गर्भवती महिलाओं के लिए त्वचा की देखभाल के टिप्स

By Super

गर्भावस्था एक ऐसा समय है जब किसी महिला के शरीर में महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं। हार्मोन के उतार-चढ़ाव इतने होते हैं कि इनका असर शरीर की सबसे कमज़ोर और बाहरी परत यसनि त्वचा पर दिखाई देता है। गर्भावस्था के दौरान सभी कॉस्मेटिक उत्पाद अनुकूल नहीं होते हैं और कुछ ऐसे तत्व होते है जो होने वाली माँ अथवा गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए, आपको अपनी त्वचा के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

त्वचा की देखभाल के ये तरीके आपको उन कारकों से परिचित कराएंगें जो गर्भावस्था के दौरान आपको प्रभावित कर सकते हैं और सही स्किन केयर उत्पाद चुनने के लिए पाँच विशेष सुझाव इस प्रकार हैं-

धूप से बचें

धूप से बचें

गर्भवती महिलाओं के हार्मोन में अनेक उतार-चढ़ाव होते हैं जो उनकी त्वचा को संवेदनशील बनाते हैं। परिणामस्वरूप, उनकी त्वचा पर काली और पिग्मेंटेशन होने का खतरा बढ़ जाता है। हार्मोनल असंतुलन से बचना व्यवहारिक नहीं है लेकिन निश्चित तौर पर आप धूप में जाने से बच सकते हैं। घर पर रहने की कोशिश करें और जब भी बाहर जाएं, खुद को ढककर जाएं। टोपी पहनना अपने चेहरे को धूप से बचाने का एक अच्छा तरीका है।

 सन ब्लॉक का इस्तेमाल करें

सन ब्लॉक का इस्तेमाल करें

सन एक्सपोज़र से पूरी तरह बचना संभव नहीं है। कार और घर के अंदर खिड़की से आने वाली धूप भी आपकर त्वचा को नुकसान पहुँचा सकती है। इसलिए, डर्मेटोलोजिस्ट कम से कम एसपीएफ 30++ युक्त सन ब्लॉक क्रीम का उपयोग करने का सुझाव देते हैं। एसपीएफ 30 यूवीबी धूप से संबंधित है जबकि ++ यूवीए धूप से संबंधित है। व्यापक स्पेक्ट्रम सन प्रोटेक्शन की सहायता से त्वचा को इन दोनों प्रकार की धूप से बचाने की आवश्यकता है। सन ब्लॉक का प्रभाव होने में लगभग 30 मिनट लगते हैं, इसलिए, सुबह के समय तेज़ धूप निकलने से पहले इसे लगाना सबसे अच्छा होता है। इसके बाद हर 3-4 घंटे बाद इसे लगाना न भूलें ताकि इसका प्रभाव खत्म न हो जाए।

घर पर रसायनों से दूर रहें

घर पर रसायनों से दूर रहें

गर्भवती महिलाओं को एलर्जी करने वाले तत्वों से दूर रहना चाहिए जो उन्हें और उनके होने वाले बच्चे को नुकसान पहुँचा सकते हैं। यह सुनिश्चित कर लें कि उपयोग किए जाने वाले उत्पाद सुरक्षित हो और उनका बच्चे पर कोई बुरा प्रभाव न हो। अपने डर्मेटोलोजिस्ट की सलाह के बिना हाइड्रोक्यूनोन, स्टेरॉयड और अन्य हानिकारक ब्लीचिंग एजेंट आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ये उत्पाद सामान्यत: पर पिग्मेंटेशन को दूर करने के लिए उपयोग किए जाते हैं और आमतौर पर चिकित्सक की सलाह के बिना ही काउंटर से खरीदे जाते हैं। इन उत्पादों से होने वाले साइड इफेक्टस के कारण यह खतरनाक हो सकता है।

अल्फा-हाइड्रोक्सी एसिड का उपयोग करें

अल्फा-हाइड्रोक्सी एसिड का उपयोग करें

अल्फा-हाइड्रोक्सी एसिड गर्भवती महिलाओं के लिए पिग्मेंटेशन से बचने के लिए सबसे सुरक्षित उत्पादों में से एक है। ये प्राकृतिक उत्पाद हैं और ग्लायकोलिक एसिड और लैक्टिक एसिड होने के कारण सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। ग्लायकोलिक एसिड गन्ने से बनाया जाता है और लैक्टिक एसिड दूध से प्राप्त होता है। ये पिग्मेंटेशन को प्रभावशाली तरीके से दूर करते हैं, हालांकि, इसके साथ धूप से बचना भी ज़रूरी है। इसके अलावा, जलन को रोकने के लिए ग्लायकोलिक एसिड और लैक्टिक एसिड के मिश्रण का उपयोग करें, क्योंकि लैक्टिक एसिड को मॉइस्चराइजर कमाना जाता है।

 डर्मेटोलोजिस्ट के पास जाएं

डर्मेटोलोजिस्ट के पास जाएं

हाने वाली माँ होने के नाते, आपको किसी भी प्रकार के स्किन रैश, खुजली वाली त्वचा या अन्य किसी भी त्वचा संबंधी समस्या के प्रति सतर्क होना चाहिए। जैसे ही आप ऐसे किसी लक्षण को नाटिस करें, तुरंत किसी त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। एक विशिष्ट चिकित्सक से अपनी जाँच करवाकर अपनी और अपने बच्चे की मदद करें।

Story first published: Saturday, October 5, 2013, 14:39 [IST]
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