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काजोल भी गुजर चुकी हैं मिसकैरेज के दर्द से, जानिए क्या होती है एक्टोपिक प्रेग्नेंसी और लक्षण
काजोल का नाम बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में आता है। फिल्मों में अपार सफलता पाने के बावजूद मां बनने के बाद काजोल ने इंडस्ट्री से ब्रेक लेकर अपने दोनों बच्चों न्यासा और युग की परवरिश पर पूरा समय दिया।
एक समय था जब काजोल एक्टोपिक प्रेग्नेंसी की वजह से जान जाते जाते बची। साल 2001 में बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल का मिसकैरेज हुआ था। काजोल को एक्टोपिक प्रेग्नेंसी थी जिसकी वजह से उनकी जान तक को खतरा हो गया था। डॉक्टरों ने काजोल को तुरंत ऑपरेशन करवाने की सलाह दी थी।
अजय देवगन ने इस बारे में बात करते हुए बताया था कि उस समय काजोल 'कभी खुशी कभी गम' फिल्म की शूटिंग कर रही थीं और इसी दौरान वो प्रेगनेंट हुईं और उनका गर्भपात हुआ था। इसके बाद एक्टोपिक प्रेग्नेंसी होने के बाद काजोल का दोबारा मिसकैरेज हुआ था।
इसके बाद काजोल ने सन् 2011 में बेटे युग को जन्म दिया था। ये प्रेग्नेंसी बिल्कुल नॉर्मल थी। आइए जानते है कि क्या होती है एक्टोपिक प्रेग्नेंसी

क्या होती है एक्टोपिक प्रेग्नेंसी?
एक्टोपिक प्रेग्नेंसी यानी ट्यूबल प्रेग्नेंसी ऐसी गर्भावस्था है जिसमें भ्रूण गर्भ तक पहुंच नहीं पाता और Fallopian Tube यानी गर्भाशय नाल में फंस जाता है और वहीं पर बढ़ने लगता है। फैलोपियन ट्यूब छोटा और महीन होता है और वह बढ़ते भ्रूण के दबाव को नहीं सह सकता है। अगर समय रहते गर्भपात नहीं किया गया तो फैलोपियन ट्यूब फट सकता है और संक्रमण से महिला की जान जा सकती है।
एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के लक्षण
एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में महिलाओं को आम गर्भावस्था जैसे ही लक्षण महसूस होते हैं जैसे पीरियड का मिस होना, पैरों में दर्द, बार-बार टॉयलेट जाना, बेचैनी आदि। यहां तक कि प्रेग्नेंसी टेस्ट करने पर रिपोर्ट भी पॉजिटिव आती है। लेकिन जैसे-जैसे ट्यूब में भ्रूण बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के लक्षण महसूस होते हैं-
ब्लीडिंग: आमतौर पर पीरियड की डेट मिस होने के बाद जब हल्की ब्लीडिंग शुरू होती है तो महिलाएं उसे Implantation Bleeding या फिर Delayed Periods मानने की गलती कर बैठती है। उन्हें लगता है कि या तो भ्रूण के गर्भाशय यानी Uterus से चिपकने के क्रम में यह ब्लीडिंग हो रही है या फिर उनका पीरियड लेट हो गया जिसकी वजह से हल्की ब्लीडिंग हो रही है। यह सबसे खतरनाक स्थिति है। दरअसल, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में ब्लीडिंग तब शुरू होती है जब भ्रूण का आकार बढ़ने की वजह से ट्यूब फटने लगता है और ब्लीडिंग होने लगती है।
पेट के निचले हिस्से में दर्द : ब्लीडिंग के साथ-साथ पेट के निचले हिस्से में भी दर्द होता है. धीरे-धीरे यह दर्द असहनीय होने लगता है. अगर गर्भावस्था में ऐसा हो तो फौरन डॉक्टर से परामर्श करें।
कमजोरी: चक्कर आना, कमजोरी के साथ साथ कंधों में भी दर्द शुरू हो जाता है।



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