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सावधान! बच्चों पर कार्टून के नकारात्मक प्रभाव
कार्टून देखने का अपना मज़ा और लाभ हैं परंतु बच्चों को लुभाने वाला यह कार्टून जब एक नशा बन जाता है तब बात अलग होती है। क्या आप जानते हैं कि कार्टून किस तरह बच्चों को प्रभावित करते हैं? अधिक जानने के लिए पढ़ें। कार्टून आजकल के बच्चों के दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बनते जा रहे हैं।
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अनेक अध्ययनों से पता चला है कि कार्टून देखने की आदत से बच्चों की काल्पनिक शक्ति पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। वे वास्तविक विश्व और वास्तविक जीवन से दूर होते जाते हैं।
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सोफ़े पर बैठकर कार्टून देखने से अच्छा है कि बाहर जाकर खेला जाए जिससे कुछ फायदा हो। यहाँ हम चर्चा करेंगे कि कार्टून किस प्रकार बच्चों पर प्रभाव डालते हैं।

भाषा का ख़राब विकास
अधिकतर कार्टून्स उचित शब्दों का उपयोग नहीं करते। इसके कारण आपका बच्चा भी उनका अनुकरण करता है। बात करने के बजाय वे अपने पसंदीदा कार्टून की तरह आवाज़ निकालना पसंद करते हैं। इस प्रकार कार्टून बच्चों को प्रभावित करते हैं।

नज़र की समस्या
कंप्यूटर या टैब से लगातार आने वाली उजली लाइट आपके बच्चे की आँखों के लिए अच्छी नहीं होती। इन स्क्रीन्स के सामने बहुत अधिक समय बिताने से आपके बच्चे की दृष्टि पर असर पड़ सकता है।

कम शारीरिक गतिविधियाँ
कार्टून केनाशे के कारण वे अधिक समय घर के अंदर बिताते हैं। वे बाहर खेलने के उत्साह को कभी समझ ही नहीं पाते। बाहर जाकर खेलने से उन्हें प्रकृति को समझने का मौका मिलता है तथा इससे वे सक्रीय और ऊर्जावान बने रहते हैं। कार्टून इस तरह भी बच्चों को प्रभावित करते हैं।

व्यवहार संबंधी समस्याएं
बच्चों में अलगाव और उदासीनता का एक प्रमुख कारण उनका कार्टून्स के सामने बहुत अधिक समय व्यतीत करना है। अपने आसपास होने वाली बातों को वे नहीं जानते। यह उनके सामाजिक व्यवहार को भी प्रभावित करता है।

खाने की गलत आदतें
वे बच्चे जिन्हें कार्टून देखने की आदत होती है वे केवल स्क्रीन के सामने ही खाना खाते हैं। यह भी एक प्रमुख कारण है जिससे बच्चों को खाने की गलत और अस्वास्थ्यप्रद आदतें लगती हैं। बच्चों को बचपन में खाने की जो आदतें लगती हैं वह पूरी उम्र उनको प्रभावित करती हैं।

कमज़ोर सामाजिक जीवन
कार्टून की आदत बच्चों के सामाजिक जीवन को प्रभावित करती है। वे अपनी उम्र के बच्चों के साथ खेलना पसंद नहीं करते तथा इसके कारण वे सामाजिक जीवन से अलग हो जाते हैं। जब भविष्य में उन्हें समाज के साथ घुलने मिलने का मौका आता है तो उन्हें परेशानी होती है।

हिंसा
मां बाप से ज़्यादा बच्चे आधुनिक होते हैं! कभी हमें भी टॉम जेरी पसंद आता था परंतु हमारे बच्चे कार्टून्स और वीडियो गेम्स के पीछे पागल हैं जो हिंसा पर आधारित होते हैं। यह कार्टून्स का बच्चों पर पड़ने वाला एक गंभीर प्रभाव है।



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