Latest Updates
-
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासु मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास -
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया और आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग, इन 2 राशियों की खुलेगी किस्मत -
Akshaya Tritiya 2026 Upay: अक्षय तृतीया पर करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-संपत्ति में होगी वृद्धि -
World Liver Day 2026: हर साल 19 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है विश्व लिवर दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और थीम -
Nashik TCS Case: कौन है निदा खान? प्रेग्नेंसी के बीच गिरफ्तारी संभव या नहीं, जानें कानून क्या कहता है -
कश्मीर में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, क्या सच हुई बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? -
चेहरे से टैनिंग हटाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी दमकती त्वचा -
World Heritage Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व धरोहर दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
Aaj Ka Rashifal 18 April 2026: मिथुन, तुला और कुंभ के लिए आज बड़ा दिन, जानें मेष से मीन तक का हाल -
Akshaya Tritiya 2026 Daan: अक्षय तृतीया पर इन 5 चीजों का करें दान, कभी नहीं होगी अन्न और धन की कमी
सेपरेशन एंजायटी: जब सताने लगता है बच्चे से दूर होने की चिंता, जानें मांए कैसे डील करें
मां बनने के बाद अक्सर न्यूली वर्किंग मदर मेटरनिटी लीव खत्म होने के बाद ऑफिस जाने के नाम से ही बैचेन हो जाती हैं। बच्चे से दूर रहने का सोचकर ही वो उदास रहने लगती है।
इसी चिंता को सेपरेशन एंग्जाइटी (Separation Anxiety)कहते हैं। सेपरेशन एंग्जायटी मां और बच्चे दोनों में बहुत कॉमन हैं। जहां बच्चा अपने आसपास कुछ देर मां को नहीं देखकर रोने लगता है, वहीं जब बच्चे भी स्कूल जाना शुरु करते हैं, तो मांओं का भी ऐसा ही हाल होता है।

क्या है सेपरेशन एंग्जाइटी?
सेपरेशन एंग्जाइटी यानी अपनों से अलग होने की चिंता। किसी से दूर होने के बाद बेचैनी और अकेलापन (Loneliness) महसूस करना सामान्य है, मगर यदि इसका असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ने लगे तो इसे सेपरेशन एंग्जाइटी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें एक व्यक्ति को किसी व्यक्ति से शारीरिक अलगाव (या अलगाव के विचार) के बारे में सोचकर डर लगने लगता है। सेपरेशन एंग्जाइटी बच्चों में बेहद आम स्थिति है, कई बार नई मांओं में भी इसका असर देखने को मिलता है।
जानिए कैसे होते हैं सेपरेशन एंग्जाइटी के लक्षण?
ऐसे कई व्यवहार हैं जो बता देता है कि मां या बच्चे दोनो में से कोई एक सेपरेशन एंग्जाइटी से जूझ रहा है। -
- प्रियजन के अनुपस्थित होने पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई।
- भावनात्मक निर्भरता
- प्राकृतिक आपदा, कार दुर्घटनाओं और अन्य अप्रत्याशित घटनाओं का डर
- अपने प्रियजन को पास में न देखकर रोते रहना
- किसी प्रियजन की सुरक्षा के लिए डरना
- किसी प्रियजन के खो जाने का डर
- सेपरेशन के बारे में नाइटमेयर आना
- पेट दर्द, सिरदर्द,
- नींद नहीं आना।
कैसे इस पर काबू पा सकते हैं?
बात करें: अगर आपको लगता है कि आप सेपरेशन एंग्जायटी के शिकार है, तो विश्वसनीय दोस्तों, परिवार वालों, या किसी प्रॉफेश्नल के साथ बात करके सेपरेशन एंग्जाइटी के संकेतों पहचानें और उनसे अपनी बातें शेयर करें।
अपनी भावनाओं पर काबू रखें: नई मांओं में ये एंग्जायटी होना सामान्य सी बात है। यदि आपका बच्चा आपको परेशान देखता है, तो इससे उसकी चिंता और बढ़ सकती है। इसलिए मां को समय के साथ अपनी भावनाओं पर काबू करना चाहिए।
एक रुटीन बनाएं : एंग्जायटी से बचने के लिए सबसे कारगार तरीका है, जहां माएं एक रुटीन बनाएं। जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो इसमें कुछ समय निकालकर बाहर निकले, वहीं माएं भी बच्चों को कुछ मिनटों के लिए घूमने के लिए बाहर भेजे। ऐसे में आप कुछ देर एक दूसरे के बिना रहने के साथ भावनात्मकता निर्भरता भी कम होगी। इससे चीजें आपके लिए आसान होंगी।



Click it and Unblock the Notifications











