बच्‍चों के लिए कम्‍प्‍यूटर गेम्‍स किस प्रकार हानिकारक होते हैं?

By Super

क्‍या आपका बच्‍चा, दिनों-दिन असामाजिक होता जा रहा है? क्‍या आपने उसके व्‍यवहार में अचानक से आये हुए बदलाव को देखा है? या वो छोटी-छोटी बातों पर हिंसक और अधीर हो जाता/जाती है?

अगर आपके सारे उत्‍तर हां में हैं ताे आपके लिए चिंता का विषय है। वर्तमान समय में बच्‍चों के इस तरह के व्‍यवहार के पीछे सबसे बड़ा कारण उनका इंटरनेट पर लगातार समय बिताना और कम्‍प्‍यूटर गेम खेलते रहना है। कई तरीकों से, कम्‍प्‍यूटर, बच्‍चे के व्‍यवहार को खराब कर सकता हैं।

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बच्‍चों के लिए कम्‍प्‍यूटर गेम्‍स क्‍यूं खराब होते हैं? वास्‍तव में, किसी भी चीज़ की लत खराब होती है। अगर एक बच्‍चा, अपने दोस्‍तों और परिवार वालों से ज्‍यादा समय कम्‍प्‍यूटर के सामने बैठकर बिताता है तो यह उसके शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर बुरा असर डालता है। इसके अलावा, वर्चुअल दुनिया से जुड़े रहने के कारण बच्‍चे, जीवन का वास्‍तविक चुनौतियों का सामना करने में असमर्थ रहते हैं।

इसके लिए सबसे अचछा उपाय है कि आप कुछ तरीकों से बच्‍चों के जीवन को बर्बाद होने से रोक लें। अगर आप इस आर्टिकल को पढ़ते हैं तो आपको जल्‍द ही समझ में अा जाएगा कि कम्‍प्‍यूटर गेम्‍स को लगातार खेलने से बच्‍चे का जीवन किस प्रकार तहस-नहस हो जाता है।

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इसलिए, बच्‍चे के द्वारा इस्‍तेमाल किए जाने वाले कम्‍प्‍यूटर में गेम न रखें या कम से कम और अच्‍छे गेम रखें। इंटरनेट पर उसके द्वारा किए जाने वाले कामों पर ध्‍यान दें, ताकि वह साइबर क्राइम का शिकार न बन पाएं। आइए जानते हैं कम्‍प्‍यूटर का अधिक इस्‍तेमाल बच्‍चे के लिए किस तरह हानिकारक है:

1. आंखों पर बुरा प्रभाव-

1. आंखों पर बुरा प्रभाव-

कम्‍प्‍यूटर के अधिक इस्‍तेमाल से आंखों पर बुरा असर पड़ता है। दृष्टि कम हो जाती है और आंखों में जलन व दर्द की समस्‍या भी होने लगती है।

2. श्रमदक्षता के विकास में समस्‍या-

2. श्रमदक्षता के विकास में समस्‍या-

लगातार कम्‍प्‍यूटर के सामने बैठे रहने से बच्‍चे की इरगोनोमिक यानि श्रमदक्षता के विकास में कमी आ सकती है। अगर आपके बच्‍चे को लगातार उंगलियों और हाथों में जलन व दर्द या ऐंठन रहती है और कमर आदि में दर्द होता है तो वह इस समस्‍या से ग्रसित हो चुका है। उसे कम से कम कम्‍प्‍यूटर पर बैठने दें।

3. मोटापे से ग्रसित होना-

3. मोटापे से ग्रसित होना-

लगातार कम्‍प्‍यूटर के सामने बैठे रहने से बच्‍चा, मोटा होने लगता है। यह एक प्रकार की बीमारी ही होती है, क्‍योंकि शरीर में लम्‍बे समय गतिविधि नहीं होती है। इसके कारण कई प्रकार की गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं।

4. व्‍यवहार में बदलाव-

4. व्‍यवहार में बदलाव-

लगातार कम्‍प्‍यूटर के सामने वक्‍त बिताने के कारण बच्‍चा, दूसरों के साथ सम्‍पर्क में नहीं आता है और उसके व्‍यवहार में अजीब सा परिवर्तन आ जाता है। इससे वह गुस्‍सैल हो जाता है।

5. असामाजिक होना-

5. असामाजिक होना-

वर्चुअल दुनिया के साथ मिलने पर बच्‍चे अक्‍सर असामाजिक हो जाते हैं क्‍योंकि वह उस दुनिया में अपने मन की करते हैं कोई रोकने वाला नहीं होता है लेकिन वास्‍तविक जीवन में सभी राय देते हैं, डांटते हैं जो बच्‍चे को पसंद नहीं आता है। ऐसे में वह असामाजिक हो जाता है।

6. नींद में कमी आना-

6. नींद में कमी आना-

इन दिनों यह समस्‍या सबसे ज्‍यादा देखने को मिलती है। जो बच्‍चे कम्‍प्‍यूटर के सामने ज्‍यादा समय बिताते हैं उनकी नींद में कमी आ जाती है और वो मुश्किल से सो पाते हैं। ऐसे में बच्‍चे को सोने से पहले गेम कतई न खेलने दें।

7. खराब शैक्षणिक प्रदर्शन-

7. खराब शैक्षणिक प्रदर्शन-

जो बच्‍चे ज्‍यादा से ज्‍यादा समय कम्‍प्‍यूटर के सामने बिताते हैं उनकी शैक्षणिक क्षमता पर बुरा असर पड़ता है, वो कक्षा में बुद्धु बच्‍चों में शामिल हो जाते हैं।

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