Latest Updates
-
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार
बच्चों को भी होता है यूटीआई का खतरा! कहीं आपका बच्चा स्कूल में तो नहीं करता यह गलतियां!
Urinary Tract Infections in Children : महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) के मामले सामान्य हैं, हालांकि यह पुरुषों में भी होता है, लेकिन वह कम होते हैं। अब यह समस्या छोटी बच्चियों में भी बढ़ रही है, क्योंकि वे अक्सर अपने लक्षणों को सही से व्यक्त नहीं कर पातीं। यदि बच्चों को यूटीआई के लक्षण हों तो वे तुरंत इसे समझ नहीं पाते, इसलिए उन्हें सफाई के महत्व के बारे में समझाना बहुत जरूरी है।
अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह समस्या गंभीर हो सकती है और किडनी या मूत्र मार्ग में संक्रमण का कारण बन सकती है। उचित स्वच्छता और पानी पीने की आदतें इस संक्रमण से बचने में मदद करती हैं।

क्यों होती है यह दिक्कत
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) का मुख्य कारण गंदगी है। बच्चों के प्राइवेट पार्ट्स का साफ-सुथरा रहना बेहद जरूरी है। अगर बच्चे यूरिन को रोकते हैं, गंदे अंडरगारमेंट्स पहनते हैं या गंदे टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं, तो यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है। बच्चों को हाइजीन की सही समझ नहीं होती, इसलिए पैरेंट्स को उन्हें सफाई के महत्व के बारे में समझाना चाहिए। सही सफाई आदतें जैसे नियमित रूप से हाथ धोना और साफ कपड़े पहनना इस संक्रमण से बचने में मदद कर सकती हैं।
यूटीआई दो प्रकार के होते हैं
यूटीआई दो प्रकार के होते हैं: ब्लैडर इंफेक्शन और किडनी इंफेक्शन। अमेरिकन यूरोलॉजिकल असोसिएशन के अनुसार, आमतौर पर यूरिन में बैक्टीरिया नहीं होते, लेकिन त्वचा और रेक्टल एरिया में होते हैं। जब बैक्टीरिया यूरेथ्रा से ब्लैडर में प्रवेश करते हैं, तो यह इंफेक्शन का कारण बनता है। ब्लैडर इंफेक्शन में दर्द और सूजन होती है, जिसे सिस्टिटिस कहा जाता है। यदि बैक्टीरिया ब्लैडर से किडनी में पहुंच जाएं, तो इसे पायलोनेफ्राइटिस कहते हैं, जो सिस्टिटिस से ज्यादा खतरनाक होता है।
बच्चों को लंबे समय तक यूरिन रोकने से बचाएं
बच्चों को लंबे समय तक यूरिन रोकने से बचाना चाहिए, क्योंकि इससे ब्लैडर की मसल्स कमजोर हो सकती हैं और किडनी में सूजन आ सकती है। यूरिन रोकने से उसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा भी रहता है, जो संक्रमण का कारण बन सकता है। इसलिए जब भी यूरिन की आवश्यकता महसूस हो, तुरंत कर लेना चाहिए। यह आदत बच्चों की किडनी और मूत्राशय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है।
स्कूल के गंदे टॉयलेट से बचें
गंदे टॉयलेट यूरिन इंफेक्शन (UTI) के प्रमुख कारणों में से एक हैं, क्योंकि ये बैक्टीरिया का घर होते हैं। इंग्लिश टॉयलेट से UTI का खतरा इंडियन टॉयलेट की तुलना में अधिक हो सकता है। हर पैरेंट को चाहिए कि वे अपने बच्चों को समझाएं कि अगर स्कूल में गंदा टॉयलेट दिखे, तो तुरंत टीचर को इसकी जानकारी दें और सफाई कराने को कहें। साथ ही, बच्चों को गंदे टॉयलेट का उपयोग न करने की आदत डालें। इस सावधानी से बच्चे UTI से काफी हद तक बच सकते हैं और स्वस्थ रहेंगे।
100 में से 8 बच्चियां और 2 लड़के यूटीआई का शिकार
अमेरिकन यूरोलॉजिकल असोसिएशन और यूरोलॉजी केयर फाउंडेशन के अनुसार, हर 100 में से 8 बच्चियां और हर 100 में से 2 लड़के यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) का शिकार होते हैं। इस संक्रमण से बच्चों की किडनी जल्दी डैमेज हो सकती है। ऐसे में बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाना न केवल उनकी किडनी को साफ रखने का एक महत्वपूर्ण तरीका है, बल्कि यह उनके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है।



Click it and Unblock the Notifications