Latest Updates
-
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
बच्चा लेना है गोद तो जानें इसका तरीका और समझे कानूनी प्रक्रिया
शादी के बाद हर कपल की ख्वाइश होती है कि वो पेरेंट्स बन जाएं, लेकिन कुछ कपल्स ऐसे भी होते हैं, जिनकी ये तमन्ना पूरी नही हो पाती। किसी मेडिकल कंडीशन की वजह से दंपति माता-पिता बनने के सुख से महरूम हो जाते हैं। ऐस में वो कई अन्य प्रक्रियाओं का सहारा लेते हैं, जिसमें बच्चा गोद लेना भी शामिल है। लेकिन भारत में बच्चे को गोद लेने के लिए कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसके बाद बच्चा गोद लिया जा सकता है।
आइये जानते हैं कि बच्चा गोद कौन ले सकता और इसकी प्रक्रिया क्या है?

1.कोई शख्स किसी भी बच्चे को तभी गोद ले सकता है, जब उसकी अपनी खुद की कोई संतान ना हों। दंपति को बच्चा गोद लेने के लिए एक दूसरे की सहमति जरूरी है।
2.अगर महिला या पुरुष अविवाहित, तलाकशुदा या विधवा है तो वो अकेले ही बच्चा गोद ले सकती है।
3.अगर बच्चा किसी अनाथालय से गोद लेना है तो इसके लिए कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगान। जिसके बाद आप उस बच्चे के माता पिता हो जाएंगे और बच्चे की सारी जिम्मेदारी आपकी होगी। गोद लेने वाला बच्चे पिता-पिता की संपत्ति का उत्तराधिकार भी हो जाता है।
4.भारत सरकार ने गोद लेने की प्रक्रिया को आसान बनाया हुआ है, जिससे लोगों को अनाथ बच्चों को गोद लेने में परेशानी ना हो।
5.एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में बेटों से ज्यादा बेटियों को गोद लिया जा रहा है। सैंट्रल एडौप्शन रिसोर्स अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार, लड़कियों की संख्या अधिक है लड़कों से जिनको गोद लिया जाता है। आप ये बात बता दें कि बेटियों के गोद लेने के कानून सरकार के द्वारा थोड़े सख्त हैं। सिंगल पिता हैं तो वो बेटी गोद नहीं ले सकते। गोद लेने वाले माता-पिता कहते हैं, बेटी उनका सहारा बनेगी।

6.पहले सिर्फ पुरुष ही को ये हक था कि वो बच्चा गोद लेने के लिए अप्लाई कर सकते थे, लेकिन संसद ने निजी कानून (संशोधन) बिल 2010 पारित किया, इस के तहत गार्जियंस ऐंड वार्ड्स एक्ट 1890 तथा हिंदू गोद प्रथा तथा मेंटिनैंस कानून 1956 में संशोधन किया गया। राष्ट्रपति ने निजी कानून (संशोधन) बिल 2010 को मंजूरी प्रदान री।
इसके तहत महिलाएं भी बच्चा गोद लेने के लिए कानून अधिकारी हो गईं।
7.वहीं अगर कोई कोई पुरुष किसी लड़की को गोद ले चाहता है तो उस का उस लड़की से उम्र में 21 साल बड़ा होना जरूरी है। इसी तरह से कई महिला लड़के को गोद लेना चाहती है तो उसकी ऊम्र से 21 साल बड़ी होनी चाहिए।
8.आप कोई अनाथाश्रम की जगह किसी रिश्तेदार से बच्चा गोद लेना चाहता है तो इसके लिए उसके माता-पिता की अनुमति जरूरी है। अगर पिता जीवित न हो, पागल हो या विधर्मी हो तो अकेली मां की अनुमति ली जा सकती है। वहीं अगर बच्चे के मां-पिता दोनों ही नहीं है तोो अदालत के द्वारा बच्चा गोद लिया जा सकता है।
Image Courtesy- in.pinterest.com



Click it and Unblock the Notifications
