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आपका बच्चा भी चॉक और मिट्टी खाता है, कहीं उसे ये बीमारी तो नहीं!
अपने छोटे बच्चों को अक्सर चॉक, मिट्टी यहां तक की दीवार में पेंट की खुरचन खाते देखा होगा। कई बार कहने के बाद भी बच्चें इस आदत को छोड़ नहीं पाते हैं। और वो लगातार इसे खाते जाते हैं।
इसे पीका (PICA)ईटिंग डिसऑर्डर कहते हैं। इसे यह नाम एक पक्षी के नाम से मिला है जो कुछ भी खाने के लिए मशहूर है। ये समस्या न सिर्फ बच्चों में बल्कि वयस्कों में भी देखी जाती है। बच्चों में कुछ विशेष प्रकार के पौष्टिक तत्वों, जैसे-आयरन, ज़िंक आदि की कमी के कारण असामान्य चीज़ें खाने की लालसा उत्पन्न होती है। आइए जानते है इस डिसऑर्डर की वजह और कैसे इसे छुड़ा सकते हैं।

क्यों खाते हैं बच्चें चॉक और मिट्टी
छोटे बच्चों में मिट्टी खाना खून की कमी की निशानी है। इसका कारण बच्चों की खुराक सिर्फ दूध का सेवन होना है। हर चीज में दूध का मिश्रण होने से बच्चे में खून की कमी हो जाती है। बच्चों की खुराक में अन्न, दाल, सब्जियों की कमी होने से यह समस्या आती है।

कुपोषण
चॉक और मिट्टी खाने वाले बच्चें करीब एक से सात साल के आसपास के होते है। अगर आपके बच्चें की चॉक खाने की आदत नहीं छुड़ रही है तो मान लीजिए शरीर में कुछ खास तत्वों की कमी की पूर्ति के लिए वे ऐसा कर रहे हैं। इसलिए कुपोषण को बच्चो में पीका की एक वजह माना जा सकता है।

ऑटिज्म
कुछ बच्चों में ऐसा ऑटिज्म की वजह से होता है। ऑटिज्म का अर्थ है इन बच्चों का मानसिक विकास ठीक से नहीं हुआ है।

जिज्ञासा की वजह से
कई बार बच्चें ऐसा सिर्फ जिज्ञासापूर्ण भी करते हैं, आसपास के वातावरण को समझने के लिए वे हर चीज को मुंह में डालकर परखने की कोशिश करते हैं। लेकिन उम्र की बदलाव के साथ उनकी यह आदत छूटती जाती है।

कैसे छुड़ाए ये आदत
जब बच्चें में चॉक या मिट्टी खाने की आदत पड़ जाए तो बच्चे को उसकी इस आदत के लिए डांटना या मारना सही नहीं है। बच्चे को प्यार से समझाना ही सबसे अच्छा तरीका है। चॉक या मिट्टी खाने की आदत छुड़ाने के लिए सबसे पहले बच्चें की पूरी जांच कराए। कई बार पोषक तत्वों की कमी के चलते भी बच्चे मिट्टी खाने लगते हैं। डॉक्टर से बच्चे की संपूर्ण आहार की जानकारी लेकर बच्चों को पौष्टिक आहार दे।
रोज रात गुनगुने पानी के साथ बच्चे को एक चम्मच अजवायन का चूर्ण दें, इससे बच्चें की मिट्टी खाने की आदत छूट जाएगी। इसके अलावा बच्चे को हर रोज एक केला शहद के साथ मिलाकर खाने के लिए दें। कुछ दिनों में ही बच्चे में फर्क नजर आने लगेगा।

अगर ऑटिज्म की वजह..
अगर बच्चा ऑटिज्म की वजह से चॉक और मिट्टी खा रहा है तो बच्चे को बिहेवियर थेरपी के माध्यम से समझाना चाहिए कि ये चीजें सेहत के लिए कितनी खतरनाक है। इसके लिए आप किसी डॉक्टर की मदद भी ले सकती है।

ये हो सकती है दिक्कतें
जिन फूड में कोई न्यूट्रिशन वैल्यू नहीं होती है, उन्हें खाने से कई समस्या हो सकती है। चॉक और मिट्टी के सेवन से अंतड़ियों में अवरूद्धता और क्रॉनिक कब्ज़ की समस्या भी हो सकती है।
- बेज़ोर्स (जब बहुत सारी नहीं पचनेवाली चीज़ों पेट में इकट्ठा होना)
- संक्रमण (यदि व्यक्ति दूषित मिट्टी या जानवरों के मल का सेवन करता है)
- अंतड़ियों में अवरूद्धता
- लीड पॉइज़निंग (अगर किसी ने पेन्ट या लीड-पेन्ट डस्ट के अंतर्गत आनेवाली वस्तुओं का सेवन कर लिया हो)



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