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बड़ों को ही नहीं बच्चों को भी हो सकता है यूरिन इंफेक्शन, ये है लक्षण और बचाव का तरीका
जब कभी हम यूरिन इंफेक्शन की बात करते हैं, तो महिलाओं का नाम ही दिमाग में आता है। लेकिन आपको मालूम होना चाहिए कि ये समस्या बड़ों के अलावा बच्चों में भी हो सकती है। गंदे डायपर और डिहाइड्रेशन के वजह से बच्चों में यूटीआई होना बहुत ही कॉमन समस्या है।
यूटीआई की स्थिति में बच्चे को जलन या पेट दर्द की समस्या हो सकती है। एक बड़ा बच्चा यह बताने में सक्षम होता है। लेकिन छोटे बच्चें ये बता पाने में सक्षम नहीं होते है।

इसलिए पेरेंट्स को ध्यान देना चाहिए कि कहीं उनका बच्चा पेशाब करने के तुरंत बाद रोना शुरू तो नहीं कर देता। इसके साथ ही कई अन्य लक्षण भी नजर आ सकते हैं जैसे -
पेट दर्द
बुखार
यूरिन में पस आना
पेशाब में खून आना
बार-बार पेशाब आना
पेशाब को कुछ देर के लिए भी नियंत्रित न कर पाना। इसके अलावा छोटे बच्चों में बुखार, सुस्ती, चिड़चिड़ापन,
चंचलता में कमी आना और मां के दूध को न पीना भी इस समस्या की ओर इशारा करते हैं।
खूब पिलाएं पानी
छोटे बच्चों में जब यूरिन इंफेक्शन होने पर बच्चे को अधिक से अधिक पानी पिलाएं। पानी पीने से गंदगी और बैक्टीरिया पेशाब के माध्यम से बाहर निकल जाएंगे। परन्तु बच्चे को अधिक पानी पीने के लिए मजबूर न करें। यदि आपका बच्चा 6 महीने से कम उम्र का है तो उसे अधिक से अधिक दूध पिलाएं।इसके अलावा 6 महीने से अधिक बच्चों को क्रैनबेरी, ब्लूबेरी और अनानास का रस सबसे अच्छे विकल्प हो सकते हैं। ये फल बच्चों को यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन को रोकने में मदद करते हैं ।लेकिन बच्चे को किसी भी प्रकार का रस देने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। इसके अलावा फलों की जूस को
नींबू पानी पिलाएं
बच्चा अगर एक या दो साल से बड़ा है, तो नींबू का पानी पिलाएं। बच्चे को प्रतिदिन नींबू का रस पिलाने से यूरिन इंफेक्शन की समस्या को कम करने के साथ भी इसे आगे के लिए टाला भी जा सकता है।
डॉक्टर को दिखाएं
यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन को ठीक करने के लिए डॉक्टर की सलाह जरुर लें। ये समस्या होने पर सबसे पहले बच्चों का यूरीन टेस्ट होता है। इसके बाद डॉक्टर मेडिकेशन शुरु करता है। इसके साथ ही बच्चों को ज्यादा से ज्यादा हाइड्रेटेड रखने की कोशिश करें। यह
रखें सफाई का ध्यान
अपने बच्चे के निजी क्षेत्रों को सफाई का नियमित रूप से समय-समय पर बच्चे के डायपर बदलती रहें। नया डायपर पहनाने से पहले बच्चे के निजी क्षेत्रों को बेबी टिशू से साफ करें और साथ ही यह करने से पहले अपने हाथों को साफ करना न भूलें।



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