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स्तनपान करवाने वाली महिलाएं कैसे रखें रोजे?
रमजान वह समय होता है जब मुस्लिम शाम से भौर तक भूखे रहते हैं। भूखे रहने का मतलब यह नहीं होता कि आप केवल भोजन से वंचित रहेगें बल्कि इसमें पानी पीने की भी मनाही है। शाम के समय इफतार के वक्त लोग नमाज कर के अपना उपवास खोलते हैं। ऐसा करना शरीर के लिये भारी पड़ सकता है लेकिन यह यन महिलाओं की सेहत बिगाड़ सकता है जो गर्भवती हैं या फिर स्तनपान करवाती हैं।
कई गर्भवती महिलाएं रोजा नहीं रखती मगर कुछ दूध पिलाने वाली महिलाएं रोजे रखने से पीछे नहीं रहती। यह काफी घातक हो सकता है क्योंकि स्तनपान करवाना खुद में ही काफी ऊर्जा घटा देने वाली चीज होती है। रमज़ान के दौरान रोज़े रखने का महत्व
रमजान के समय ऐसे कई टिप्स हैं जो आप रोजा रखते वक्त अपना सकती हैं। दूध पिलाने वाली माताओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि वह क्या खा रही हैं क्योंकि यह सीधे तौर पर आपके बच्चे पर असर डालता है।

स्तनपान करवाने वाली महिलाएं कैसे रखें रोजे?
1. तरल पेय - जब बात तरल पेय पीने की आती है तब आपको रोजा रखते वक्त कॉफी और कोल्ड्रिंक बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिये, क्येांकि कॉफी शरीर से पानी सोखता है। दूसरी ओर रात को सोने से पहले ज्यादा पानी न पियें।
2. खाने की आदत- इस दौरान तेल-मसाले वाला भोजन ना करें। ताजे फल और सब्जियां जितनी खा सकती हैं , उतनी खाएं। हो सके तो दूध से तैयार आहार ना लें। खूब सारा पौष्टिक आहार खाएं जिससे शरीर में दूध बन सके।
3. काम-काज - दूध पिलाने वाली माताओं को अगर रोजा रखना है तो उन्हें चाहिये कि वह घर का तथा खाना पकाने का सारा काम रात में ही कर लें। अगर हो सके तो इस कार्य में अपने परिवारजन का साथ जरुर मांगे। जितना हो सके खुद के आराम करने का समय निकालें। हो सके तो ज्यादा समय घर पर बिताएं।
4. नमाज- दुआ पढ़ने से मन को शांति मिलती है। अपने दिन का कार्यक्रम ऐसे बनाएं कि आपको नमाज पढ़ने के साथ ही थोड़ा सोने का समय मिल सके। अगर आप किसी बात से चिंतित हैं या आप किसी पर गुस्सा है तो , मन को शांत करने के लिये दुआ पढ़े, इससे आपके मन को शांति प्राप्त होगी।



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