गर्भावस्‍था के दौरान मछली के सेवन में बरतें सावधानी

By Super

इसमें कोई संदेह नहीं है कि मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है और इसमें प्रोटीन भी खूब पाया जाता है। गर्भवती होने की स्थिति में महिलाओं को लगता है कि मछली के भरपूर सेवन से उनके बच्‍चे को सभी आवश्‍यक पोषक तत्‍व मिल जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। मछली का अपर्याप्‍त सेवन और सही तरीके से सेवन न करने से गर्भवती महिला को कोई लाभ नहीं होने वाला है। कुछ मछलियों में ऐसे पोषक तत्‍व होते हैं जो आपके बच्‍चे के‍ लिए आवश्‍यक नहीं है और उनसे बच्‍चे के विकास पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है।

आजकल मछलियां, गंदे समुद्री पानी में रहती हैं, जहां कई औद्योगिक कम्‍पनियों का कचरा जाता है और मछलियों में जहरीले पोषक तत्‍व समा जाते है, ऐसे में उनका सेवन फायदे से ज्‍यादा नुकसान करता है। इनमें ऐसे तत्‍व समा जाते है जो बच्‍चे के नर्व सिस्‍टम को फेल भी कर सकते हैं। मछली खाने के फायदे

अगर आपको मछली का सेवन करना है, तो सप्‍ताह में सिर्फ एक बार ही कम मात्रा में करें और मछली को स्‍थानीय लोगों से खरीदें जो रोज पकड़ कर लाते हों, ताकि वह रखी हुई न हों और कम विषैले तत्‍वों वाली हों। मछलियों को खाते समय निम्‍म बातों पर ध्‍यान दें:

Be cautious while eating fish

गर्भावस्‍था के दौरान मछली के सेवन में बरतें सावधानी

1. मछली को अच्‍छे से पकाएं। बिलकुल भी कच्‍चा न रखें। अधपकी या कच्‍चाी मछली में बैक्‍टीरिया जीवित रहते हैं जिससे आपके शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। पत्नी का हुआ है गर्भपात तो कैसे संभाले उसे

2. समुद्र से आई मछलियों का सेवन करने से बेहतर है कि आपपास के तालाब या नदी से पकड़ी जाने वाली मछलियों को स्‍थानीय लोगों से खरीदें। स्‍वार्डफिश,किंग मैककेरल और शार्क का सेवन करने से गर्भावस्‍था के दौरान बचना चाहिए। तालाब की रोहू, कातला और हिल्‍सा अच्‍छी होती हैं।

3. कैन में रखी हुई मछली का सेवन करने से बचें, इनमें प्रिजवेर्टिव होता है।

4. आखिरी लेकिन जरूरी : अगर आपको ओमेगा-3 ही चाहिए तो दही, बीन्‍स और अंडे का सेवन करें, वो ज्‍यादा लाभप्रद होगा।

Story first published: Thursday, September 11, 2014, 9:05 [IST]
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