Latest Updates
-
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार
प्रेगनेंसी में पेट का ज़रूरत से ज़्यादा छोटा या बड़ा आकार क्या है चिंता की वजह?
अगर आप जल्द ही मां बनने वाली हैं तो हम आपको बता दें कि आपके बेबी बम्प के आकार को देख कर बहुत कुछ जाना जा सकता है। जैसे कई अनुभवी महिलाएं होने वाली मां के पेट को देखकर ही यह बता देती हैं कि उनके गर्भ में लड़का पल रहा है या लड़की, इसके अलावा गर्भवती स्त्री के पेट के आकार को देख कर बच्चे के विकास के बारे में भी जाना जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर यदि आपसे यह कहा जाए कि आपका बच्चा 'स्माल फॉर डेट्स' है तो यह आपको काफी हद तक चिंतित कर देता है। हालांकि, प्रेगनेंसी के दौरान औरतों के पेट का आकार उनके शारीरिक बनावट पर भी निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर लंबी महिआलों के पेट का आकार अलग होता है और नाटी महिलाओं का अलग होता है।

क्या प्रेगनेंसी में पेट का छोटा या बड़ा आकार वाकई में चिंता का विषय होता है? कई बार प्रेगनेंसी में औरतों का छोटा पेट यह बताता है कि उनके गर्भ में पल रहा रहा शिशु अपने जेस्टेशनल एज से छोटा है। तो आइए जानते हैं स्माल फॉर डेट्स के बारे में।
स्माल फॉर डेट्स क्या है?
स्माल फॉर डेट्स का मतलब होता है कि गर्भ में पल रहा आपका शिशु प्रेगनेंसी के उस स्टेज के मुताबिक सामान्य से काफी छोटा है।
बच्चे को मापना
आजकल गर्भ में पल रहे शिशुओं को मापना बहुत ही मुश्किल हो गया है। बच्चा अगर गर्भ में नहीं बढ़ रहा तब भी होने वाली मां का वजन बढ़ता है। इसके लिए डॉक्टर्स अल्ट्रासाउंड का सहारा लेते हैं क्योंकि वे इसे भरोसेमंद मानते हैं अल्ट्रासाउंड से बच्चे के सही विकास से लेकर आपके प्रसव के समय तक का पता लगाया जा सकता है। अल्ट्रासाउंड से बच्चे का सही मेजरमेंट जानने के बाद डॉक्टर्स उसकी तुलना शिशु के ग्रोथ चार्ट से करते हैं ताकि उन्हें यह पता चल सके कि प्रेगनेंसी के उस स्टेज में क्या सामान्य है और क्या नहीं।
चूंकि स्माल फॉर डेट्स का पता लगाना थोड़ा मुश्किल होता है इसलिए आपको स्कैन की सलाह दी जा सकती है हालांकि केवल एक तिहाई महिलाओं में ही पाया गया है कि उनके गर्भ में स्माल फॉर डेट्स बेबी है।
स्माल फॉर डेट्स का कारण

हालांकि स्माल फॉर डेट्स का कोई स्पष्ट कारण नहीं है फिर भी इसके कुछ प्रसिद्ध वजह है।
1. प्लेसेंटा की समस्या
प्लेसेंटा मां और शिशु के बीच लाइफ लाइन का काम करता है। यदि यह असफल हो जाएगा तो आपके बच्चे को सही पोषण और ऑक्सीजन नहीं मिल पाएगा जिससे उनके विकास में भी बाधा आएगी। प्लेसेंटा की समस्या तब होती है जब होने वाली मां लगातार बीमार रहती है जैसे यदि मां को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है या फिर उसे किडनी से जुड़ा कोई रोग है।
2. धूम्रपान, शराब और ड्रग्स का सेवन
यह स्माल फॉर डेट्स का दूसरा सबसे बड़ा कारण होता है। यदि होने वाली मां लगातर इन चीज़ों का सेवन करती है तो इसका सीधा प्रभाव होने वाले बच्चे के विकास पर पड़ता है।
3. जेनेटिक असामान्यता या इन्फेक्शन
कई बार गर्भ में पल रहे शिशु का ख़राब विकास का किसी जेनेटिक असामान्यता या फिर इन्फेक्शन भी कारण होता है।
छोटे बेबी बम्प के अन्य कारण

छोटे बम्प के कुछ अन्य कारण भी होते हैं जैसे होने वाली मां की उम्र। यदि आप 18 साल की है या फिर 35 के ऊपर की तो इस उम्र में स्माल फॉर डेट्स बेबी की संभावना काफी बढ़ जाती है। आंकड़ों के मुताबिक जिन महिलाओं की पहली प्रेगनेंसी में उनके बच्चे स्माल फॉर डेट्स का शिकार हुए थे उनकी दूसरी प्रेगनेंसी में भी इस बात की सम्भावना बनी रहती है। हालांकि, पहली प्रेगनेंसी में इसका कोई विशिष्ट कारण था जैसे हाई ब्लड प्रेशर या धूम्रपान जो दूसरी में नहीं है तो ऐसे में आप एक स्वस्थ बच्चे की उम्मीद कर सकती हैं।
स्माल फॉर डेट्स से अपने बच्चे को बचाने के लिए आपको अपना भी ख़ास ध्यान रखना होगा। साथ ही समय समय पर बच्चे की जांच अल्ट्रासाउंड के माध्यम से कराते रहना चाहिए ताकि आपको उसके सही विकास की जानकारी मिलती रहे।



Click it and Unblock the Notifications