Latest Updates
-
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जानें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के बारे में सबकुछ -
CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने के बाद शबाना आजमी को हुआ स्वाइन फ्लू, जानें इस बीमारी के लक्षण और बचाव के उपाय
माताओं में डिप्रेशन का एक कारण - गरीबी

शोधकर्ता ओलिविया गोल्डन कहती हैं, "एक ऐसी मां जो सुबह सोकर उठने के साथ ही बहुत ज्यादा दुखी होती है वह अपने बच्चे की व्यवहारिक आवश्यकताओं की बहुत ज्यादा देख-रेख नहीं कर सकती।" उन्होंने कहा, "यदि वह अपने बच्चे से बात न कर सके, उसके साथ खेल न सके, उसे देखकर खुश न हो तो इसका असर बच्चे के विकास पर पड़ता है। मस्तिष्क विकास रिपोर्ट बताती है कि ये मातृत्व के ऐसे लक्षण हैं तो बच्चों के सफल विकास के लिए जरूरी है।"
अमेरिकी शोधकर्ताओं का कहना है कि गरीबी और मां के तनाव और अवसाद से जूझने के कारण इन बच्चों को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते और अधिकांश बच्चे कुपोषण का शिकार होते हैं। समाचार पत्र 'द वाशिंगटन पोस्ट' ने 'अर्बन इंस्टीट्यूट' के शोधकर्ताओं के हवाले से बताया है कि गरीबी में जन्म लेने वाले नौ नवजातों में से एक की मां अवसादग्रस्त होती है और ऐसी माताएं अन्य माताओं की तुलना में अपने शिशु को अल्प समय के लिए स्तनपान कराती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अवसादग्रस्त माताओं में से केवल 30 प्रतिशत ही अपनी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के लिए मनोचिकित्सक से संपर्क करती हैं। बची हुई 70 प्रतिशत महिलाओं को इससे निकलने के लिए मदद की जरूरत है। सभी आय वर्गो की माताओं में अवसाद सामान्य है, 41 प्रतिशत महिलाओं में इसके सामान्य लक्षण होते हैं जबकि सात प्रतिशत में इसके गंभीर लक्षण होते हैं।'अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स' के मुताबिक बच्चों को पहले एक वर्ष स्तनपान कराया जाना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications