Latest Updates
-
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत -
फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना झेलने पड़ेंगे गंभीर नुकसान -
March Pradosh Vrat 2026: मार्च महीने का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
हाथ से इन 5 चीजों का गिरना है बड़े संकट का संकेत, कहीं आप तो नहीं कर रहे नजरअंदाज? -
School Holiday April 2026: छुट्टियों की भरमार! गुड फ्राइडे से आंबेडकर जयंती तक, देखें अवकाश लिस्ट -
इन 5 तरीकों से मिनटों में पहचानें असली और नकली सरसों का तेल, सेहत से न करें समझौता -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए अरबी की सब्जी, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
महिलाओं की कौन सी आंख फड़कने का क्या है मतलब? जानें बाईं और दाईं आंख के शुभ-अशुभ संकेत -
New Rules From 1 April 2026: दवाइयों से मोबाइल तक, जानें 1 अप्रैल से क्या होगा सस्ता, क्या महंगा? -
Kamada Ekadashi Upay: वैवाहिक कलह और कर्ज के बोझ से हैं परेशान? कामदा एकादशी पर करें ये 3 अचूक उपाय
सेपरेशन एंजायटी: जब सताने लगता है बच्चे से दूर होने की चिंता, जानें मांए कैसे डील करें
मां बनने के बाद अक्सर न्यूली वर्किंग मदर मेटरनिटी लीव खत्म होने के बाद ऑफिस जाने के नाम से ही बैचेन हो जाती हैं। बच्चे से दूर रहने का सोचकर ही वो उदास रहने लगती है।
इसी चिंता को सेपरेशन एंग्जाइटी (Separation Anxiety)कहते हैं। सेपरेशन एंग्जायटी मां और बच्चे दोनों में बहुत कॉमन हैं। जहां बच्चा अपने आसपास कुछ देर मां को नहीं देखकर रोने लगता है, वहीं जब बच्चे भी स्कूल जाना शुरु करते हैं, तो मांओं का भी ऐसा ही हाल होता है।

क्या है सेपरेशन एंग्जाइटी?
सेपरेशन एंग्जाइटी यानी अपनों से अलग होने की चिंता। किसी से दूर होने के बाद बेचैनी और अकेलापन (Loneliness) महसूस करना सामान्य है, मगर यदि इसका असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ने लगे तो इसे सेपरेशन एंग्जाइटी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें एक व्यक्ति को किसी व्यक्ति से शारीरिक अलगाव (या अलगाव के विचार) के बारे में सोचकर डर लगने लगता है। सेपरेशन एंग्जाइटी बच्चों में बेहद आम स्थिति है, कई बार नई मांओं में भी इसका असर देखने को मिलता है।
जानिए कैसे होते हैं सेपरेशन एंग्जाइटी के लक्षण?
ऐसे कई व्यवहार हैं जो बता देता है कि मां या बच्चे दोनो में से कोई एक सेपरेशन एंग्जाइटी से जूझ रहा है। -
- प्रियजन के अनुपस्थित होने पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई।
- भावनात्मक निर्भरता
- प्राकृतिक आपदा, कार दुर्घटनाओं और अन्य अप्रत्याशित घटनाओं का डर
- अपने प्रियजन को पास में न देखकर रोते रहना
- किसी प्रियजन की सुरक्षा के लिए डरना
- किसी प्रियजन के खो जाने का डर
- सेपरेशन के बारे में नाइटमेयर आना
- पेट दर्द, सिरदर्द,
- नींद नहीं आना।
कैसे इस पर काबू पा सकते हैं?
बात करें: अगर आपको लगता है कि आप सेपरेशन एंग्जायटी के शिकार है, तो विश्वसनीय दोस्तों, परिवार वालों, या किसी प्रॉफेश्नल के साथ बात करके सेपरेशन एंग्जाइटी के संकेतों पहचानें और उनसे अपनी बातें शेयर करें।
अपनी भावनाओं पर काबू रखें: नई मांओं में ये एंग्जायटी होना सामान्य सी बात है। यदि आपका बच्चा आपको परेशान देखता है, तो इससे उसकी चिंता और बढ़ सकती है। इसलिए मां को समय के साथ अपनी भावनाओं पर काबू करना चाहिए।
एक रुटीन बनाएं : एंग्जायटी से बचने के लिए सबसे कारगार तरीका है, जहां माएं एक रुटीन बनाएं। जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो इसमें कुछ समय निकालकर बाहर निकले, वहीं माएं भी बच्चों को कुछ मिनटों के लिए घूमने के लिए बाहर भेजे। ऐसे में आप कुछ देर एक दूसरे के बिना रहने के साथ भावनात्मकता निर्भरता भी कम होगी। इससे चीजें आपके लिए आसान होंगी।



Click it and Unblock the Notifications











