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एक्ज़ाम में कैसे करवाएं बच्चे की तैयारी

कैसे करें बच्चों की मदद -
1. बच्चे के एक्ज़ाम के 2-3 हफ्ते से पहले ही तैयारी करना शुरु कर दें। उनका पूरा स्लेबस देख कर यह निर्णय लें कि उन्हें कहां से तैयारी शुरु करवानी है।
2. देरी करने से कोई फायदा नहीं होता है, इससे बच्चे एक्ज़ाम का दिन आते-आते घबराने लगेगें। अच्छा होगा कि आप सबसे पहले उन बिंदुओं पर ध्यान दें जिसमें आपका बच्चा कमज़ोर है।
3. कामकाजी पेरेंट्स बच्चों के ऊपर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते इसलिए वह अपने बच्चों को प्राइवेट ट्यूशन में भेज कर पढ़वाते हैं। इसलिए जब बच्चे वापस पढ़ कर आएं तब उनसे क्लास में क्या-क्या पढ़ाया गया है, जरुर पूछें।
4. जो माताएं बाहर काम कारती हैं, वह घर से निकलने से पहले अपने बच्चे को होमवर्क दे कर जाया करें। जब वापस आएं तो उसका होतवर्क जरुर चेक करें और अगर काम अच्छा हो तो उसकी तारीफ भी करें। इसे बच्चे का मनोबल बढ़ता है और उसे एक्ज़ाम का प्रेशर झेलने की ताकत भी आती है।
5. उसका हमेशा लिखित टेस्ट लेती रहा करें। यह एक अच्छा माध्यम है एक्ज़ाम की तैयारी करने का। सबसे पहले अपने बच्चे को एक पाठ रटने के लिए बोलें और फिर उससे वह पाठ पूरा सुने। जब बच्चा वह पाठ ठीक से सुना दे तब दूसरे दिन उसका रिटन टेस्ट लें।
6. अगर आपको लगता है कि बच्चा मन लगा कर तैयारी नहीं कर रहा है तो उसके प्रति थोड़ा सा सख्त व्यावहार अपनाएं। उसे एक्ज़ाम में फेल होने के प्ररिणाम बताएं जिससे वह थोड़ा सीरियस हो जाए। पर कभी भी बच्चे को मारे-पीटे नहीं वरना वह निराश हो जाएगा और किताबों के प्रति उसका लगाव भी कम हो जाएगा।
7. रिवीजन बहुत जरुरी है। इससे बच्चे को पाठ याद रखने में बहुत मदद मिलेगी। हर दूसरे दिन बच्चे से पुराना पढ़ाया गया पाठ पूछें। जिस दिन बच्चा एक्ज़ाम देने के लिए जा रहा हो तब उसको सुबह जल्दी उठा दें और रिवीजन करने को बोलें।



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