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आपका बच्चा क्यूं मोटा होता जा रहा है?
बच्चों में मोटापा अब चिंता का मुख्य कारण बन चुका है। मैं स्कूल में बच्चों को संबोधित करने जाता हूँ, तो यह बड़ा अविश्वसनीय लगता है की बड़ी संख्या में बच्चे या तो मोटे है या सामान्य से अधिक वजन के हैं। कई माता-पिता अपने बच्चे के बढ़ते मोटापे के लिए बहुत चिंतित रहते है। हमें पता है कि आज कल कम समय होने के कारण बच्चे व्यायाम नहीं कर पाते और तो और टीवी और इंटरनेट के आ जाने कि वजह से बच्चों का बाहर जा कर खेलना कूदना भी कम हो गया है।
इसी चक्कर में बच्चे मोटे होते जा रहे हैं और उन्हें तमाम बिमारियां घेरती जा रही हैं। लेकिन अगर आपका बच्चा मोटा है तो उसे पतला करने कि जिम्मेदारी आपकी है। बाहर के खाने कि बजाए घर में ही हर प्रकार का भोजन बनाए और उसे खिलाएं इसके अलावा बच्चे के साथ खुद व्यायाम करें।
आइये जानते हैं कि बच्चे क्यूं मोटे होते जा रहे हैं और उनके मोटापे को रोकने के लिये माता पिता क्या क्या कदम उठा सकते हैं।

ज़यादा कैलोरी का सेवन
मोटापे का मुख्य कारण ज़यादा कैलोरी का सेवन और व्यायाम की कमी है। सत्य तथ्य यह है, कि बच्चों को शायद ही किसी भी तरह का व्यायाम करते है। इसके लिए मुख्य रूप से टीवी देखना और वीडियो गेम खेलना जिम्मेदार है। इस तरह की गतिविधियों में लगे बच्चे ऊट-पटांग खाना और लगातार वजन बढ़ता रहता है।

भावनात्मक रूप से परेशानी
कुछ बच्चों जब भावनात्मक रूप से परेशान होते हैं तभी खा जाते हैं या फिर स्टेरॉयड दवाएं लेते हों।

परहेज करना
पहले तो जोरदार "परहेज़" या बहुत कम कैलोरी आहार बच्चों के विकास के लिए हानिकारक है क्यूंकि पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। वजन घटना कार्मिक होना चाहिए। बस खराब चीजों को पहचान लें।

जंक फूड का सेवन
आम दोषी कोल्ड ड्रिंक, जूस, गाढे शेक्स, स्पोर्ट्स ड्रिंक्स, तली हुई चीज़ें जैसे इस चिप्स, फ्रेंच फ्राइज़, मक्खन और पनीर का अत्यधिक उपयोग, ब्रेड, बिस्कुट, कैंडीज, आइसक्रीम, चॉकलेट, पिज्जा, बर्गर, पाव भाजी का अधिक सेवन हैं। यही वोह चीज़ें है जिनको आपको सख्ती से रोकना होगा क्यूंकि इनमें पोषण होता हैं और अनावश्यक कैलोरी जुड़ सकती हैं।

नाश्ता न करना
नाश्ता छोड़ देना सख्ती से रोकना चाहिए क्यूंकि शरीर को सुबह ईंधन चाहिए और अगर सुबह का नस्त नियमित रूप से छोड़ा गया तो शरीर की दैनिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद नहीं मिलेगी। यह आपके बच्चे की एकाग्रता में बाधा और अग्रणी ऊर्जा की कमी से गतिविधि के स्तर को धीमा सकता है।

घर की चीजे़ खिलाएं
यह सुनिश्चित करें की अपने बच्चे को नियमित रूप से नाश्ता दें और घर में बनी चीज़ें दें जैसे इडली, डोसा, परांठा आदि। बच्चों को वाणिज्यिक नाश्ता न दें जैसे फ़्रोस्तिएस, कॉर्न-फलैक्स क्यूंकि इनमें चीनी की मात्र बहुत अधिक होती है।

जंक फूड पूरी तरह से हटा दें
मेंने जिन दोषी चीज़ों का उल्लेख ऊपर किया है, उनको दिनक आहार से हटा दें और दिन में 3 मुख्य पौष्टिक भोजन और 3 स्वस्थ नाश्ता दिया करें।

हेल्दी खाना दें
स्वस्थ नाश्ता जैसे मेवा, दूध और दूध उद्पदों, सलाद और फल दे सकते हैं।

अच्छा और पौष्टिक फैट खिलाएं
स्वस्थ चर्बी देने के लिए बेकरी उत्पादों और तले हुए खाद्य पदार्थ न्यूनतम दें और स्वस्थ चर्बी के लिए नट्स, असंतृप्त तेल खाना पकाने में इस्तेमाल करें।

मिठाई कम खिलाएं
मिठाई के उपयोग को कम करें और बच्चों को लुभाने के इस प्रकार के भोजन का उपयोग नहीं करें।

खूब पानी पीने को बोलें
अपने बच्चे दिन बाहर पर्याप्त पानी पीने के लिए प्रोत्साहित करें। इसको आप खुद जांच सकते है की बच्चा कितनी बार शौचालय का प्रयोग करता है।

पूरा परिवार बच्चे का साथ दे
यह भी सुनिश्चित करें के पूरा परिवार उदाहरण बने ताकि बच्चे को "अलग" महसूस न हो।

व्यायाम करवाएं
व्यायाम करवाएं और बच्चे के साथ खेलें। उनको खेलों में भाग लेने और स्कूल टीमों में शामिल होने के लिए भी प्रोत्साहित करें।

केवल 1 घंटा टीवी देखने को बोलें
एक घंटे से भी कम समय के लिए टीवी देखने की सीमा बना दें और इस तरह की गतिविधियों के लिए समय निर्धारित कर दें।



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