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बच्चों में तेजी से बढ़ रहा है टेक्स्ट नेक सिंड्रोम का खतरा, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय
Text Neck Syndrome In Kids: आज के डिजिटल समय में बच्चे अपना ज्यादातर समय मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन के सामने बिताते हैं। कोविड के बाद से, पढ़ाई के लिए भी बच्चे घंटों मोबाइल और लैपटॉप के सामने बैठे रहते हैं। कई बार बच्चे घंटों तक मोबाइल पर वीडियो देखते रहते हैं, गेम खेलते रहते हैं या सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते रहते हैं। यह आदत बच्चों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक भी साबित हो सकती है। अक्सर हम बच्चों को मोबाइल के इस्तेमाल से आंखें कमजोर होने या वजन बढ़ने की समस्या के बारे में तो बताते हैं, लेकिन एक साइलेंट हेल्थ इश्यू है, जिसे हम नजरअंदाज कर देते हैं। जी हां, टेक्स्ट नेक सिंड्रोम (TNS) एक ऐसी समस्या है, जो स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताने के कारण बच्चों में बढ़ रही है। यह ऐसी स्थिति है जो धीरे-धीरे गर्दन, कंधे और रीढ़ की हड्डी पर गहरा असर डालती है। खास बात ये है कि यह बीमारी पहले सिर्फ युवाओं में देखने को मिलती थी, लेकिन अब 10-15 साल के बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि टेक्स्ट नेक धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआत में इसके लक्षण मामूली दिखते हैं। लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो बाद में चलकर स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए जरूरत है कि माता-पिता इस समस्या को समझें और बच्चों में सही स्क्रीन हैबिट्स विकसित करें। आज इस लेख में लीफोर्ड हेल्थकेयर लिमिटेड के एमएस ऑर्थो - सलाहकार, ऑर्थोपेडिक और मोबिलिटी एड्स डिवीजन, डॉ. अभिषेक सैमुअल से जानते हैं टेक्स्ट नेक सिंड्रोम के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से -

क्या है टेक्स्ट नेक सिंड्रोम?
टेक्स्ट नेक सिंड्रोम वह स्थिति है, जब बच्चा लगातार मोबाइल या टैब देखते हुए अपना सिर आगे की ओर झुका लेता है। इसके कारण रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे दर्द, स्टिफनेस और पॉश्चर संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। अध्ययनों में पता चला है कि युवाओं में करीब 42% लोग रोजाना कई घंटे गर्दन झुकाकर फोन इस्तेमाल करते हैं। अब यही पैटर्न बच्चों में भी देखा जा रहा है।
बच्चों में टेक्स्ट नेक क्यों बढ़ रहा है?
टेक्स्ट नेक सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चा लगातार मोबाइल या स्क्रीन देखते हुए अपना सिर आगे की ओर झुका लेता है। यह झुका हुआ पॉश्चर गर्दन की हड्डियों (cervical spine) पर दबाव डालकर दर्द, जकड़न और समय के साथ डिजनरेशन यानी नुकसान पहुंचाता है। अध्ययनों में पाया गया है कि 18 से 30 साल के करीब 42 प्रतिशत युवाओं में नेक पेन और डिसेबिलिटी के लक्षण दिखाई देते हैं और महिलाओं में ये समस्या ज्यादा पाई गई है। लेकिन चिंता की बात यह है कि यह समस्या अब 10 से 15 साल के बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है।
बच्चों में टेक्स्ट नेक के लक्षण
गर्दन व कंधों में दर्द
थकान और कमजोरी
हाथों में झनझनाहट
झुका हुआ पॉश्चर
कंधों का आगे की तरफ गोल हो जाना
बच्चों को टेक्स्ट नेक से कैसे बचाएं?
1. स्क्रीन टाइम सीमित करें
पढ़ाई के अलावा बच्चों को लगातार स्क्रीन पर रहने से रोकें। हर 20-30 मिनट बाद छोटे-छोटे ब्रेक दिलाएं।
2. मोबाइल आंखों की ऊंचाई पर रखें
बच्चों को मोबाइल नीचे झुककर देखने की जगह उसे थोड़ा ऊंचा पकड़ने की आदत डालें।
3. आउटडोर गेम्स और एक्टिविटी बढ़ाएं
बच्चों को बाहर खेलने, साइकिलिंग, स्पोर्ट्स और फिजिकल एक्टिविटी से जोड़ें।
4. स्ट्रेचिंग और योग करें
हल्की गर्दन स्ट्रेच, ताड़ासन और भुजंगासन जैसी योग मुद्राएं काफी फायदेमंद होती हैं।
5. सपोर्ट टूल्स
अगर बच्चे की गर्दन में लगातार दर्द या पोस्चर में गड़बड़ी दिखे, तो डॉक्टर की सलाह से कुछ सपोर्ट टूल्स मददगार हो सकते हैं।



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