Latest Updates
-
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स
बच्चा लेना है गोद तो जानें इसका तरीका और समझे कानूनी प्रक्रिया
शादी के बाद हर कपल की ख्वाइश होती है कि वो पेरेंट्स बन जाएं, लेकिन कुछ कपल्स ऐसे भी होते हैं, जिनकी ये तमन्ना पूरी नही हो पाती। किसी मेडिकल कंडीशन की वजह से दंपति माता-पिता बनने के सुख से महरूम हो जाते हैं। ऐस में वो कई अन्य प्रक्रियाओं का सहारा लेते हैं, जिसमें बच्चा गोद लेना भी शामिल है। लेकिन भारत में बच्चे को गोद लेने के लिए कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसके बाद बच्चा गोद लिया जा सकता है।
आइये जानते हैं कि बच्चा गोद कौन ले सकता और इसकी प्रक्रिया क्या है?

1.कोई शख्स किसी भी बच्चे को तभी गोद ले सकता है, जब उसकी अपनी खुद की कोई संतान ना हों। दंपति को बच्चा गोद लेने के लिए एक दूसरे की सहमति जरूरी है।
2.अगर महिला या पुरुष अविवाहित, तलाकशुदा या विधवा है तो वो अकेले ही बच्चा गोद ले सकती है।
3.अगर बच्चा किसी अनाथालय से गोद लेना है तो इसके लिए कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगान। जिसके बाद आप उस बच्चे के माता पिता हो जाएंगे और बच्चे की सारी जिम्मेदारी आपकी होगी। गोद लेने वाला बच्चे पिता-पिता की संपत्ति का उत्तराधिकार भी हो जाता है।
4.भारत सरकार ने गोद लेने की प्रक्रिया को आसान बनाया हुआ है, जिससे लोगों को अनाथ बच्चों को गोद लेने में परेशानी ना हो।
5.एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में बेटों से ज्यादा बेटियों को गोद लिया जा रहा है। सैंट्रल एडौप्शन रिसोर्स अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार, लड़कियों की संख्या अधिक है लड़कों से जिनको गोद लिया जाता है। आप ये बात बता दें कि बेटियों के गोद लेने के कानून सरकार के द्वारा थोड़े सख्त हैं। सिंगल पिता हैं तो वो बेटी गोद नहीं ले सकते। गोद लेने वाले माता-पिता कहते हैं, बेटी उनका सहारा बनेगी।

6.पहले सिर्फ पुरुष ही को ये हक था कि वो बच्चा गोद लेने के लिए अप्लाई कर सकते थे, लेकिन संसद ने निजी कानून (संशोधन) बिल 2010 पारित किया, इस के तहत गार्जियंस ऐंड वार्ड्स एक्ट 1890 तथा हिंदू गोद प्रथा तथा मेंटिनैंस कानून 1956 में संशोधन किया गया। राष्ट्रपति ने निजी कानून (संशोधन) बिल 2010 को मंजूरी प्रदान री।
इसके तहत महिलाएं भी बच्चा गोद लेने के लिए कानून अधिकारी हो गईं।
7.वहीं अगर कोई कोई पुरुष किसी लड़की को गोद ले चाहता है तो उस का उस लड़की से उम्र में 21 साल बड़ा होना जरूरी है। इसी तरह से कई महिला लड़के को गोद लेना चाहती है तो उसकी ऊम्र से 21 साल बड़ी होनी चाहिए।
8.आप कोई अनाथाश्रम की जगह किसी रिश्तेदार से बच्चा गोद लेना चाहता है तो इसके लिए उसके माता-पिता की अनुमति जरूरी है। अगर पिता जीवित न हो, पागल हो या विधर्मी हो तो अकेली मां की अनुमति ली जा सकती है। वहीं अगर बच्चे के मां-पिता दोनों ही नहीं है तोो अदालत के द्वारा बच्चा गोद लिया जा सकता है।
Image Courtesy- in.pinterest.com



Click it and Unblock the Notifications