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गर्भवती महिलाएं कैसे निपटें मूत्राशय के संक्रमण से
एक महिला के लिये गर्भावस्था एक बेहद ही खूबसूरत पल है। एक गर्भवती महिला इस समय अपने ऊपर बहुत ध्यान देती है मगर कुछ बीमारियां उसका कभी भी पीछा नहीं छोड़ती जैसे की यूटीआई यानी की मूत्राशय में संक्रमण। पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मूत्रमार्ग छोटा होता है, इसलिए उनमें मूत्राशय संबंधी बीमारियां होने का खतरा अधिक रहता है।
यूटीआई वैसे तो किसी भी उम्र की महिला में हो सकती है लेकिन नवविवाहित और गर्भवती महिलाओं में यह आम तौर पर देखने को मिलती है। एक तो गर्भावस्था और ऊपर से यूटीआई की बीमारी, यह गर्भवती महिला के लिये बहुत ही कंष्टकारी हो जाता है। पानी कम पीने से महिलाओं को हो सकता है मूत्राशय में संक्रमण
चिकित्सक प्रतिदिन कम से कम 12 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं, ताकि मूत्र के जरिए संक्रमण आदि को लगातार शरीर से बाहर निकाला जा सके तथा मूत्र को गाढ़ा होने से बचाया जा सके। आइये जानते हैं कि मूत्राशय के संक्रमण के समय गर्भवती महिला को कौन-कौन सी सावधानी रखनी चाहिये।

खूब सारा पानी पियें
अगर आप प्रेगनेंट हैं और आपको यह संक्रमण हो चुका है तो, खूब सारा पानी पीजिये। इससे आपको बार बार पेशाब लगेगी और आपके अंदर का बैक्टीरिया साफ हो जाएगा।

खुद से दवा ना लें
प्रेगनेंसी में खुद से दवा बिल्कुल भी नहीं लेनी चाहिये नहीं तो इससे पेट में पल रहे शिशु को हानि हो सकती है। हमेशा डॉक्टर की सलाह से दवाई खानी चाहिये।

पेशाब ना रोकें
प्रेगनेंसी में पेशाब कई बार लगती है मगर कई औरते इसे रोक लेती हैं। आपको पेशाब बिल्कुल भी नहीं रोकनी चाहिये। अगर पेशाब लगती है तो सारा काम छोड़ कर जाएं।

सफाई रखें
प्रेगनेंट महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है इसलिये उन्हें यूरीन इंफेक्शन के चांस बहुत ज्यादा होते हैं। हमेशा साफ सफाई का ध्यान रखें और हो सके तो एक बाथरूम में जाने से हमेशा बचें।

सुझाव
अगर यह समस्या आ पड़ी है तो, आपको कॉपी, शराब और तीखा खाना तुरंत ही बंद कर देना चाहिये। पेट पर गरम पानी की बोतल से सेंकना चाहिये।



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