Latest Updates
-
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
एक्ज़ाम में कैसे करवाएं बच्चे की तैयारी

कैसे करें बच्चों की मदद -
1. बच्चे के एक्ज़ाम के 2-3 हफ्ते से पहले ही तैयारी करना शुरु कर दें। उनका पूरा स्लेबस देख कर यह निर्णय लें कि उन्हें कहां से तैयारी शुरु करवानी है।
2. देरी करने से कोई फायदा नहीं होता है, इससे बच्चे एक्ज़ाम का दिन आते-आते घबराने लगेगें। अच्छा होगा कि आप सबसे पहले उन बिंदुओं पर ध्यान दें जिसमें आपका बच्चा कमज़ोर है।
3. कामकाजी पेरेंट्स बच्चों के ऊपर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते इसलिए वह अपने बच्चों को प्राइवेट ट्यूशन में भेज कर पढ़वाते हैं। इसलिए जब बच्चे वापस पढ़ कर आएं तब उनसे क्लास में क्या-क्या पढ़ाया गया है, जरुर पूछें।
4. जो माताएं बाहर काम कारती हैं, वह घर से निकलने से पहले अपने बच्चे को होमवर्क दे कर जाया करें। जब वापस आएं तो उसका होतवर्क जरुर चेक करें और अगर काम अच्छा हो तो उसकी तारीफ भी करें। इसे बच्चे का मनोबल बढ़ता है और उसे एक्ज़ाम का प्रेशर झेलने की ताकत भी आती है।
5. उसका हमेशा लिखित टेस्ट लेती रहा करें। यह एक अच्छा माध्यम है एक्ज़ाम की तैयारी करने का। सबसे पहले अपने बच्चे को एक पाठ रटने के लिए बोलें और फिर उससे वह पाठ पूरा सुने। जब बच्चा वह पाठ ठीक से सुना दे तब दूसरे दिन उसका रिटन टेस्ट लें।
6. अगर आपको लगता है कि बच्चा मन लगा कर तैयारी नहीं कर रहा है तो उसके प्रति थोड़ा सा सख्त व्यावहार अपनाएं। उसे एक्ज़ाम में फेल होने के प्ररिणाम बताएं जिससे वह थोड़ा सीरियस हो जाए। पर कभी भी बच्चे को मारे-पीटे नहीं वरना वह निराश हो जाएगा और किताबों के प्रति उसका लगाव भी कम हो जाएगा।
7. रिवीजन बहुत जरुरी है। इससे बच्चे को पाठ याद रखने में बहुत मदद मिलेगी। हर दूसरे दिन बच्चे से पुराना पढ़ाया गया पाठ पूछें। जिस दिन बच्चा एक्ज़ाम देने के लिए जा रहा हो तब उसको सुबह जल्दी उठा दें और रिवीजन करने को बोलें।



Click it and Unblock the Notifications