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अपने बच्चों को हेल्दी रखना है तो मानें ये एक्सपर्ट टिप्स
वीडियो गेम खेलना व जंक फूड खाना आज के बच्चों की आदत बन चुकी है। हम चाहें जितनी भी कोशिश कर लें इन चीज़ों से उन्हें दूर रखना नामुमकिन सा हो गया है। ऐसी अस्वस्थ आदते आपके बच्चे की सेहत को बिगाड़ सकती हैं तथा आपका बच्चा कमज़ोर या मोटापे का शिकार हो सकता है।
फिट रह कर हम बीमारियों से लड सकते हैं। कराटे, स्विमिंग व रन्निंग जैसी एक्टिविट्स आपके बच्चे की सेहत में सुधार ला सकती हैं एवं रोगों से लड़ने की क्षमता को भी बढाती हैं। इन खेलों की ओर अपने बच्चे के ध्यान को आकर्षित करें। आपकी मदद के लिए हमने नीचे कुछ सुझाव भी दिए हैं।

टिप 1
पढ़ाई के साथ-साथ अपने बच्चे को किसी अन्य एक्टिविटि में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उनकी रुचि एवं उनकी प्रतिभा के अनुसार किसी स्पोर्टस कोचिंग सेंटर में उनका दाखिला कराएं। इस तरह उनके स्वास्थ में सुधार होगा एवं वे तनाव मुक्त भी रहेंगे। बच्चों के लिए कम्प्यूटर गेम्स किस प्रकार हानिकारक होते हैं?

टिप 2
यदि माता-पिता शुरू से ही बास्केट बॉल या बैडमिंटन जैसे खेलों में रुचि रखते हैं तो अपने बच्चों को भी इस खेल का हिस्सा बनाएं। बच्चों की खेल-कूद में दिलचस्पी बढाने के लिए आज बहुत से माता-पिता खुद खेलना आरंभ कर चुके हैं। किशोर अवस्था के बच्चों के साथ अपने रिश्ते को मजबूत बनाने का यह एक अच्छा तरीका है।

टिप 3
यदि बच्चा गलती करे तो उसे ड़ांट कर सही राह दिखाना माता-पिता का हक है। जितने समय के लिए बच्चा इनडोर गेम्स खेलता है उतने ही समय के लिए उसे आउटडोर गेम्स भी खेलने चाहिए। बडो को ये बात समझाई जा सकती है लेकिन छोटों पर थोडी सी सख्ती बरतनी पड सकती है।

टिप 4
दोस्तों का साथ सबको अज़ीज होता है। यदि आपका बच्चा अकेले किसी क्लास में शामिल नहीं होना चाहता तो उसका कोई दोस्त आपकी इस मुश्किल का हल बन सकता है। हालांकि, इसके लिए आपको उसके माता-पिता से बात करनी होगी।

टिप 5
माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को किसी भी चीज़ या आदत से जुडे फायदे या नुकसान को अच्छे से समझाएं। बचपन में डाली गई सही आदते उनकी सेहत के रूप में झलकती हैं। अतः हम सब अपने बच्चों को बिस्तर पर पडे हुए नहीं बल्कि मैदान में खेलते हुआ देखना पसंद करते हैं।



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