताए और समझाएं। बच्चे किसी भी बात को लेकर गुस्सा हो या नाराज हो जाएं, या फिर शांत बैठे हो तो उनसे पूछने की कोशिश करें कि उनके मन में क्या चल रहा है। उन्हें अपनी फिलिग्स शेयर करना सिखाएं। इमोशन्स से लड़ने के पॉजिटिव तरीके बताएं।

Story first published: Sunday, January 8, 2023, 13:28 [IST]
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