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प्रेगनेंसी में जरुर फॉलो करें ये DIET CHART
गर्भवती महिला को पूरे नौ महीने तक बिना स्वाद की परवाह किए हुए गर्भ में पल रहे बच्चे की भलाई के लिए पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान सही भोजन का सेवन करना बेहद अह्म होता है। अगर आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक में किसी भी पोषक तत्व की कमी हो जाती है तो इसका ख़ामियाजा आपकी संतान को ताउम्र भुगतना पड़ सकता है।
इसलिए, गर्भवती महिला को पूरे नौ महीने तक बिना स्वाद की परवाह किए हुए गर्भ में पल रहे बच्चे की भलाई के लिए पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना चाहिए।
कई बार एकल परिवार में रहने वाली महिलाओं को कोई भी बताने वाला नहीं होता है कि उन्हें गर्भावस्था के किस चरण में किसी खाद्य पदार्थ का सेवन सबसे ज्यादा करना चाहिए, ताकि प्रसव में दिक्कत न आएं और बच्चे का विकास भी पूरी तरह हो जाएं।
ऐसे में वो महिलाएं, अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें या फिर हमारे द्वारा बताये जाने वाले इस डाइट चार्ट का पालन करें। लेकिन इससे पहले आपको अपने डॉक्टर से बातचीत जरूर कर लेनी चाहिए। पढिए भारतीय खान-पान के माहौल में आप गर्भावस्था के दौरान क्या खाएं:

1. दूध और दूध से बने अन्य उत्पाद -
दूध तथा दूध से बने सभी उत्पाद, गर्भावस्था के दौरान लाभकारी होते हैं बस वो प्रिर्ज्ववेटिव नहीं होना चाहिए। इन सभी में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम होता है। साथ ही शरीर में विटामिन बी12 की मात्रा भी काफी ज्यादा होती है।

2. दालें, अनाज, नट्स और साबुत अनाज़ -
अगर आप शाकाहारी हैं तो शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए दालें, अनाज, साबुत अनाज आदि का सेवन अवश्य करें। गर्भवती महिला को हर दिन 45 ग्राम अनाज का सेवन अवश्य करना चाहिए।

3. फल और सब्जियां -
गर्भवती महिला को हर दिन कम से कम पांच प्रकार के फल और सब्जियों का सेवन अवश्य करना चाहिए। इससे उनके शरीर में सभी प्रकार के पोषक तत्व पूरे होंगे। साथ ही फाइबर व विटामिन की मात्रा भी भरपूर हो जाएगी। अनार जैसे फल का सेवन करने से रक्त का स्तर भी अच्छा हो जाएगा।

4. मछली, मांस और चिकन -
अगर आप मांसाहारी हैं तो आपको मछली का सेवन भरपूर करना चाहिए। मछली में ओमेगा-3 होता है जो शरीर को स्वस्थ बनाता है। साथ ही मांस का सेवन करने से प्रोटीन की मात्रा भी शरीर में काफी अच्छी हो जाती है।

5. तरल पदार्थ -
गर्भावस्था के दौरान आपको एक बात विशेष रूप से ध्यान देनी होगी कि आप अपने शरीर को हमेशा हाईड्रेट रखें ताकि आपको डिहाईड्रेशन की शिकायत न हों। दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

6. फैट्स -
फैट्स के सेवन से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है। साथ ही बच्चे के विकास में सहायता भी मिलती है। वेजिटेबल ऑयल, फैट्स का सबसे अच्छा स्त्रोत होता है। आप चाहें तो बटर और घी का सेवन भी कर सकते हैं। आपको बता दें कि पुराने समय में गर्भवती महिलाओं को घी का सेवन काफी ज्यादा करवाया जाता था ताकि उनको प्राकृतिक प्रसव में ज्यादा समस्या न आएं।

पूरे दिन में किस प्रकार डाइट लें:
अपने शरीर को हेल्दी बनाएं रखने के लिए भूखी न रहें और कुछ-कुछ देर में खाती रहें। जो भी खएं-पिएं उसके बारे में डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लें। आप चाहें तो किसी डायटीशियन की मदद भी ले सकती हैं। पूरे दिन में कुछ इस क्रम में खुराक लें -

1. ब्रेकफास्ट से पहले क्या खाएं:
गर्भवती महिलाओं को तड़के सुबह बहुत जोर से भूख लगती हैं। ऐसे में आप उठकर किसी प्रकार का जूस पी लें। या ड्राई फ्रूट्स भी खा सकती हैं।

1. ब्रेकफास्ट :
आपको गर्भावस्था में रवा का उपमा या कुछ पौष्टिक आहार लेना चाहिए। आप चाहें तो सब्जी रोटी या परांठा आदि भी खा सकती है। साथ ही कुछ फलों का सेवन भी जरूरी है। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। साथ ही मतली आदि भी महसूस नहीं होगी।

3. मिड मॉर्निग स्नैक -
दिन में 11 बजे के लगभग आप सूप आदि पिएं। इससे पेट खाली नहीं होगा।

4. लंच -
गर्भावस्था के दौरान लंच में कोताही न करें। समय पर लंच कर लें। लंच में हैवी मील लेने की बजाय आप खिचड़ी, चिकन सलाद या सलाद ले सकती हैं। साथ ही सूप आदि का सेवन भी किया जा सकता है। एकदम से भरपेट न खाएं।

5. इवनिंग स्नैक -
शाम को आप सैंडविच, इडली आदि जैसे हल्के और पौष्टिक आहार का सेवन करें। पालक आदि के थेपला को भी खा सकती हैं। फ्रूटी स्मूदी आदि को भी खाएं तो अच्छा रहेगा। ग्रीन टी पीने का मन हो तो उसे पी लें।

डिनर -
रात का भोजन अवश्य करें। इसमें आप रोटी और चावल लें। साथ ही सब्जी भी खाएं। दही को भी खाएं। रात को सोते समय दूध भी पी सकती हैं। अगर आपको दूध पीने का मन न हों तो छाछ पी लें।



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