Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व
आईवीएफ से जुड़े इन पांच मिथ्स को ना मानें सच
आईवीएफ या इन विट्रो फर्टिलाइजेशन जिसे कुछ समय पहले तक एक बहुत ही महंगा मेडिकल ट्रीटमेंट माना जाता था, वही अब निःसंतान जोड़ों के लिए एक उम्मीद की किरण बन चुका है। ऐसे कई कपल्स हैं, जो पैरेंट्स बनना चाहते हैं, लेकिन प्राकृतिक रूप से उनके लिए ऐसा कर पाना संभव नहीं होता है। ऐसे में वे आईवीएफ का सहारा लेते हैं। हालांकि, आज भी लोग आईवीएफ को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां अपने मन में पालते हैं, जिसके कारण वे सही समय पर इस तकनीक को नहीं अपनाते हैं और उनके लिए कॉम्पलीकेशन बढ़ती जाती है।
आईवीएफ प्रक्रिया में प्रयोगशाला में अंडे और शुक्राणु को फर्टिलाइज किया जाता है और फिर शुरुआती भ्रूण को गर्भाशय में फिर से डाला जाता है। जिसके कारण कपल्स का पैरेंट्स बन पाना संभव हो पाता है। लेकिन अगर आप भी इस उपचार को लेकर दुविधा में हैं तो चलिए आज इस लेख में हम आपको आईवीएफ से जुड़े कुछ मिथ्स व उनकी सच्चाई के बारे में बता रहे हैं-

मिथकः आईवीएफ केवल बांझ दंपतियों के लिए है
तथ्यः हालांकि आईवीएफ का उपयोग अक्सर ऐसी महिला की मदद के लिए किया जाता है जिसके लिए प्राकृतिक रूप से कंसीव नहीं कर सकती है। लेकिन हर बार ऐसा ही हो, यह जरूरी नही हैं। आप आईवीएफ का चयन कर सकती हैं यदि आपको या आपके साथी को कोई जेनेटिक डिसऑर्डर हो, जो आपके बच्चे की हेल्थ को प्रभावित कर सकता है। इतना ही नहीं, समलैंगिक जोड़े भी एक साथी के डीएनए का उपयोग करके बच्चा पैदा करने के लिए आईवीएफ का उपयोग कर सकते हैं। ऐसे मामले में, आपको प्रक्रिया को पूरा करने के लिए या तो दाता अंडे या दाता शुक्राणु की आवश्यकता होगी।
मिथकः आप किसी भी उम्र में आईवीएफ कर सकते हैं
तथ्यः कुछ कपल्स जल्द पैरेंट्स नहीं बनना चाहते हैं। उनकी यह सोच होती है कि बाद में वे आईवीएफ के जरिए पैरेंट बन जाएंगे। लेकिन जिस तरह एक महिला की उम्र बढ़ती है, उसकी प्रजनन प्रणाली भी कमजोर होती जाती है। यहां तक कि आईवीएफ के साथ भी, वह एक स्वस्थ भ्रूण बनाने के लिए पर्याप्त अंडे देने में सक्षम नहीं हो सकती है। इसके अलावा, बच्चे को गर्भ धारण करने के लिए उसका गर्भाशय बहुत कमजोर हो सकता है। ऐसे में आईवीएफ के सफल होने की संभावना काफी कम हो जाती है।
मिथक : यह बहुत अधिक महंगा है।
तथ्यः कुछ लोग पैरेंट्स तो बनना चाहते हैं, लेकिन आईवीएफ का ऑप्शन सिर्फ इसलिए नहीं चुनते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह बहुत अधिक महंगा है। ऐसे में केवल अमीर लोग ही इसे अफोर्ड कर सकते हैं। यकीनन आईवीएफ थोड़ा महंगा है लेकिन फिर भी अन्य सर्जिकल उपचारों की तुलना में कम खर्चीला है। ऐसे में आप यकीनन एक बार डॉक्टर से अवश्य मिलें और इसके बारे में चर्चा करें।

मिथकः फर्टिलिटी दवाओं से कैंसर होता है
तथ्यः आईवीएफ प्रक्रिया में अक्सर ओव्यूलेशन को प्रोत्साहित करने और कई एग रिलीज करने के लिए डॉक्टर आपको कुछ दवाएं लिख सकता है। लेकिन बहुत से लोग मानते हैं कि इससे कैंसर हो सकता है। जबकि यह पूरी तरह से एक मिथ है। डॉक्टर आपको वही दवाएं लिखते हैं, जो पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इसलिए आपको बेवजह परेशान होने की जरूरत नहीं है।
मिथकः बच्चा पैदा करने के लिए केवल आईवीएफ ही एकमात्र तरीका है
तथ्यः जो कपल्स बच्चे पैदा नहीं कर पाते हैं, उन्हें लगता है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए मात्र आईवीएफ ही एक तरीका है। अगर आप समलैंगिक जोड़े नहीं हैं या फिर आपको जेनेटिक कॉम्पलीकेशन नहीं हैं, तो ऐसे में जरूरी नहीं है कि आप सिर्फ आईवीएफ का ऑप्शन ही चुनें। आप चाहें तो कुछ सिंपल प्रक्रियाओं का भी सहारा ले सकते हैं। मसलन, सर्जरी या हार्मोन को संतुलित करने के लिए दवाओं की मदद ली जा सकती है।



Click it and Unblock the Notifications
