बच्चे को सुलाने के लिए व्हाइट नॉइज़ का इस्तेमाल कितना सही, जानें यहां

पेरेंटस के लिए बच्चों को सुलाना किसी जंग से कम नहीं है। क्यूंकि बच्चों की नींद कच्ची होती है, जो जरा-सी आहट से टूट जाती है। और जब नींद पूरी नहीं होती है तो बच्चों का रोना शुरू हो जाता है। ऐसे में जरूरी ये हो जाता है कि ऐसा तरीका आजमाए जिससे बच्चे कई घंटों तक और अच्छी नींद ले सकें।

तो बतादें इसके लिए आप व्हाइट नॉइज़ (white noise) मशीन की मदद ले सकते हैं। जिनका इन दिनों पैरेंट्स काफी इस्तेमाल कर रहे हैं। तो यहां हम व्हाइट नॉइज़ के बारे में विस्तार से बताने के साथ ही इससे होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में बताने जा रहे है।

pros and cons of white noise for babies in hindi

व्हाइट नॉइज़
व्हाइट नॉइज़ एक छोटी-सी मशीन है। जिसमें कुछ ऐसे साउंड्स होते हैं, जो बच्चे को अच्छी नींद दिलाने में मदद करते हैं। खासतौर से, जब बच्चा सोना चाहता हो, लेकिन उसे सोने में कठिनाई हो रही हो, उस समय यह साउंड्स उसे रिलैक्स करके साउंड स्लीप देने में मदद करता हैं। ये बाहरी वातावरण की हलचल और शोर के बीच एक बैरियर की तरह काम करते हैं। तो अगर आप ऐसी जगह रहते हैं, जहां पर हर वक्त बाहर से शोर आता हो या फिर आप शिशु के साथ कहीं ट्रैवल कर रहे हैं तो व्हाइट नॉइज़ मशीन वास्तव में आपके काफी काम आ सकती है।

व्हाइट नॉइज़ के इस्तेमाल से होने वाले फायदे
बच्चे को देता है सूदिंग एनवायरमेंट
हर बच्चे के सोने का एक फिक्स टाइम होता है। लेकिन अगर बाहरी शोर या किसी अन्य कारण से बच्चा सो नहीं पाता, तो वो चिड़चिड़ा हो सकता है। ऐसी स्थिति में व्हाइट नॉइज़ मशीन बच्चे को शूदिंग एनवायरमेंट देती है। जिससे बच्चा सुकून की नींद ले सकता है।

आसपास के शोर को करे दूर
व्हाइट नॉइज़ घर में होने वाले शोर को बच्चे से दूर रखता है। यानि, अगर आपके घर में दो या तीन बच्चे हैं, तो इस स्थिति में एक बच्चे के जागने पर और उसके शोर से दूसरे बच्चे की नींद खराब होती है। लेकिन अगर आप बच्चे को सुलाने के लिए व्हाइट नॉइज़ मशीन की मदद लेते है तो बच्चा उस शोर से दूर रहेगा और वो अच्छी नींद ले पाएगा।

व्हाइट नॉइज़ के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान
बच्चे के डवलपमेंट में बन सकता है बाधक
दरअसल, कई बार व्हाइट नॉइज़ मशीन में आवाज की सीमा को पार कर लिया जाता है, जिसके कारण बच्चे के डवलपमेंट से संबंधी समस्याएं हो सकती है। यानि तेज आवाज के कारण उसे सुनने में और भाषा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए ये जरूरी है कि व्हाइट नॉइज़ मशीन का इस्तेमाल करते समय आप इसे बच्चे से कम से कम 7 फीट दूर रखें। और मशीन की वॉल्यूम को अधिकतम वॉल्यूम से नीचे ही सेट करें।

आदत-सी बन जाना
व्हाइट नॉइज़ का इस्तेमाल एक निश्चित सीमा तक सही है, अन्यथा बच्चे को इसकी आदत हो जाती है। यानि बच्चे को सुलाने के लिए हर बार ये तरीका ही आजमाना पड़ता है। लेकिन अगर आप कहीं बाहर गए हो और आपके पास व्हाइट नॉइज़ नहीं है या फिर मशीन किन्हीं कारणों से खराब हो जाए तो, उस समय यकीनन आपके लिए बच्चे को सुलाना काफी मुश्किल हो जाता है।

Story first published: Sunday, May 7, 2023, 11:00 [IST]
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