रात में ब्रेस्टफीड करते हुए नींद नहीं होगी डिस्टर्ब, अगर अपनाएंगी ये टिप्स

breastfeeding at night : एक नवजात शिशु के लिए मां का दूध बेहद आवश्यक होता है। मां के दूध से ही शिशु को संपूर्ण पोषण मिलता है। इसलिए हमेशा यह सलाह दी जाती है कि कम से कम छह माह मां को शिशु को सिर्फ ब्रेस्टफीड ही करवाना चाहिए। यह बच्चे को ताउम्र स्वस्थ रखने की कुंजी है। एक मां के लिए दिन के समय तो ब्रेस्टफीड करवाना आसान होता है, लेकिन रात के समय यह थोड़ा चैलेंजिंग हो सकता है।

मां को अपने भूखे शिशु के लिए दिन के 24 घंटे ऑन-कॉल रहने की आवश्यकता होती है। शिशुओं का पेट छोटा होता है, इसलिए उन्हें अधिक बार दूध पिलाने की आवश्यकता होती है।

Tips To Make Breastfeeding Easier At Night in hindi

ऐसे में रात में ब्रेस्टफीड करवाते समय उन्हें बार-बार उठने की जरूरत पड़ती है। लेकिन अगर आप कुछ आसान तरीकों को अपनाती हैं तो ऐसे में आप रात में भी बिना किसी परेशानी के ब्रेस्टफीड करवा सकती हैं-

रात में ब्रेस्टफीड करवाने के फायदे

रात में ब्रेस्टफीडिंग टिप्स के बारे में जानने से पहले आपको इसके फायदों के बारे में भी जान लेना चाहिए-
• रात के समय के ब्रेस्टफीड में कुछ पोषक तत्वों का उच्च स्तर पाया गया है जो शिशु की बेहतर वृद्धि और विकास में योगदान करते हैं।
• रात में ब्रेस्टफीड करवाने से प्रोलैक्टिन और मेलाटोनिन जैसे हार्माेन के उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। जहां प्रोलैक्टिन मिल्क प्रोडक्शन के लिए महत्वपूर्ण है, वहीं, मेलाटोनिन बच्चे के सोने-जागने के साइकल को नियंत्रित करने में मदद करता है।
• रात के समय ब्रेस्टफीड करवाने से मां और शिशु के बीच बॉन्ड मजबूत होता है।
• रात में ब्रेस्टफीड कराने से दूध के जरिए शिशु को एंटीबॉडी और अन्य प्रतिरक्षा कारक मिलते हैं जो संक्रमण और बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
• स्तन के दूध में मौजूद मेलाटोनिन बच्चे की सर्कैडियन लय और नींद के पैटर्न को रेग्युलेट करता है। इससे बच्चे और मां दोनों को बेहतर नींद मिल सकती है।
• कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि रात में ब्रेस्टफीड करवाने से अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम (एसआईडीएस) का जोखिम कम हो सकता है।
अपनाएं ये टिप्स
अब सवाल यह उठता है कि रात के समय ब्रेस्टफीड को अधिक आसान या कंफर्टेबल किस तरह बनाया जाए। इसके लिए आप इन टिप्स को फॉलो करें-
• कोशिश करें कि आप रात में बेबी को अपने साथ बेड पर ही सुलाएं। इससे आपको बार-बार उसे ब्रेस्टफीड करवाने के लिए उठना नहीं पड़ेगा।
• हमेशा कंफर्टेबल पोजिशन में सोने की कोशिश करें। अगर संभव हो तो आप करवट लेकर सोने की कोशिश करें। यह एक ऐसी पोजिशन है, जो आपके और आपके बच्चे दोनों के लिए अधिक आरामदायक हो सकती है। इससे रात में दूध पिलाते समय आपकी नींद भी डिस्टर्ब नहीं होगी।
• जब आप बेड पर बेबी के साथ सो रही हैं तो आप उसे अपने करीब ही सुलाएं। इससे जब भी बच्चे को भूख लगेगी, आप बेहद आसानी से उसे ब्रेस्टफीड करवा पाएंगी।
• नर्सिंग क्लॉथ नाइट टाइम ब्रेस्टफीड को और भी आसान बनाते हैं। आप ऐसे कपड़े पहनें, जिससे आप तुरंत बिना किसी परेशानी के बेबी को ब्रेस्टफीड करवा पाएं।
• आपके या शिशु के स्लीप पैटर्न में खलल पैदा ना हो, इसलिए आप कमरे में लाइट बंद रखें या फिर उसे बेहद ही डिम रखें। जब कमरे का वातावरण शांत होगा तो इससे ब्रेस्टफीड करवाने के बाद आपको व शिशु को तुरंत नींद आ जाएगी।
• अगर आपको ऐसा लगता है कि बेबी को ब्रेस्टफीड करवाने के चक्कर में रात के समय आपकी नींद पूरी नहीं हो पाती है तो ऐसे में आप डे टाइम में बेबी के साथ ही नैप लें। इससे आप खुद को बिल्कुल भी थका हुआ महसूस नहीं करेंगी।
• अपने बिस्तर के पास डायपर, पानी की एबोतल, यहां तक कि एक या दो स्नैक्स भी रखें ताकि आपको अपनी जरूरत की चीजें लेने के लिए कहीं भी न जाना पड़े।

Story first published: Monday, November 27, 2023, 9:30 [IST]
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