डिलीवरी के बाद सेक्‍स करना क्‍यों हो जाता है दर्दनाक?

एक शिशु को जन्‍म देने के दौरान एक महिला को कई तरह के बदलावों से होकर गुजरना पड़ता है। शिशु के जन्‍म के बाद भी महिलाओं की चुनौतियां खत्‍म नहीं होती है। महिलाओं को फिर से एक्टिव और डेली रुटीन में आने में समय लग जाता है, जैसे कि सेक्‍स लाइफ की ही बात कर लीजिए। बच्‍चे के जन्‍म के बाद सेक्‍स करना आसान नहीं होता है, डिलीवरी के बाद सेक्‍स करना काफी दर्द भरा हो सकता है।

कई बार तो घिन भी लगती है क्‍योंकि प्रसव के बाद ब्‍लीडिंग होती है जो कि लगातार दो से तीन हफ्तों तक होती रहती है। अक्‍सर महिलाएं भी इस बात को लेकर चिंतित रहती है लेकिन ये समझना बहुत जरुरी है कि आखिर डिलीवरी के बाद सेक्‍स के दौरान किन कारणों से दर्द होता है? आइए जानते है इन कारणों के बारे में।

वजाइना में होता है दर्द

वजाइना में होता है दर्द

नॉर्मल डिलीवरी के दौरान बर्थ के समय वैक्यूम फोर्स के दौरान महिला को भारी दर्द से गुजरना पड़ता है। वैसे तो वजाइना को पूरी तरह से ठीक होने में कम से कम छह हफ्ते तो लगते ही है। डिलीवरी के छह महीने के बाद भी कभी कभी दर्द रह जाता है। कभी कभी तो वजाइना का टिशु इतना टाइट हो जाता है कि इंटरकोर्स करना मुश्किल हो जाता है।

सी सेक्‍शन के वजह से

सी सेक्‍शन के वजह से

अगर आपकी डिलीवरी सी-सेक्‍शन की जरिए हुई है तो छह महीने तक आप सेक्‍स लाइफ को भूल जाइए। क्योंकि अक्सर सी-सेक्शन के कारण बॉवेल प्रॉबल्म, ब्लाडर प्रॉबल्म सेक्स को दर्दनाक बना सकता है। अगर आप इस दौरान सेक्‍स करना चाहे भी तो दर्द के सिवाय मिलेगा कुछ नहीं।

 सेक्स की इच्छा में कमी-

सेक्स की इच्छा में कमी-

डिलीवरी के बाद शारीरिक कमजोरी की वजह से भी महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा में कमी आ जाती है। ऐसे में जबरदस्ती सेक्स करना दर्दभरा हो सकता है।

वजाइना ड्राईनेस-

वजाइना ड्राईनेस-

सेक्‍स के बाद दर्द होने का सबसे बड़ा कारण वजाइना ड्रायनेस होता है क्‍योंकि डिलीवरी के बाद हॉर्मोन में बदलाव होने के कारण रैशेज़, खुजली, सूजन, यूटीआई आदि होता है जिसके कारण इंटरकोर्स के दौरान बहुत दर्द होता है।

 थकान की वजह से

थकान की वजह से

डिलीवरी के बाद एक मां का पूरा समय बच्‍चें की देखरेख में निकल जाता है। जिसकी वजह से वो अपने लिए समय नहीं निकाल पाती है। ऐसे में अक्सर थकान के कारण भी सेक्स करने से दर्द महसूस होता है।

 ब्रेस्टफीडिंग की वजह से भी

ब्रेस्टफीडिंग की वजह से भी

शायद आपको नहीं मालूम होगा कि दिन भर बच्चे को ब्रेस्टफीड या स्तनपान करवाने के बाद भी अक्‍सर मांओं में थकान या हार्मोनल बदलाव के कारण सेक्स की इच्‍छा में कमी आने लगती है।

पोस्टपार्टम डिप्रेशन-

पोस्टपार्टम डिप्रेशन-

पोस्टपार्टम डिप्रेशन के कारण मूड ऑफ ही रहता है, जिसके कारण महिलाओं का स्विंग मूड होता रहता है। अगर इसके बावजूद आप सेक्स करने जा रहे हैं हो सकता है वह दर्द भरा हो।

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