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Parenting Tips : फोन पर रील्स और शॉर्ट्स देखने में घंटो गुजार देता है आपका बच्चा, इन टिप्स से छुड़ाए ये लत
Parenting Tips: आज मोबाइल में पूरी दुनिया सिमट सी गई है। एक मोबाइल ने 100 काम आसान कर दिए हैं। कई काम एक क्लिक पर हो जाते हैं। वहीं सोशल मीडिया आजकल बड़े हो या बच्चे सबके लिए मनोरंजन का साधन बन गया है। लेकिन ये मनोरंजन की आदत बच्चों पर भारी पड़ती जा रही है। मोबाइल पर गेम खेलना, रील्स देखना और शॉर्ट वीडियो देखने की आदत कई बच्चों में लत बन जाती है।
जो कि आज के परिदृश्य में बहुत ही सामान्य हो चुका है। आजकल बच्चे मोबाइल में वीडियो और रील्स देखते हुए घंटों गुजार देते है। अगर आपका बच्चा भी ऐसा कुछ करता है तो हम आपके लिए कुछ टिप्स लेकर आए हैं। जिसके जरिए आप अपने बच्चे के ये आदत छुड़ा सकते हैं।

बच्चे को कहीं और बिजी रखे
अगर आप अपने बच्चों की मोबाइल की लत को छुड़ाना चाहते हैं तो बच्चों का ध्यान बांटने के लिए उसे किसी क्रिएटिव एक्टिविटीज में बिजी रखें। ताकि आपका बच्चा प्रोडक्टिव बने। इसके लिए आप उसे फुटबॉल, बैडमिंटन, आर्ट एंड क्राफ्ट और स्वीमिंग जैसे क्लास में बिजी रखें। बच्चा पढ़ाई और इन क्लास से थक जाएगा, तो उसके पास मोबाइल देखने के लिए टाइम ही नहीं बचेगा। इस तरह से आप बच्चों को लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन से दूर रख सकते हैं।
थोड़ी सख्ती भी है जरूरी
बच्चों के साथ सख्ती अच्छी नहीं होती है लेकिन ज्यादा छूट देना भी अच्छा नहीं होता है। पैरेंट्स अगर बच्चे की मोबाइल की आदत को नजरअंदाज करेंगे, तो बच्चे इसके आदी बन जाएंगे। अगर पैरेंट्स बच्चों के मोबाइल टाइमिंग को कंट्रोल करेंगे और इसे लेकर थोड़ा सख्त बनेंगे, तो बच्चे मोबाइल पर कम समय गुजारेंगे।
बच्चे को समय दे
आजकल पैरेंट्स ज्यादात्तर वर्किंग होते हैं, तो बच्चों पर कम समय दे पाते हैं। नतीजन बच्चे दिनभर अकेलापन बांटने के लिए मोबाइल में समय बिताने लगते हैं। कब मोबाइल के लती हो जाते हैं पैरेंट्स और बच्चों को पता ही नहीं चलता है इसलिए पैरेंट्स को बच्चे के साथ क्वॉलिटी टाइम स्पेंड करना चाहिए।
बैठकर समझाएं
बच्चों का मन कच्चा होता है इसलिए ज्यादा डांटने से भी वो आपको गलत समझ सकता है। अगर आप उन्हें इसके नुकसान बताएंगे तो बच्चे इसे समझेंगे। बच्चे का मोबाइल के लिए एक समय फिक्स कर दें और इस बात का ध्यान रखें कि बच्चा ज्यादा मोबाइल फोन का इस्तेमाल ना करें। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका बच्चा मोबाइल पर क्या देख रहा है।



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