Latest Updates
-
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा -
5th Bada Mangal 2026: पांचवे बड़े मंगल पर करें पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ, बजरंगबली दूर करेंगे सभी संकट -
Aaj Ka Rashifal 02 June 2026: मंगलवार को इन राशियों पर होगी धनवर्षा, बजरंगबली की कृपा से दूर होंगे सारे कष्ट -
No Bitterness Trick Karela Sabzi Recipe: अब घर पर बनाएं बिना कड़वाहट वाली चटपटी सब्जी -
घर में क्लेश और बार-बार होने वाली बीमारियों के पीछे हो सकती है बुरी नजर, दूर करने के लिए अपनाएं ये वास्तु उपाय -
Bihari Style Crunchy Chivda Namkeen Recipe: चाय के साथ लें कुरकुरे स्नैक का मजा -
Telangana Formation Day: 2 जून को जन्मा था तेलंगाना; जानें कैसे संघर्षों से लिखी नए राज्य की कहानी -
IRCTC vs RailOne: टिकट बुक करने के लिए कौन सा ऐप है सुपरफास्ट? पीक ऑवर्स में भरोसेमंद कौन?
छोटे बच्चों को किस तरह शुरु करवाएं नॉन वेज खिलाना
छोटे बच्चों को कुछ भी पहले खिलाने में बड़ा ही डर सा लगता है। कई माता-पिता सोंचते हैं कि छोटी उम्र में बच्चों को नॉन वेज देना सही रहेगा या नहीं।
पर आपको बता दें कि नॉन-वेजिटेरियन खाना बच्चों की मांसपेशियों और प्रारम्भिक स्तर के प्रोटीन के विकास का अच्छा स्त्रोत है। लेकिन जन्म के पहले वर्ष आपके बच्चे का पाचन तंत्र इसे पूरी तरह पचाने में सक्षम नहीं होता है।
READ: ऐसे 10 आहार जो बनाएं बच्चे का दिमाग तेज
इसलिये आज हम आपको बच्चे को नॉन वेज आहार देने के कुछ नियम बता रहे हैं, तो ज़रा ध्यान दें...

1 अंडे से शुरुआत -
ये प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत हैं और आपके बच्चे के पाचन तंत्र के विकास के अनुकूल है। फिर भी ये आप बच्चे को तब तक नहीं दे सकते जब तक कि वो 9 माह का ना हो जाये। आपके बच्चे को नॉन-वेज खाना पचाने के लिए पाचन तंत्र का परिपक्व होना बेहद जरूरी है।

2 यदि मछली और चिकन देना है तो एक साल के बाद दें
यदि आप अपने बच्चे को मछ्ली और चिकन देना चाहते हैं तो बच्चे के 1 साल का होने तक का इंतजार करें। जब वह 13 या 14 माह हा हो जाये तब इसकी शुरुआत करें। लेकिन ध्यान रहे कि बच्चे को मछली और चिकन देने से पहले शोरबा या सूप के रूप में दें, शुरुआत में ही उसे चिकन के टुकड़े ना दें।

3 चिकन से पहले मछली दें
बच्चे को नॉन-वेज खाना देना शुरू करने से पहले ध्यान रखें कि उसे चिकन से पहले मछ्ली दें। इसका एक तरीका है जिसे आप फॉलो करें, पहले बच्चे को सूप या शोरबा दें, इसके बाद भाप में पका चिकन और सूप या शोरबा देने के 1 माह बाद बोइल्ड और ग्रिल्ड चिकन देना शुरू करें।

4 लाल मांस अभी ना दें
जहां तक लाल मांस का सवाल है, लैंब एक अच्छा विकल्प है बजाय कि सौसेज और रेड मीट के। लैंब के अलावा लाल मांस के अन्य विकल्पों में नाइट्रेट की मात्रा अधिक होती है जो कि आपके बच्चे के दिमागी विकास को प्रभावित कर सकता है। वैसे पाँच साल तक आप बच्चे को लाल मांस ना दे तो ही अच्छा है।

5 मीट को ज्यादा ना पकाए
बच्चे को जो मछ्ली या चिकन दें उसे ज्यादा ना पकाएं। उन्हें तीन साल तक स्टीम्ड, बॉयल्ड और ग्रिल्ड मांस ही दें।

6 इसकी मात्रा ज्यादा ना दें-
बच्चों को नॉन-वेज सप्ताह में दो बार ही दें। चूंकि ये पचने में कठिन है इसलिए मछ्ली और चिकन का ज्यादा सेवन आपके बच्चे की पाचन क्षमता को प्रभावित कर सकता है। मछ्ली और चिकन बच्चे को डिनर में दें ना कि लंच में क्यों कि इस समय उसे पचने का पूरा समय मिल जाएगा।

7 सही तरह पकाए-
अपने हाथों और मांस को पकाने से पहले अच्छों तरह धो लें। बच्चे के लिए प्रोसेस्ड मीट ना खरीदें।



Click it and Unblock the Notifications