Latest Updates
-
Mother Day 2026: सलाम है इस मां के जज्बे को! पार्किंसंस के बावजूद रोज 100 लोगों को कराती हैं भोजन -
Aaj Ka Rashifal 08 May 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्यशाली अंक और रंग -
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट
Karnataka No Bag Day: कर्नाटक ने लागू किया 'No Bag Day', देश में स्कूल बैग पॉलिसी को लेकर क्या है नियम
Karnataka No Bag Day: बच्चों पर बढ़ते स्कूल बैग के वजन को घटाने के लिए कर्नाटक सरकार ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. नए निर्देशों के अनुसार, अब बच्चों के स्कूल बैग का वजन निर्धारित भार से अधिक नहीं हो सकेगा।
स्कूल बैग का वजन निर्धारित करने के साथ ही राज्य सरकार ने सप्ताह का एक दिन 'नो बैग डे' करने का भी निर्देश दिया है। इस सर्कुलर के अनुसार, स्कूलों को सप्ताह में एक बार, सामान्य रूप से शनिवार को 'नो बैग डे' मनाने के लिए कहा गया है। इस दिन बच्चों को बगैर स्कूल बैग के स्कूल आना होगा और किताबी पढ़ाई से अलग व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा।

जानें नेशनल बैग पॉलिसी के बारे में
वैसे ये पहली बार नहीं है कि बच्चों के ऊपर से भारी बस्तों का भार कम करने के लिए किसी राज्य ने इस तरह का कदम उठाया है। समय-समय पर इस चीज को लेकर पैरेंट्स की तरफ ऐसी मांग उठती आई है।
बच्चों का यह बोझ कम करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा एनसीईआरटी, सीबीएसई, केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति के विशेषज्ञों द्वारा नेशनल स्कूल बैग पॉलिसी बनाई गई थी। जिसमें बच्चे की क्लास और उसके वजन के हिसाब से स्कूल बैग का वजन निर्धारित किया गया है, ताकि बच्चों पर एक्स्ट्रा कॉपी-किताब का भार नहीं डाला जाएं।
प्री प्राइमरी और प्राइमरी के लिए नियम
नेशनल स्कूल बैग पॉलिसी के अनुसार, 10 से 16 किलोग्राम वजन वाले जो बच्चे प्री प्राइमरी क्लासेस में पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें अपने साथ स्कूल बैग ले जाने की जरूरत नहीं है। जो बच्चे पहली और दूसरी क्लास में पढ़ रहे हैं और उनका वजन 16 से 22 किलो के आस-पास है, वे अधिकतम 1.6 से 2.2 किलो तक के वजन का ही बैग ले जा सकते है।
6वीं से 8वीं तक के लिए नियम
क्लास 6 से 8वीं तक में पढ़ने वाले 20 से 30 किलो के वजन वाले बच्चों को 2 से 3 किलो तक का ही स्कूल बैग अपने साथ लेकर जाना है। हालांकि, अगर उनका वजन 25 से 40 किलो तक का है तो फिर वह अपने साथ स्कूल 2.5 से 4 किलो तक का बैग ले जा सकते हैं।
9वीं से 12वीं तक के लिए नियम
कक्षा 9 से 12 के स्टूडेंट स्कूल 2.5 किलो से 5 किलो तक का बैग लेकर जा सकते हैं। जो स्टूडेंट्स क्लास 9 या 10 में पढ़ रहे हैं, उनके बैग का वजन 2.5 किलो से 4 या 5 किलो तक ही होना चाहिए। वहीं, कक्षा 11 या 12 में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के स्कूल बैग का वजन 3.5 से 5 किलो तक हो सकता है।
इंटरनेशनल पॉलिसी
अंतरराष्ट्रीय नियम के अनुसार, बच्चों के स्कूल बैग का कुल वजन उनके वजन के 10 फीसदी होना चाहिए। इसको यूं समझें जैसे अगर बच्चे का वजन 20 किलोग्राम है। इसका 10 फीसदी हुआ 2 किलोग्राम।
ये भी है निर्देश
स्कूल बैग का वजन कम करने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने भी दिशानिर्देश जारी कर रखा है जो इस तरह से है।
1. प्राइमरी क्लास के लिए जरूरत से ज्यादा छात्रों को पुस्तक लेने को नहीं कहा जाए और पाठ्यपुस्तकों की संख्या सीमित होनी चाहिए। नैशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च ऐंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने जो सीमा तय कर रखी है, उससे ज्यादा इसकी संख्या न हो।
2. पहली और दूसरी क्लास के छात्रों के लिए स्कूल बैग न हो और उनको अपना स्कूल बैग स्कूल में छोड़ने की अनुमति हो।
3. पहली और दूसरी क्लास के बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाए। तीसरी और चौथी क्लास के बच्चों के लिए होमवर्क की जगह कुछ और विकल्प दिया जाए।



Click it and Unblock the Notifications