बच्चों को मोबाइल देने की सही उम्र क्‍या है? मशहूर फुटबॉलर रोनाल्डो भी दे चुके हैं पेरेंट्स को नसीहत

ऑस्ट्रेलिया में जल्द ही बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर बैन लगाने को लेकर ऑस्ट्रेलिया की सरकार एक कानून बनाने की तैयारी में हैं। सोशल मीडिया के बच्‍चों पर खतरनाक प्रभावों को देखते हुए ऑस्‍ट्रेल‍िया सरकार ने यह कदम उठाया है। साथ ही इस कानून का मकसद है क‍ि वर्चुअल वर्ल्ड की जगह बच्‍चे रियल वर्ल्ड को एक्‍सपीर‍ियंस करें। यह बैन 14 साल से कम उम के बच्‍चों पर लागू होगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कानून के 2024 के अंत तक पारित और लागू होने की उम्मीद है। एक इंटरव्‍यू के दौरान ऑस्‍ट्रेल‍िया के प्रधानमंत्री एंथनीअल्बनीज ने कहा कि अलग-अलग रिसर्च में साबित हुआ है कि सोशल मीडिया नशे की लत की तरह है जिसकी पहुंच बहुत तेज है और ये हमारे बच्चों के ल‍िए नुकसानदायक है। इस वजह से इसके इस्‍तेमाल को लेकर एक सख्‍त कदम उठाने की जरुरत है।

What s the right age to get a smartphone

ऑस्‍ट्रेल‍िया से पहले स्‍वीडन भी दो साल से कम उम्र के बच्‍चों के मोबाइल पर बैन लगा चुका हैं। मोबाइल की लत बच्‍चें में अवसाद की वज‍ह बनने के साथ ही उनके मेंटल हेल्‍थ को भी प्रभावित करती है। आइए जानते हैं क‍ि बच्‍चों को मोबाइल देने की सही उम्र क्‍या है?

बच्‍चों को फोन देने के पक्ष में नहीं है रोनाल्‍डो

कुछ समय पहले फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें वो बताते हैं कि उन्होंने अपने 11 साल के बेटे को उनके बेटे को तोहफे में ये फोन देने से मना कर दिया। रोनाल्‍डो ने इसकी वजह बताई क‍ि उनका बेटा टेक्‍नोलॉजी को लेकर खूब जूनूनी है। अपनी उम्र के बच्‍चों की तरह वो भी टेक्‍नोलॉजी फ्रेंडली हैं, उन्‍होंने बताया कि उनका बेटा हमेशा उनसे पूछता रहता था कि क्‍या उसे फोन मिल सकता है? उन्होंने बताया क‍ि कुछ समय के लिए बच्‍चों को फोन दें, लेकिन हर समय इस्तेमाल ना करने दें।

रोनाल्डो पहले भी कह चुके हैं, 'वह अपने बच्चे को फोन इसलिए भी नहीं देते क्योंकि इससे वह अपनी प्रतिभा कोपहचान नहीं पाएंगे। इसके अलावा वो अपने बेटे को सीख देना चाहते हैं क‍ि ज‍िंदगी में कुछ भी आसानी से नहीं म‍िलता है। मैं उसे जो इस उम्र में जो सबसे अच्‍छी चीज जो दे सकता हूं, वो है शिक्षा।

बिल गेट्स भी मोबाइल को लेकर बरत चुके हैं सख्‍ती

रोनाल्‍डो ही नहीं बल्कि माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स ने 2007 में अपनी बेटी के फोन देखने पर सख्‍ती लगा दी थी क्‍योंक‍ि वो पूरे दिन वीडियो गेम्‍स खेलती रहती थी जिसकी वजह से उसकी तबीयत खराब होने लगी। उन्होंने भी 14 साल तक अपने बेटी को सेल फोन की आदत नहीं लगने दी।

सेफ नहीं है बच्‍चों के ल‍िए मोबाइल

सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए साइबर बुलिंग, हैकिंग, हेट स्पीच जैसे अपराधों का खतरा ज्यादा है क्योंकि उनके अंदर इतनी समझ नहीं होती, इसके अलावा यह मेंटल हेल्‍थ के ल‍िए भी घातक हैं।
- सोशल मीड‍िया पर ज्‍यादा समय बिताने से चिंता और अवसाद हो सकता है, जो बच्‍चों की नींद को भी इफेक्‍ट करता है।
- कॉमन सेंस मीडिया द्वारा करवाई गई एक स्‍टडी में अमेरिका में 53 पर्सेंट बच्‍चों को 11 साल की उम्र तक मोबाइल मिल जाता है। बच्‍चों को इतनी कम उम्र में स्‍मार्टफोन देना खतरनाक हो सकता है।

यह है सही उम्र

एक्‍सपर्ट की मानें तो 2 साल से कम उम्र के बच्‍चों स्‍क्रीन नहीं दिखानी चाहिए। वहीं 2 से 5 साल तक के बच्‍चों के लिए 1 घंटा पर्याप्‍त है, वहीं 6 से 12 साल तक के बच्‍चों को दो घंटे काफी होते हैं। इसके बाद टीनएजर्स से वयस्‍कों को 3 घंटे से ज्‍यादा मोबाइल नहीं देखना चाह‍िए।

Story first published: Monday, September 16, 2024, 22:25 [IST]
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