Latest Updates
-
Bada Mangal 2026: 19 साल बाद ज्येष्ठ में पड़ेंगे 8 बड़े मंगल, नोट कर लें बुढ़वा मंगल की सभी तारीख और महत्व -
पैर में काला धागा बांधना शुभ या अशुभ? जानें शनि-राहु से इसका कनेक्शन और बांधने का सही तरीका -
Aaj Ka Rashifal 21 April 2026: आज इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, पदोन्नति के साथ होगा जबरदस्त धन लाभ -
Kumaoni Kheera Raita: गर्मी के मौसम में वरदान है उत्तराखंड का ये खीरे का रायता, 10 मिनट में ऐसे करें तैयार -
Surya Grahan 2026: किस अमावस्या को लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण? क्या भारत में दिन में छा जाएगा अंधेरा? -
Jamun Side Effects: इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए जामुन, फायदे की जगह पहुंचा सकता है भारी नुकसान -
Amarnath Yatra 2026: सावधान! ये 5 लोग नहीं कर सकते अमरनाथ यात्रा, कहीं आप भी तो शामिल नहीं? -
26 या 27 अप्रैल, कब है मोहिनी एकादशी? जानें व्रत की सही तारीख और पारण का शुभ समय -
बेसन या सूजी का चीला, जानें वजन घटाने के लिए कौन सा नाश्ता है सबसे बेस्ट? नोट करें रेसिपी -
तपती धूप में निकलने से पहले खा लें प्याज-हरी मिर्च का ये खास सलाद, लू के थपेड़े भी रहेंगे बेअसर
प्रेगनेंसी में शराब पीना, बच्चें के लिए हो सकता है जानलेवा
प्रेगनेंसी में महिला के लिए शराब का सेवन करना सही है या गलत? अगर महिला प्रेगनेंसी के दौरान शराब का सेवन करती भी है तो गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए कितनी मात्रा में महिला को शराब पीना चहिए, इस बारे में सही जानकारी किसी के पास भी नहीं है। लोगों को इस बारे में भी नहीं मालूम है कि अल्कोहोल की कुछ बूंदे भी गर्भस्थ शिशु के विकास में कैसे बाधा बन सकती हैं। आइए इन पांच बातों से मालूम करते हैं कि प्रेगनेंसी में शराब पीना सुरक्षित होता है कि नहीं?
1. प्रेगनेंसी और शराब का सेवन दोनों एक साथ नहीं चल सकती हैं। कोई भी आपको शराब से जुड़े दुष्परिणामों के बारे में नहीं बताएगां, प्रेगनेंसी में कम से कम मात्रा में भी शराब के सेवन से गर्भस्थ शिशु की जान को खतरा हो सकता है।

2. भारत की सभी आधिकारिक स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान और जो महिलाएं गर्भ धारण करने की कोशिश कर रही हैं उन्हें तो शराब से कोसों दूर रहना चाहिए।
3. जब एक गर्भवती महिला, शराब का सेवन करती हैं तो अल्कोहोल रक्तकोशिकाओं के माध्यम से गर्भ में पल रहें शिशु तक पहुंचता हैं। अल्कोहोल धीरे धीरे शिशु के विकास में बाधा पहुंचाती है।

4. कई रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि गर्भावस्था में शराब के सेवन से मिसकैरैज और गर्भ में ही शिशु की मुत्यु की सम्भावनाएं बढ़ जाती है। इसके अलावा जन्म के वक्त शिशु का वजन कम होना और ज्ञान संबंधी समस्याएं होने का खतरा रहता है, जैसे कि धीरे सीखने की क्षमता, बोलने सीखने में अधिक समय लेना और भाषा का ज्ञान।
5. फेटल अल्कोहोल स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एफएएसडी) ये एक ऐसा साइंटिफिक टर्म है जिसका इस्तेमाल विशेषज्ञ अल्कोहोल की वजह से गर्भस्थ शिशु के साथ होने वाली समस्याओं के लिए करते हैं। ये वो समस्याएं होती है जिसका सामना शिशु को जीवन पर्यंत करना होता है जैसे कि आसामन्य चेहरे की बनावट, नर्वस सिस्टम का डेमेज होना और गर्भ में या जन्म के बाद बच्चें का विकास सही तरीके से नहीं हो पाना।



Click it and Unblock the Notifications











