इकलौता बच्‍चा बिगडै़ल बन जाता है, जानें सिंगल चाइल्‍ड को लेकर यह बात क‍ितनी सच है?

हम अक्सर लोगों को ये कहते हुए सुनते हैं कि इकलौता बच्चा है बिगड़ जाएगा, दूसरा बच्चा प्लान कर लें। दरअसल समाज में पारंपरिक रूप से सिंगल चाइल्ड यानी इकलौते बच्चे को लेकर बहुत सी गलतफहमियां हैं।

ऐसा माना जाता है कि इकलौते बच्चे अकेले होने के कारण बिगड़ जाते हैं, स्वार्थी होते हैं। लेकिन एक लौते बच्चों को लेकर समाज में फैली ये धारणाएं पूरी तरह गलत हैं। ये आदतें उन बच्चो में भी देखे जाते हैं जो भाईयों-बहनों के साथ पले-बढ़े हो। ऐसे में आइए जानते हैं हम एकलौते बच्चों को लेकर समाज में फैले मिथक और उनसे जुड़े फैक्स के बारे में...

Single Child

मिथक 1.: अकेले बच्चों के बिगड़ैल या स्वार्थी होने की संभावना ज्यादा होती है!
तथ्य: कुछ रिसर्च से पता चलता है कि इकलौता बच्चा होने और बिगड़ैल या स्वार्थी होने के बीच कोई समानता नहीं है। इन विशेषताओं को कई तरह से देखा जा सकता है, जिसमें माता-पिता की शैली, परिवार की गतिशीलता और उस व्यक्ति के व्यवहार पर ये बातें निर्भर करती हैं। भाई-बहन के साथ पले-बढ़े बच्चे में भी ये लक्षण नजर आ सकते हैं।

मिथक 2.: अकेले बच्चों को सामाजिक कौशल में समस्या होती है और दोस्त बनाने में भी परेशानी होती है!
तथ्य: एक बच्चे में सामाजिक कौशल और दोस्त बनाने की क्षमता अलग-अलग कारणों से प्रभावित होती है, जैसे उनका पालन-पोषण, समाजीकरण के अवसर और व्यक्तिगत स्वभाव।

मिथक 3.: एकलौते बच्चे अकेले होते हैं इसलिए दोस्त बनाने में उन्हें मुश्किल होती है!
तथ्य: एकलौते बच्चों के पास भले ही अपने भाई-बहन नहीं होते हैं, लेकिन ये जरूरी नहीं कि वो दूसरों से रिश्ते नहीं बना पाएंगे। वे दोस्तों, चचेरे भाइयों के साथ अच्छे संबंध विकसित कर सकते हैं।

मिथक 4.: अकेले बच्चे अकादमिक रूप से ज्यादा सफल होते हैं!
तथ्य: अकादमिक सफलता केवल परिवार के आकार से निर्धारित नहीं होती है। माता-पिता की भागीदारी, शैक्षिक अवसर और व्यक्तिगत प्रेरणा जैसे कई कारक बच्चे की शिक्षा में उपलब्धियों को प्रभावित करते हैं।

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