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क्या आप समय पर कराते हैं बेबी का Vaccination? एक्सपर्ट से जानें बच्चों के लिए टीकाकरण है कितना जरूरी
Why Vaccination Is Important for Children: बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने के कारण वे वायरस के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। फ्लू, खसरा, चिकनपॉक्स और कण्ठमाला जैसे वायरल संक्रमण बच्चों की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
वासवी हॉस्पिटल्स के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक एमवी बताते हैं, "टीकाकरण इन बीमारियों को फैलने से रोकने और बच्चों को सुरक्षित रखने का एक प्रभावी और सुरक्षित तरीका है।" टीकाकरण से न केवल बच्चों को सुरक्षा मिलती है बल्कि इससे पूरे समुदाय में संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

बचपन के प्रमुख वायरल संक्रमण (Typical Childhood Viral Infections)
1. फ्लू (इन्फ्लूएंजा): यह श्वसन संक्रमण बुखार, थकान और खांसी का कारण बनता है। छोटे बच्चों में फ्लू से साइनस संक्रमण, निमोनिया और गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ सकती है।
2. खसरा: यह अत्यधिक संक्रामक रोग तेज बुखार और शरीर पर लाल चकत्तों के रूप में दिखाई देता है। छोटे बच्चों के लिए खसरा का संक्रमण एन्सेफलाइटिस और निमोनिया जैसे घातक परिणाम ला सकता है।
3. चिकनपॉक्स (वैरीसेला): बुखार और खुजली वाले चकत्तों के साथ शुरू होने वाला चिकनपॉक्स गंभीर स्थिति में एन्सेफलाइटिस, निमोनिया और त्वचा संक्रमण भी पैदा कर सकता है।
4. कण्ठमाला: यह संक्रमण लार ग्रंथियों की सूजन का कारण बनता है और गंभीर मामलों में मेनिनजाइटिस और पुरुषों में अंडकोष की सूजन भी हो सकती है। गर्भावस्था में रुबेला (जर्मन खसरा) का संक्रमण जन्म संबंधी असामान्यताओं का खतरा बढ़ा सकता है।
5. पोलियो: यह गंभीर वायरस पक्षाघात और मृत्यु का कारण बन सकता है। टीकाकरण से अधिकांश क्षेत्रों में इसे लगभग समाप्त कर दिया गया है, लेकिन कुछ जगहों पर इसका खतरा बना रहता है।
6. रोटावायरस: यह छोटे बच्चों में गंभीर दस्त और निर्जलीकरण का मुख्य कारण है, जिससे अक्सर अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता होती है।
टीकाकरण का महत्व (The Significance of Vaccination)
टीकाकरण बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और एंटीबॉडी उत्पन्न करने में मदद करता है, जिससे वे भविष्य की बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रहते हैं। वेरिसेला और एमएमआर (खसरा, कण्ठमाला, रूबेला) जैसे टीकों ने इन बीमारियों के प्रसार को काफी हद तक नियंत्रित किया है, जिससे बच्चों में गंभीर जटिलताओं और मृत्यु दर में कमी आई है। व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ टीकाकरण सामूहिक प्रतिरक्षा भी प्रदान करता है, जो उन लोगों की रक्षा करता है जो स्वयं टीका नहीं लगवा सकते, जैसे शिशु और कुछ चिकित्सीय स्थितियों वाले लोग।
6 से 18 महीने की उम्र में टीकाकरण (6 to 18 Months)
बच्चों को छह महीने की उम्र से वार्षिक फ्लू का टीका दिया जा सकता है। 12 से 15 महीने के बच्चों के लिए एमएमआर और वेरिसेला के टीके, हेपेटाइटिस ए, और चार से छह साल के बच्चों के लिए टाइफाइड, एमएमआर, वेरिसेला, और डीटीपी बूस्टर टीके की खुराकें दी जाती हैं।
हालांकि, कई माता-पिता टीके लगवाने में झिझकते हैं। यह जानना महत्वपूर्ण है कि टीके सुरक्षित हैं, क्योंकि इन्हें व्यावसायिक उपयोग से पहले कई वर्षों के शोध और परीक्षण के बाद ही उपलब्ध किया जाता है। इसलिए, बच्चों के टीकाकरण के लिए विश्वसनीय डॉक्टर से परामर्श लेना उचित होता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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