स्कूल जाते समय बस में क‍ितने सुरक्षित हैं आपके बच्चे? जानें क्‍या हैं स्कूल बस के लिए गाइडलाइंस

School Bus Rules In India : काफी पैरेंट्स अपने बच्चों की सुविधा के लिए स्कूलकी बस लगा देते हैं। ताक‍ि वो सेफ्टी से स्कूल आ जा सके लेकिन जब बस ड्राइवर के लापरवाही की वजह से बच्चों के साथ कोई दुर्घटना घटती हैं तो सबसे बड़ा पहाड़ पैरेंट्स पर टूटता है। हर साल स्‍कूल बसों की लापरवाही के चलते कई बच्‍चों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।

अभी कुछ दिनों पहले 11 अप्रैल को हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में बच्चों से भरी स्कूल बस पलटने से 6 बच्चों की मौत हो गई, साथ ही 15 बच्चे बुरी तरह जख्मी हो गए। वहीं 13 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के दो जिलों के स्‍कूली बस के साथ दो बड़े हादसे हुए।14 अप्रैल को उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में स्‍कूली बस का ट्रक से भिंड़त होने से 20 स्‍टूडेंट घायल हुए।

School Bus Rules In India

इन दिनों देशभर के अलग-अलग जगहों से स्‍कूली बसों से जुड़ी कई बुरी खबरें सुनने को म‍िली है। ये कुछ मामले हैं जो हाल फ‍िलहाल में हुए हैं। इन दुघर्टनाओं का हवाला हमने इसल‍िए दिया है ताक‍ि पैरेंट्स इन घटनाओं से सबक लें और अपने बस से स्‍कूल जाने वाले बच्‍चों की सेफ्टी की तरफ ध्‍यान दें।

महेंद्रनगर वाले मामले में अगर ड्राइवर स्कूली बसों के लिए जारी की गई गाइडलाइंस का पालन करता तो ये हादसा नहीं होता है। आइए आपको बताते हैं कि स्कूल बस के ल‍िए क्‍या सेफ्टी नियम हैं।

ये है नियम

- स्कूल बस पीले कलर की होनी चाहिए। इसके साथ ही उस पर स्कूल बस जरूर लिखा होना चाहिए।
- स्कूल बस में फर्स्ट-एड- बॉक्स होना जरूरी है। बस की खिड़की में ग्रिल लगी होनी चाहिए। इसके साथ ही बस में आग बुझाने वाला यंत्र भी लगा होना चाहिए।
- स्कूल बस पर स्कूल का नाम और टेलिफोन नंबर भी होना चाहिए। इसके साथ ही दरवाजों पर ताले लॉक भी लगा होना चाहिए।
- स्कूल बस में एक अटेंडेंट होना चाहिए इसके साथ ही अधिकतम स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए।
- स्कूली कैब के ड्राइवर के पास कम से कम चार साल की एलएमवी-ट्रांसपोर्ट वाहन चलाने का लाइसेंस होना चाहिए।
- स्कूली बस के ड्राइवर को हमेशा यूनिफॉर्म में होना चाहिए। इसके साथ ही बच्चों के बैग को छत के कैरियर पर नहीं रखा होना चाहिए।

- किंडरगार्टन बच्‍चों के अगर मां बाप अधिकृत जगह पर बच्चों को लेने नहीं आते हैं तो उस बच्चे को स्कूल वापस ले जाया जाएगा ।
- स्कूल की बसों में जीपीएस और सीसीटीवी भी लगा होना चाहिए और उसकी 60 दिन की फुटेज सुरक्षित होनी चाहिए।

Parents Must know School Bus Safety Rules for Children

पैरेंट्स को इन बातों का रखना चाह‍िए ध्‍यान

- बस या ऑटो का ड्राइवर वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे या नशे की हालत में तो नहीं है
- ऑटो के आगे ड्राइवर के पास कोई बच्चे न बैठे हों।
- सीट बेल्ट है या नहीं।
- स्कूल में बच्चों को जिस स्थान पर वाहन से उतारा जा रहा है या जहां से उन्हें बैठाया जा रहा है वहां सीसीटीवी लगी है या नहीं।
-ड्राइवर के पास लाइसेंस और वाहन के जरुरी डॉक्‍यूमेंट है या नहीं।
- वाहन में फर्स्‍ट एड बॉक्स है या नहीं

ज्‍यादात्तर मामलों में हादसों के ये कारण होते हैं ज‍िम्‍मेदार-

- चालक की बेपरवाही, नींद या नशा
- बस की फिटनेस में लापरवाही
- क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठाना
- स्पीड गर्वनर के नियम के बाद भी न लगवाना
- जल्दबाजी में पहुंचने का प्रयास
- न‍िर्धार‍ित स्‍पीड से तेज चलाना

Story first published: Monday, April 15, 2024, 22:30 [IST]
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