Latest Updates
-
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद -
कहीं आप प्लास्टिक राइस तो नहीं खा रहे आप? इन 5 आसान तरीकों से करें असली-नकली की पहचान -
Good Friday 2026: 'सब पूरा हुआ'... इन खास संदेशों और कोट्स के साथ अपनों को भेजें गुड फ्राइडे की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 3 April 2026: आज इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल -
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी
ईटिंग डिस्ऑर्डर का शिकार है बच्चा तो मिलते हैं ये संकेत
ईटिंग डिस्ऑर्डर जैसे कि एनोरेक्सिआ, बुलिमिआ, बिंजे ईटिंग 14 से 30 साल के उम्र के लोगों को बहुत प्रभावित कर रही है। सोशल मीडिया पर मोटे लोगों का मजाक उड़ाना उनके लिए मानसिक तनाव का कारण बनता जा रहा है।

हालांकि, सबकी नजर इस बात पर नहीं जा रही है कि वयस्क उम्र में ईटिंग डिस्ऑर्डर होने की शुरुआत बचपन से ही हो जाती है। बच्चे बहुत कम और चुनिंदा चीजें ही खाते हैं और यहीं से उनमें ईटिंग विकार की शुरुआत होती है। इससे बचने के लिए अपने बच्चे की खानपान संबंधित आदतों पर ध्यान दें।
ध्यान देना है जरूरी
ईटिंग डिस्ऑर्डर अकसर भावनात्मक तनाव का संकेत होता है जो कि आगे चलकर किसी बीमारी का रूप ले सकता है। इसलिए बहुत जरूरी है कि शुरुआत में ही इसकी वजह का पता लगाकर इसे दूर कर दिया जाए। अगर आपका बच्चा ईटिंग डिस्ऑर्डर से ग्रस्त है तो उसमें निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

भूख ना होते हुए भी खाने में रुचि लेना
अकसर बच्चे बाहर खेलने-कूदने में समय बिताते हैं लेकिन ईटिंग डिस्ऑर्डर से ग्रस्त व्यक्ति खाने में क्या बन रहा है, इस पर ध्यान देते हैं। अगर आपको अपने बच्चे में ऐसा कोई लक्षण दिख रहा है तो उसे नजरअंदाज ना करें।

वजन घटना या बढ़ना
टीएनज उम्र में वजन का संतुलित रहना बच्चे के सही विकास का संकेत है जो कि 20 की उम्र तक चलता है। हालांकि अगर आपके बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा है या एक जैसा ही बना हुआ है तो ये ईटिंग डिस्ऑर्डर का संकेत हो सकता है। डॉक्टर से बात करके इस समस्या की जड़ का पता लगाएं।

परिवार के साथ भोजन ना करना
कई बार बच्चों को कुछ ऐसा खाने पर मजबूर किया जाता है जो उन्हें पसंद ना हो। इस वजह से भी बच्चे अकेले खाना पसंद करते हैं ताकि वो अपनी मर्जी का कुछ भी खा सकें। अगर आपका बच्चा अकेले खाना खाता है या खुद खाना लेने की जिद करता है तो ये चेतावनी का संकेत हो सकता है।

बहुत चुनकर खाना
ईटिंग डिस्ऑर्डर को बहुत आसानी से पहचाना जा सकता है। आमतौर पर बच्चे हरी सब्जियां खाने से बचते हैं लेकिन अगर वो किसी एक फूड से जुड़ी सभी चीजों को खाने से मना कर दे तो ये ईटिंग डिस्ऑर्डर का संकेत हो सकता है। बच्चों का खाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर खाना भी सही नहीं है। ये सभी एनोरेक्सिआ के लक्षण हो सकते हैं। इसमें व्यक्ति अपने वजन और आहार को लेकर चिंता से घिर जाता है।



Click it and Unblock the Notifications











