आप प्रेग्‍नेंट हैं! इन संकेतों से जानिए कहीं आपके पेट में जुड़वा तो नहीं!

जब भी कोई महिला गर्भवती होती है तो उसके मन में पहला सवाल आता है कि कहीं उसके गर्भ में जुड़वा बच्‍चें तो नहीं है? जब किसी महिला के प्रेग्‍नेंसी के दौरान जुड़वा बच्‍चें होते है तो खुशियां भी दोहरी हो जाती है। प्रेग्‍नेंसी के दौरान जुड़वा बच्‍चों वाली गर्भवती को खास ध्‍यान रखना होता है। हर चीज डबल हो जाती है, चाहे वो खाना पीना हो या एक्‍स्‍ट्रा केयर।

What are the symptoms of twins in first trimester?

जुड़वां गर्भधारण सामान्य गर्भधारण से काफी अलग हैं। जुडवां गर्भधारण में समय से पहले डिलिवरी और जन्म के समय बच्चे के वजन कम होने की अधिक संभावना होती है। आइए जानें कि जुड़वा बच्चों की गर्भवती के शुरूआती लक्षण क्या-क्या है।

 मॉर्निग सिकनेस

मॉर्निग सिकनेस

जुड़वा बच्चों के साथ गर्भवती महिला के प्रारंभिक लक्षण में मॉर्निग सिकनेस बहुत ज्यादा होती है। 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं अपनी गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में ही मतली और जी मिचलाना का अनुभव शुरू कर देती हैं। महिला जिनके जुड़वा बच्चे होने वाले है अन्य गर्भवती महिलाओं की तुलना में मॉर्निग सिकनेस का अनुभव अधिक करती है।

ब्लीडिंग और स्पोटिंग

ब्लीडिंग और स्पोटिंग

एक महिला जो जुड़वा बच्चों के साथ गर्भवती है उसको स्पोटिंग और ब्लीडिंग होने की संभावना अधिक होती है। अगर आप गुलाबी और भूरे रंग के धब्बे नोटिस करते है तो यह अत्यंत सामान्य बात है। यदि आपके ब्लीडिंग हो रही है और साथ में बुखार और लाल खून के धब्बे नहीं है तो डरने की कोई बात नही हैं।

वजन

वजन

जुड़वां गर्भावस्था में वजन सामान्य गर्भावस्था की तुलना में अधिक होता है क्योंकि आपके दो बच्चे, दो प्लासन्टा और अधिक एमनियोटिक द्रव के साथ होते है। एक औसत गर्भावस्था में सामान्य वजन 25 पाउंड होता है जबकि जुड़वां गर्भावस्था में यह 30 से 35 पाउंड के बीच हो सकता हैं।

माँ कि उम्र:

माँ कि उम्र:

जुड़वां या अधिक बच्चे पैदा होने की संभावना बढ़ती उम्र के साथ बढ़ जाती है। वे महिलाये जिनकी उम्र 35 या उससे अधिक है वो FSH हार्मोन को कम उम्र कि महिलाओ कि अपेक्षा ज्यादा मात्रा में बना सकती है। यह हार्मोन अंडाशय ओवुलेशन के लिए अंडे को रिहा करने की अनुमति देता है। जितना ज्यादा हार्मोन का लेवल होगा उतने ही अंडे ओवुलेशन के लिए निकलेंगे और फलस्वरूप उतनी ही मात्रा में भूर्ण का निर्माण होगा।

आनुवांशिकता:

आनुवांशिकता:

अगर पति या पत्नी में से कोई स्वयं जुड़वाँ है या आपके परिवार में कोई जुड़वाँ है तो आपके भी यहाँ जुड़वाँ होने की संभावना रहती है। ये बात पूरी तरह आपके ऊपर निर्भर करती है क्योकि अंडो का निर्माण आपके द्वारा होता है अगर आप या आपकी माँ जुड़वाँ है तो जुड़वाँ बच्चे होने की संभावना ज्यादा होती है।

दो दिल

दो दिल

बच्चे के दिल की धड़कन पहली बार सुनना हर माता पिता के लिए सबसे यादगार अनुभव होता है। बच्चे के जन्म से पहले आप डॉपलर प्रणाली के माध्यम से अपने बच्चे के दिल की धड़कन सुन सकते हैं। गर्भावस्था के नौवें सप्ताह से जुड़वा बच्चों के दिल की धड़कन अलग-अलग से सुनी जा सकती है। हालांकि, यह इतना आसान नहीं है क्योंकि इनकी पहचान को कभी-कभी अलग नहीं किया जा सकता है।

जल्दी डिलीवरी और सिजेरियन

जल्दी डिलीवरी और सिजेरियन

जुड़वां गर्भावस्था के साथ महिलाओं में समय से पहले डिलिवरी होने की अधिक संभावना होती है। लेबर पेन गर्भावस्था के 36 या 37 सप्ताह के बीच में हो सकते है। इसके अलावा, जुड़वां गर्भावस्था में बच्चे ज्यादातर बीच स्थिति में होते है जिस कारण डिलिवरी नॉर्मल की जगह सिजेरियन होने की संभावना बढ़ जाती है।

गर्भाशय का आकार

गर्भाशय का आकार

अगर दिन प्रतिदिन गर्भवती महिला के गर्भाशय का आकार बढ़ता ही जा रहा हो, तो यह भी गर्भ में दो भ्रूण होना दर्शाता है। पेट के आकार को देखकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि गर्भ में जुड़वा बच्‍चें हैं।

हमेशा भूख लगना

हमेशा भूख लगना

जुड़वां गर्भावस्था के लक्षणों में से सबसे बड़ा लक्षण यह है कि आपको हमेशा भूख लगेगी। जुड़वां गर्भावस्था में महिला को सामान्य गर्भावस्था में महिला की तुलना में अधिक खाने की जरूरत महसूस होती है। यदि आप भी जुड़वा बच्चों के साथ गर्भवती हैं तो आपको भी लगातार भूख लगेगी।

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