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मां का दूध पीते-पीते हो गई बच्ची की मौत! ब्रेस्टफीडिंग कराते हुए मांए न करें ये एक गलती
breastfeeding Precautions For New Mother: मां का दूध पीते हुए एक दिन की बच्ची की दुभार्ग्यवश मौत हो गई है। दूधमुंही बच्ची की मौत से डॉक्टर हैरान हैं, जांच की गई तो बच्ची की मौत के चौंकाने वाली वजह सामने आई हैं। प्राथमिक जांच में पता चला कि दूध पीते हुए बच्ची की सांस रुक गई, उसकी सांस की नली में दूध भर गया था। घटना इंग्लैंड के लीड्स अस्पताल की है, जहां बच्ची का जन्म एक दिन पहले हुआ था।
दरअसल, बच्ची को जन्म देने के बाद मां काफी थकी हुई थी और दवाओं के असर की वजह से दूध पिलाते हुए मां सो गई थी और इस दौरान बच्ची एक करवट में लेटी हुई थी जल्दबाजी में वो ज्यादा दूध पी गई। कुछ मिनट बाद वह उठी तो बच्ची की दिल की धड़कन रुकी हुई थी और वह कुछ हरकत नहीं कर रही थी। तुंरत बच्ची को समीप के अस्पताल लेकर जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

नई मांओं को बच्चों को दूध पिलाते हुए कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है।
बच्चों को दूध पिलाते हुए इन बातों का रखें ध्यान
डॉक्टरों का मानना है कि बच्चों को लेटकर दूध पिलाने से उनके दम घुटने का खतरा रहता है। ऐसे स्थिति में उनका शरीर नीला पड़ने और फिर मौत तक हो सकती है। इसलिए माएं सही पॉजिशन में और बैठकर ही बच्चे को दूध पिलाएं। आगे की ओर झुककर ब्रेस्टफीड न कराएं और तकिया या दीवार का सहारा लेकर दूध पिलाएं।
सोएं हुए बच्चे को भी न पिलाएं दूध
सिर्फ मां ही नहीं, अगर बच्चा भी नींद में है, तब भी उसे दूध पिलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। एक्सपर्ट के मुताबिक सोते बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराने पर दूध उसके फेफड़ों तक पहुंच सकता है। सांस की नली में फंसने से दम घुट जाने का डर रहता है।
हर न्यू बोर्न बेबी को दो-दो घंटे में स्तनपान कराना होता है। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान बच्चे को जगा हुआ होना जरूरी होता है। अगर उसके दूध पीने का टाइम हो गया है, तो उसे जगाने के लिए हल्के हाथ से उसे सहलाएं, गीले रूमाल से उसका चेहरा साफ करें और मां बच्चे के तलवे को हल्के से गुदगुदाए। इससे उसकी नींद टूटती है और बच्चा दूध पीने लगता है।
बच्चे की नाक को ब्रेस्ट से दूर रखें
ब्रेस्टफीड के दौरान बच्चे की नाक को ब्रेस्ट से दूर रखे। इसके लिए माएं दूध पिलाते हुए ब्रेस्ट को आगे की तरफ से पकडकर रखें।
बच्चा निप्पल काटे तो अलर्ट हो जाएं
अगर ब्रेस्ट से दूध का फ्लो तेज है तो भी बच्चे को दूध पीने में परेशानी हो सकती है। उसे दूध निगलने में मुश्किल होती है। खांसी, चोकिंग जैसी दिक्कतें होती हैं। ऐसी स्थिति में बच्चा निप्पल को काटने की कोशिश करता है।
बाल बांधकर दूध पिलाएं
डॉक्टरों के अनुसार बच्चे को दूध पिलाते हुए मां अपने बालों को बांधकर रखें। इससे दूध पीते समय बच्चे के मुंह में बाल नहीं जाते हैं।



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