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प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग होना मतलब सिर्फ मिसकैरिज ही नहीं होता है, ये भी हो सकती है वजह
Bleeding During Pregnancy: गर्भावस्था के दौरान शरीर के अंदर कई बदलाव होते हैं और शरीर कई उतार-चढ़ाव से गुजरता है। इस दौरान कुछ महिलाएं हल्की सी भी ब्लीडिंग या स्पॉटिंग की समस्या से भी गुजरती हैं। जिस वजह से महिलाएं परेशान हो जाती है डर जाती है। प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग देख सबसे पहले बुरा ख्याल मिसकैरिज या गर्भपात का आता है। लेकिन हर ब्लीडिंग का मतलब गर्भपात नहीं होता है।
एक्सपर्ट की मानें तो हर तीन में से एक महिला को प्रेग्नेंसी की शुरुआती महीनों के दौरान ब्लीडिंग की समस्या होती है। कभी-कभी कुछ मामलें में यह चिंता का विषय होता है वहीं कुछ मामलों में घबराने जैसी कोई बात नहीं होती है। इसके लिए अपने गाइनाकॉलोजिस्ट के संपर्क में रहें।

आइए जानते हैं कि प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग की क्या वजह हो सकती हैं?
इम्प्लांटेंशन की वजह से
फर्टिलाइजेशन यानी कंसीव होने के 10 से 12 दिन के बाद जब भ्रूण यूट्रस में इम्प्लांट होने लगता है उस दौरान हल्की सी ब्लीडिंग होती है जिसे अक्सर लोग ब्लीडिंग या स्पॉटिंग समझ लेते हैं। ये 2 से 3 दिन और कभी-कभी मासिक धर्म की तरह 5 से 7 दिन नहीं दिखते हैं।
वजाइना इंफेक्शन
कई बार प्रेगनेंसी के दौरान यीस्ट इंफेक्शन की वजह से सवाईकल ब्लीडिंग की समस्या होती है जिसे देखकर प्रेगनेंट महिलाएं घबरा जाती है।
संबंध बनाने की वजह से
प्रेग्नेंसी के दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर में अगर पार्टनर संग संबंध बनाती है तो इस वजह से हल्की स्पॉटिंग या ब्लीडिंग हो सकती है। क्योंकि इस दौरान सर्विक्स में सूजन आ जाती है। यहां ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है जिस वजह से ब्लीडिंग या स्पॉटिंग हो सकती है।
सर्विक्स में बदलाव
प्रेगनेंसी के दौरान सर्विक्स यानी बच्चेदानी में कई बदलाव आते है। सर्विक्स का मुंह यूट्रस की तरफ खुलता है जो वजाइना के शीर्ष पर होता है। इस वजह से भी ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है।
मिसकैरेज का खतरा
प्रेगनेंसी के 13 वें हफ्ते में गर्भपात का खतरा बहुत ज्यादा होता है। ऐसे में अगर हैवी क्रैम्पस के साथ ही हैवी ब्लीडिंग हो तो तुरंत समझ जाए कि ये मिसकैरेज का संकेत है।
इसके अलावा ये भी होते है कारण?
प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लीडिंग होने की होती है कई वजह जैसे-
- ज्यादा उम्र में प्रेगनेंसी
- सी-सेक्शन या गर्भाशय की सर्जरी
- हाई ब्लड प्रेशर
- यौन संचारित रोगों का इतिहास
- डायबिटीज की समस्या
कब डरे और कब नहीं?
- प्रेगनेंसी के शुरुआती तीन हफ्तों में इम्प्लाटेंशन ब्लीडिंग बहुत ही कॉमन हैं। इसमें आपको स्पॉटिंग ही नजर आएगी।
- इसके अलावा प्रेगनेंसी के दूसरे या तीसरे ट्राइमेस्टर में ब्लीडिंग को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।



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