Latest Updates
-
सिर्फ 16 साल 2 महीने की निकली वायरल गर्ल मोनालिसा? जानें नाबालिग से शादी करने पर क्या है सजा -
कानपुर का लेदर है इटली तक मशहूर, कोई नहीं जानता 100 साल पुरानी सीक्रेट तकनीक -
कब मनाया जाएगा बंगाली नव वर्ष? जानें 'पोइला बैसाख' मुगल काल से क्या है कनेक्शन? -
Ambedkar Jayanti Quotes 2026: ‘नारी को शिक्षित करो' भीमराव अंबेडर जयंती पर शेयर करें उनके ये 20 विचार -
Baisakhi 2026 Wishes in Punjabi: बैसाखी पर भंगड़ा और गिद्दा के साथ अपनों को भेजें पंजाबी शुभकामनाएं -
सपने में शादी देखना क्या देता है संकेत? शुभ खबरी या किसी बदलाव का इशारा, जानें इसका मतलब -
बैसाखी पर गुड़ के टुकड़े का यह अचूक उपाय आपको बना सकता है मालामाल, जानें करने की सही विधि -
क्या होती है पार्किंसंस की बीमारी? जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय -
क्यों मनाई जाती है बैसाखी? जानें खालसा पंथ के '5 प्यारों' की कहानी, जिन्होंने हिलाई मुगलों की नींव -
Varuthini Ekadashi Vrat Katha: वरुथिनी एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा 10 हजार साल की तपस्या जितना फल
Ovulation Home Test: आप प्रेग्नेंसी कंसीव करने के लिए तैयार है? इन 3 तरीकों से घर बैठे ट्रैक करें ओव्यूलेशन
अगर आप कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं, तो आप ओव्यूलेशन पीरियड से जरुर वाकिफ होंगी। गर्भधारण करने में ओव्यूलेशन बहुत बड़ा रोल निभाता है ओव्यूलेशन के दौरान एक महिला का शरीर पूरी तरह फर्टाइल होता है। पीरियड्स से दो हफ्ते पहले का समय महिला के ऑव्यूलेशन का समय होता है। इस समय गर्भधारण करने का प्रयास करने से गर्भधारण के चांस 60 से 70 फीसदी होते हैं और कंसीव करने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इस आर्टिकल में आज हम आपको ओव्यूलेशन ट्रैकिंग करने के तीन आसान तरीकों के बारे में बता रहे हैं।

पीरियड डेट से ट्रैक करें
अगर आप कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं, तो आप ओव्यूलेशन पीरियड से जरुर वाकिफ होंगी। गर्भधारण करने में ओव्यूलेशन बहुत बड़ा रोल निभाता है ओव्यूलेशन के दौरान एक महिला का शरीर पूरी तरह फर्टाइल होता है। पीरियड्स से दो हफ्ते पहले का समय महिला के ऑव्यूलेशन का समय होता है। इस समय गर्भधारण करने का प्रयास करने से गर्भधारण के चांस 60 से 70 फीसदी होते हैं और कंसीव करने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इस आर्टिकल में आज हम आपको ओव्यूलेशन ट्रैकिंग करने के तीन आसान तरीकों के बारे में बता रहे हैं।

बेसल बॉडी टेम्परेचर (BBT) मॉनिटर करें
ओव्यूलेशन के बाद शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की बढ़ोतरी होती है। जिस वजह से शरीर का बेसल बॉडी टेम्परेचर यानी शरीर का बेसिक तापमान में बढ़ जाता है। पीरियड के बाद आपको हर सुबह अपना BBT चैक करना चाहिए और उसे एक डायरी में लिखकर नोट कर लेना चाहिए। प्रत्येक दिन तापमान को लिखना ओव्यूलेशन को मॉनिटर करने में मदद कर सकता है। क्योंकि ओव्यूलेशन के बाद बीबीटी बढ़ जाता है। ओव्यूलेशन से ठीक पहले, BBT अपने निम्नतम स्तर पर गिर जाता है और फिर ओव्यूलेशन के लगभग 2-4 दिनों के बाद 0.4 से 0.8 डिग्री तक बढ़ जाता है।
ओव्यूलशन स्ट्रिप
प्रेगनेंसी स्ट्रिप की तरह ही अब मार्केट में ओव्यूलेशन स्ट्रिप मिलती है। ओव्यूलेशन स्ट्रिप इस बात का पता लगाया जा सकता है कि आपके यूरिन में ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन की मौजूदगी है या नहीं। ओव्यूलेशन से 24 से 36 घंटे पहले आपके शरीर में ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। ओव्यूलेशन स्ट्रिप्स पर दो लाल रेखाएं नजर आए तो समझ लीजिए कि ओव्यूलेशन 24 से 36 घंटों में हो जाएगा। ओव्यूलेशन स्ट्रिप का इस्तेमाल दोपहर के मध्य में करने से अच्छे रिजल्ट मिलते है।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )



Click it and Unblock the Notifications











