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ऑपरेशन के बाद मां की कैसी होनी चाहिये देखभाल
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आज भी प्रसवोत्तर मातृ मृत्यु दर सबसे अधिक है। इस अवधि में महिला को अपने पार्टनर और घर वालों से बातचीत करना चाहिए कि उसे आराम की सख्त जरूरत है और परिवारीजनों को भी उसका साथ देना चाहिए ताकि वह शारीरिक और भावनात्मक रूप से मजबूत हो सकें।
प्रसव के बाद, महिला का शरीर निचुड जाता है, उसके शरीर को दुबारा ताकतवर बनने में समय लग जाता है और ऑपरेशन में यह स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाती है। ऑपरेशन के बाद लगातार डॉक्टर से सम्पर्क में बने रहें ताकि वह जल्दी से जल्दी स्वस्थ हो पाएं। ऑपरेशन से हुए प्रसव के बाद कुछ स्वास्थ्य देखभाल टिप्स निम्म प्रकार हैं :

स्टेप : 1 यहां कुछ टिप्स दिए जा रहे है जो आपको बच्चे के जन्म के बाद हॉस्पिटल छोड़ने से पहले ध्यान में रखना चाहिए।
1) ऑपरेशन होने के बाद डॉक्टरी सलाह के अनुसार आप धीमे और कम चलें। जहां भी जाना हो, हल्के - हल्के कदम बढ़ाएं।
2) डॉक्टर की सभी सलाह को ध्यान से सुन लें। आप चाहें तो डॉक्टर से इसके साइड इफेक्ट और बच्चे पर होने वाले असर के बारे में भी पूछ सकती हैं। अपने डाइट प्लान के बारे में भी सलाह ले लें।
3) डिलीवरी के बाद लगभग 6 सप्ताह तक लगातार ब्लीडिंग होती है, इस दौरान आप लगातार पैड चेंज करती रहें, वरना इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। वैसे हॉस्पिटल पैड देते है लेकिन अगर ऐसी सुविधा नहीं है तो खुद प्रबंध कर लें।
4) अगर आप बैठना पसंद करती है तो रॉकिंग चेयर पर कुछ समय बिताएं, इससे काफी जल्दी रिकवरी होती है और आपको दर्द से भी निजात मिलेगा।
स्टेप : 2 - हॉस्पिटल से घर आने के बाद इन टिप्स पर ध्यान दें।
1) धीमे चलें। भारी वजन उठाने की कोशिश न करें। कम से कम 6 सप्ताह तक कोई भारी वजन नहीं उठाएं, वरना टांके फूलने और उनमें दर्द होने का ड़र रहता है। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
2) पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। अपनी बॉडी को डिहाइड्रेट होने से बचाएं। ज्यादा पानी पीने से कब्ज की समस्या नहीं होती है जिससे आराम रहता है।
3) घर में ही थोड़ा - थोड़ा टहलें।
4) ऑपरेशन के बाद बुखार आने पर डॉक्टर को दिखा लें। अगर आपको टांकों में भी कोई दर्द होता है तब भी डॉक्टर को दिखाएं।
5) टांकों को कटने तक भीगने से बचाएं। नहाते समय उन पर पानी न पड़ने दें।
6) ऑपरेशन के 4 सप्ताह तक ड्राईविंग करने से बचें।
7) ऑपरेशन होने के कुछ सप्ताह बाद तक सेक्स करने से बचें। इस दौरान बच्चे को ज्यादा से ज्यादा समय दें और उसके साथ एक इमोशनल बॉन्ड बनाएं। इस तरह आपको भी अच्छा लगेगा।



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