Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
बड़ों की तुलना में बच्चों में लर्निंग स्किल होती है फास्ट, नई रिसर्च से पता चला
आपने ये देखा होगा कि बच्चे खुद से देखकर और प्रयोग करके अधिक सीखते हैं। वे इस बात को ऑबजर्व करते हैं कि बड़े उनसे क्या कहते हैं। स्पेशली वो लोग जो उसके ज्यादा करीब है। जैसे उनके पेरेंट्स, भाई-बहन जब बच्चे कुछ अनएक्सपेक्टेड खोजते हैं, तो वे सवाल पूछकर या दावों का टेस्टिंग करके ज्यादा जानने की कोशिश करते हैं। 6 साल से अधिक उम्र के बच्चों में चार और पांच साल की आयु के बच्चों की तुलना में अतिरिक्त जानकारी पाने की संभावना अधिक होती है। हालांकि, इस बात पर बहुत कम रिसर्च हुई है कि बच्चे बड़ों द्वारा कुछ चौंका देने वाली जानकारी देने के बाद जानकारी की तलाश क्यों करते हैं।

प्राइमरी स्कूल के बच्चे आपसे "ज्यादा होशियार"
अगर आपको कभी ये अहसास हुआ है कि आपके प्राइमरी स्कूल के बच्चे आपसे "ज्यादा होशियार" थे या कम से कम नई जानकारी और स्किल को तेजी से लेने में कैपेबल थे, तो 15 नवंबर 2022 को करेंट बायोलॉजी में एक नए रिसर्च से पता चलता है कि आप बिल्कुल सही हैं। नई रिसर्च एक रीजन भी पेश करती है। बच्चे और एडल्ट जीएबीए नामक एक ब्रेन मैसेंजर में डिफरेंस डिसप्ले करते हैं, जो नई सीखी चीजो को रोकता है।

टाइम ड्यूरेशन के अंदर अधिक चीजें सीखते है बच्चे
ब्राउन यूनिवर्सिटी के ताकेओ वातानाबे ने बताया कि "हमारे नतीजे बताते हैं कि प्राइमरी स्कूल की उम्र के बच्चे बड़ों की तुलना में दी गई टाइम ड्यूरेशन के अंदर अधिक चीजें सीख सकते हैं, जिससे बच्चों में सीखना अधिक कुशल हो जाता है।

विजुअल ट्रेनिंग के दौरान बच्चों में जीएबीए तेजी से बढ़ता है
उनके निष्कर्षों से पता चला है कि विजुअल ट्रेनिंग के दौरान बच्चों में जीएबीए तेजी से बढ़ता है जो ट्रेनिंग खत्म होने के बाद रहता है। ये बड़ों में GABA की कॉन्सन्ट्रेशन के विपरीत है, जो स्थिर रहा। रिजल्ट बताते हैं कि बच्चों का दिमाग इस तरह से ट्रेनिंग का जवाब देता है जिससे उन्हें नई शिक्षा को अधिक तेज़ी से और कुशलता से स्थिर करने की परमीशन मिलती है।

न्यूरोनल सिस्टम अस्पष्ट
वातानाबे कहा- "अक्सर यह माना जाता है कि बच्चे बड़ो की तुलना में अधिक स्किल सीखते हैं, हालांकि इस धारणा के लिए साइंटफिक सपोर्ट कमजोर रहा है, और अगर ये सच है, तो बच्चों में अधिक कुशल सीखने के लिए जिम्मेदार न्यूरोनल सिस्टम अस्पष्ट हैं। उत्तर खोजने के लिए GABA में अंतर एक स्पष्ट स्थान था। जबकि पिछले अध्ययन पहले से ही थे, शोधकर्ताओं ने नोट किया कि बच्चों में GABA को केवल एक समय-बिंदु पर मापा गया था। यह उस समय भी नहीं मापा गया था जिसका सीखने के मामले में कोई विशेष महत्व था।

कई क्षमताएं बड़ों की क्षमताओं से बेस्ट
वातानाबे ने कहा, "हालांकि बच्चों का दिमाग अभी पूरी तरह से मेच्योर नहीं हुआ है और उनके कई विहेवियरल और कॉगनेटिव फंक्शन बड़े लोगों की तरह कुशल नहीं हैं। सामान्य तौर पर बच्चे अपनी कैपेबिलिटी में बड़ो से बेहतर प्रदर्शन नहीं करते हैं।। "इसके विपरीत, बच्चे कम से कम कुछ डोमेन जैसे वीजुअल सीखने, बड़ों की क्षमताओं में बेस्ट हैं।
(Reference- ANI)



Click it and Unblock the Notifications