Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
बड़ों की तुलना में बच्चों में लर्निंग स्किल होती है फास्ट, नई रिसर्च से पता चला
आपने ये देखा होगा कि बच्चे खुद से देखकर और प्रयोग करके अधिक सीखते हैं। वे इस बात को ऑबजर्व करते हैं कि बड़े उनसे क्या कहते हैं। स्पेशली वो लोग जो उसके ज्यादा करीब है। जैसे उनके पेरेंट्स, भाई-बहन जब बच्चे कुछ अनएक्सपेक्टेड खोजते हैं, तो वे सवाल पूछकर या दावों का टेस्टिंग करके ज्यादा जानने की कोशिश करते हैं। 6 साल से अधिक उम्र के बच्चों में चार और पांच साल की आयु के बच्चों की तुलना में अतिरिक्त जानकारी पाने की संभावना अधिक होती है। हालांकि, इस बात पर बहुत कम रिसर्च हुई है कि बच्चे बड़ों द्वारा कुछ चौंका देने वाली जानकारी देने के बाद जानकारी की तलाश क्यों करते हैं।

प्राइमरी स्कूल के बच्चे आपसे "ज्यादा होशियार"
अगर आपको कभी ये अहसास हुआ है कि आपके प्राइमरी स्कूल के बच्चे आपसे "ज्यादा होशियार" थे या कम से कम नई जानकारी और स्किल को तेजी से लेने में कैपेबल थे, तो 15 नवंबर 2022 को करेंट बायोलॉजी में एक नए रिसर्च से पता चलता है कि आप बिल्कुल सही हैं। नई रिसर्च एक रीजन भी पेश करती है। बच्चे और एडल्ट जीएबीए नामक एक ब्रेन मैसेंजर में डिफरेंस डिसप्ले करते हैं, जो नई सीखी चीजो को रोकता है।

टाइम ड्यूरेशन के अंदर अधिक चीजें सीखते है बच्चे
ब्राउन यूनिवर्सिटी के ताकेओ वातानाबे ने बताया कि "हमारे नतीजे बताते हैं कि प्राइमरी स्कूल की उम्र के बच्चे बड़ों की तुलना में दी गई टाइम ड्यूरेशन के अंदर अधिक चीजें सीख सकते हैं, जिससे बच्चों में सीखना अधिक कुशल हो जाता है।

विजुअल ट्रेनिंग के दौरान बच्चों में जीएबीए तेजी से बढ़ता है
उनके निष्कर्षों से पता चला है कि विजुअल ट्रेनिंग के दौरान बच्चों में जीएबीए तेजी से बढ़ता है जो ट्रेनिंग खत्म होने के बाद रहता है। ये बड़ों में GABA की कॉन्सन्ट्रेशन के विपरीत है, जो स्थिर रहा। रिजल्ट बताते हैं कि बच्चों का दिमाग इस तरह से ट्रेनिंग का जवाब देता है जिससे उन्हें नई शिक्षा को अधिक तेज़ी से और कुशलता से स्थिर करने की परमीशन मिलती है।

न्यूरोनल सिस्टम अस्पष्ट
वातानाबे कहा- "अक्सर यह माना जाता है कि बच्चे बड़ो की तुलना में अधिक स्किल सीखते हैं, हालांकि इस धारणा के लिए साइंटफिक सपोर्ट कमजोर रहा है, और अगर ये सच है, तो बच्चों में अधिक कुशल सीखने के लिए जिम्मेदार न्यूरोनल सिस्टम अस्पष्ट हैं। उत्तर खोजने के लिए GABA में अंतर एक स्पष्ट स्थान था। जबकि पिछले अध्ययन पहले से ही थे, शोधकर्ताओं ने नोट किया कि बच्चों में GABA को केवल एक समय-बिंदु पर मापा गया था। यह उस समय भी नहीं मापा गया था जिसका सीखने के मामले में कोई विशेष महत्व था।

कई क्षमताएं बड़ों की क्षमताओं से बेस्ट
वातानाबे ने कहा, "हालांकि बच्चों का दिमाग अभी पूरी तरह से मेच्योर नहीं हुआ है और उनके कई विहेवियरल और कॉगनेटिव फंक्शन बड़े लोगों की तरह कुशल नहीं हैं। सामान्य तौर पर बच्चे अपनी कैपेबिलिटी में बड़ो से बेहतर प्रदर्शन नहीं करते हैं।। "इसके विपरीत, बच्चे कम से कम कुछ डोमेन जैसे वीजुअल सीखने, बड़ों की क्षमताओं में बेस्ट हैं।
(Reference- ANI)



Click it and Unblock the Notifications
