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क्या गे कपल बन सकते हैं पेरेंट्स? जानें कैसे दो पुरुष पैदा कर सकते हैं बच्चे
मेडिकल साइन्स की तरक्की से आने वाले दिनों में गे कपल यानी दो पुरुष बच्चे को जन्म दे सकते हैं। नई तकनीक की मदद से गे कपल या फिर लेस्बियन कपल पैरेंट्स बन सकते हैं। रिसर्च के मुताबिक प्रजनन की नई तकनीक में दो पिताओं के स्पर्म या फिर दो माताओं के एग्स को इस्तेमाल कर बच्चा पैदा कर सकते हैं। इस तकनीक की मदद गे कपल माता पिता का सुख उठा सकेंगे। यह तकनीक ना केवल सेम सेक्स बल्कि सबसे के लिए फायदेमंद साबित होगी।

आईवीजी तकनीक से गे कपल बनेंगे पैरंट्स
आईवीजी तकनीक चूहों पर काफी सफल रही है और रिसर्च का कहना है कि यह तकनीक एक दिन इंसानों पर भी सफल रहेगी। अभी तक इस तकनीक का इंसानों पर कोई प्रभाव नहीं है, लेकिन एक समय आएगा जब यह तकनीक इंसानों के लिए कारगार साबित होगी। आईवीजी ( इन विट्रो गेमटॉजिनेसस) में पुरुषों के स्पर्म और महिलाओं के एग्स को स्टेम सेल्स से उत्पन्न किया जाएगा।

कैसे दो पुरुष बनेंगे पैरंट्स
अभी तक गे कपल एग डोनेशन और सरोगेसी के द्वारा पैरेंट्स बन सकते है। एग डोनेशन के द्वारा गे कपल में केवल एक पार्टनर का ही जैविक बच्चा होता है दूसरे पार्टनर की इसमें कोई भी भूमिका नहीं होती है। इस तकनीक के माध्यम से दोनों कपल की भूमिका संभव है। आईवीजी तकनीक में सेम सेक्स कपल में डोनर्स के द्वारा बाइपास किया जा सकता है। चलिए जानते हैं कैसे- उदाहरण के लिए अपोजिट लिगों के स्पर्म या फिर एग्स से इंडिविजुअल सेल्स उत्पन्न किया जा सकता है। इस कॉम्बिनेशन के जरिए सेक्स सेल को दूसरे मेंबर से उत्पन्न किया जाएगा, जिससे कपल भ्रूण बनाने में सक्षण होगा।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट
वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर स्यूटर के अनुसार आईवीजी तकनीक के जरिए गे कपल और लेस्बियन कपल में दोनों के जैविक बच्चे को पैदा करने की संभावना अधिक है। इस तकनीक में दो से ज्यादा लोग एक साथ बच्चे को जन्म दे सकते हैं। आईवीजी तकनीक में लोग ग्रुप में भी बच्चे को जन्म दे सकते है। यह बच्चा सबकी आनुवंशिक संतान होगा। प्रोफेसर ने कहा कि आईवीजी के माध्यम से प्रजनन में काफी सुधार की संभावना है। यह तकनीक बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकती है। कई बार शारीरिक कमियों की वजह से महिला मां नहीं बन पाती है ऐसे में यह तकनीक उनके लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होगी।
डॉक्टरके अनुसार एक स्वस्थ महिला को 30 साल की उम्र तक मां बन जाना चाहिए। 25 से 30 साल की उम्र गर्भधारण के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। एक महिला 45 से 50 साल तक की उम्र मां बन सकती है। मोनोपॉज होने के बाद महिला मां नहीं बन सकती है।
आज के समय में एक पुरुष 71 साल की उम्र तक बच्चा पैदा कर सकता है।
डॉक्टर के अनुसार एक स्वस्थ पुरुष को 35 से पहने पिता बन जाना चाहिए। 35 साल के बाद पिता बनने से होने वाले बच्चे में बीमारियों का खतरा काफी रहता है।
पीरियड के बाद प्रेग्नेंट होने के चांस अधिक होते है। पीरियड के बाद का समय फर्टिलिटी का समय होता है इस दौरान संबंध बनाने से प्रेग्नेंट होने का अधिक चांस होता है।
अगर कोई महिला स्पर्म पीती है तो स्पर्म उनके पेट में जाता है और पेट में अंडा नहीं होता है, तो इससे प्रेग्नेंट होने का कोई मतलब ही नहीं है। इस बात से डरने की जरुरत नहीं है। स्पर्म पेट में जाकर पाचन का हिस्सा हो जाता है।
साइंस के मुताबिक एक स्वस्थ पुरुष के शरीर में प्रति सेकेंड 1500 स्पर्म बनते है।



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