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प्रेगनेंसी के दौरान कब कहें काम को बाय-बाय
प्रेग्नेंट महिला पर निर्भर करता है कि वह कितने टाइम तक काम को निरंतर कर सकती और करना चाहती है। अगर वह फुल टाइम तक काम करने में सहज है तो काम करना चाहिए।
प्रेग्रनेंसी, यह नौ महीनों का समय हर औरत के लिए खास और यादगार होता है। लेकिन इस दौरान एक साधारण सा सवाल सभी औरतों के मन में चलता है कि आखिर इस दौरान काम करना सही होगा या गलत?
क्या इस समय काम करने से बॉडी एक्टिव रहती है? तो इसका जवाब यह है कि काम करने से एक्टिवनेस बनी रहती है, लेकिन इस दौरान काम और उन्हें करने के तौर-तरीके बदल जाते है।
प्रेग्नेंट महिला पर निर्भर करता है कि वह कितने टाइम तक काम को निरंतर कर सकती और करना चाहती है। अगर वह फुल टाइम तक काम करने में सहज है तो काम करना चाहिए।
इसके अलावा अंत में यह गर्भवाती महिला कि इच्छा और फैसला होता है कि वह काम कब तक जारी रखें और कब से वह घर पर रह कर इस समय को इंजॉय करना चाहती है।
आज हम इस आर्किटल में यह जानेंगे कि प्रेग्नेंट महिला को किस तरह का काम करना चाहिए और किस तरह का नहीं। साथ ही कब किसी गर्भावती महिला को काम को बाय-बाय बोल देना चाहिए।
कैसा हो काम
हर प्रेगनेंसी के दौरान काम करना बहुत हद तक आपके आॅफिस कल्चर पर निर्भर करता है। साथ ही आॅफिस कि तरफ से मिलने वाली मातृत्व अवकाश कब लेनी है इसका फैसला भी आप ही का होता है।

1. अगर आप आॅफिस में शरारिक काम ज्यादा करती है तो इससे बॉडी पर स्ट्रेस पड़ेगा। साथ ही प्रेगनेंसी के अंतिम दिनों में बॉडी ज्वाइंट्स भी कमजोर और लचीले होने लगेगें। अगर आप ज्यादा चहलकदमी करते है तो इससे पीठ में स्ट्रेन और पेन होने कि संभावना बनी रहती है। ऐसी परिस्थिति में आप चाहे तो घर से काम करने का आॅप्शन ले सकती है या फिर पूरा आॅफिस करने के बजाय हाफ डे भी ले सकती है।
2. कुछ केस में देखने में आता है कि महिलाओं को रेडियशन, कैमिकल्स और भारी मशीनों के बीच काम करना पड़ता है। ऐसे में आपकों यह अच्छे से ज्ञात होना चाहिए कि यह तमाम चीजें बच्चे पर नेगेटिव असर डाल सकती है। इसलिए आप चाहे तो आॅफिस में बात कर कुछ समय के लिए अपना काम बदलवा सकती है और आॅफिस में ही किसी और सेक्शन में कुछ समय के लिए काम करत सकती है।

घर पर कब रुकना चाहिए
अगर काम करते हुए ज्यादा कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना जैसे घटनाएं ज्यादा हो तो तुरंत काम को इग्नोर कर घर पर आराम करना चाहिए।
क्योंकि प्रेगनेंसी के समय शरीर को मेंटली और फिजिकली स्ट्रेस से दूर रखना चाहिए। ऐसे समय में काम करते हुए जरा भी असहजता महसूस हो तो काम को छोड़ दीजिए क्योंकि ऐसे में किसी भी तरह के हेल्थ रिस्क लेना समझदारी नहीं है। इसके अलावा डॉक्टर कि सलाह भी ले सकते है, कि काम करते हुए आपकी बॉडी और बच्चे को कोई नुकसान तो नहीं हो रहा है।



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