Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
HMPV वायरस से गर्भवती को भी है खतरा, एक्सपर्ट से जानें बचने का तरीका
देशभर में ह्यूमन मेटा-न्यूमो वायरस (HMPV) के अब तक 11 मामले सामने आए हैं, जिनमें एक केस यूपी के लखनऊ में गुरुवार को पुष्टि हुई। इससे लोगों के बीच डर का माहौल बन गया है, खासकर गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को लेकर। गाइनोकोलॉजिस्ट डॉ. शिखा गुप्ता ने HMPV से बचाव के लिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों को विशेष सलाह दी है।
डॉ. का कहना है कि HMPV में केवल 1% मामलों में ही गंभीर जटिलताएं देखने को मिलती हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। सही प्रिकॉशंस और डॉक्टर की सलाह से इस वायरस से बचा जा सकता है। गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चों के माता-पिता अगर वायरस के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करेंगे और समय पर सावधानियां बरतेंगे, तो वे खुद और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। पैनिक होने की बजाय सतर्क रहना और उचित उपाय अपनाना जरूरी है।

HMPV क्या है?
उन्होंने बताया कि HMPV के लक्षण सर्दी, खांसी और बुखार जैसे होते हैं, जो संक्रमित होने के तीन से पांच दिन के भीतर दिख सकते हैं। पांच साल से कम उम्र के बच्चे, छः महीने से छोटे शिशु, गर्भवती महिलाएं, और पहले से बीमार व्यक्ति इस वायरस के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। विशेषज्ञों ने अतिरिक्त सावधानी बरतने, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने और लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
HMPV के लक्षण
HMPV के लक्षण सर्दी, खांसी और हल्के बुखार जैसे होते हैं। यदि किसी को इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो उन्हें तुरंत जांच करानी चाहिए और आवश्यक सावधानियां अपनानी चाहिए। यह वायरस खांसने, छींकने और हैंडशेक के जरिए फैलता है। वर्तमान में वायरल संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, इसलिए पैनिक न होकर, सतर्कता और प्रिकॉशंस लेना जरूरी है। स्वच्छता बनाए रखना और मास्क का उपयोग करना प्रभावी बचाव उपाय हैं।
गर्भवती महिलाएं को कैसे बचाव
गर्भवती महिलाओं को HMPV से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टर ने बताया कि HMPV प्लेसेंटा के जरिए गर्भ में पल रहे बच्चे तक नहीं पहुंचता है, लेकिन यदि गर्भवती महिला को वायरल संक्रमण होता है तो पहले और दूसरे ट्राइमेस्टर में मिसकैरेज का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचना चाहिए, पब्लिक प्लेसेज और शॉपिंग से दूरी बनाए रखनी चाहिए। घर में ऑक्सीजन वाले पौधे और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। बाहर का खाना न खाएं और अपने आहार में फल, हरी सब्जियां, प्रोटीन और विटामिन-सी वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें। हाथों को बार-बार धोना और सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है।



Click it and Unblock the Notifications











