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फेमस यूट्यूबर की पहली बीवी हुई चौथी बार प्रेग्नेंट, सिर्फ एक ट्यूब के सहारे बनेंगी मां, क्या ये मुमकिन है?
Armaan Malik Wife Payal Pregnancy News : यूट्यूबर अरमान मलिक की पहली पत्नी पायल मलिक की प्रेग्नेंसी की खबर ने सभी को हैरान कर दिया है। पायल ने अपने व्लॉग में खुलासा किया कि उनका पहला बेटा चीकू नॉर्मल तरीके से हुआ था। बाद में उन्होंने आईवीएफ (IVF) की कोशिश की, जो पहली बार असफल रही, लेकिन दूसरी बार सफल होकर उन्हें जुड़वां बच्चों का सुख मिला। अब 15 साल बाद, सिर्फ एक फैलोपियन ट्यूब के सहारे नैचुरली कंसीव करना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
सवाल उठता है कि जब आमतौर पर दोनों फैलोपियन ट्यूब्स की जरूरत होती है, तो पायल कैसे केवल एक ट्यूब के सहारे नैचुरल प्रेग्नेंसी कंसीव कर सकीं? आइए जानते हैं इसके पीछे का पूरा साइंस और फेलोपियन ट्यूब का कंसीव करने में क्या रोल होता है?

दो होती हैं फैलोपियन ट्यूब
आईवीएफ स्पेशलिस्ट और गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. नीरज पहलाजानी बताती हैं कि महिलाओं के शरीर में दो फैलोपियन ट्यूब्स होती हैं, जिनकी लंबाई लगभग 10 सेंटीमीटर होती है। ये ट्यूब्स गर्भाशय (uterus) से निकलकर ओवरी तक जाती हैं और एग को पकड़ने और स्पर्म से मिलवाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
ट्यूब का मुख्य काम
जब ओवरी से एग रप्चर होकर निकलता है, तो फैलोपियन ट्यूब अपने मूवमेंट से उसे उठा लेती है और तब तक होल्ड करती है, जब तक स्पर्म वहां तक पहुंचकर फर्टिलाइजेशन न कर ले। यही नहीं, फर्टिलाइजेशन के बाद भ्रूण का शुरुआती विकास भी 3 से 4 दिनों तक फैलोपियन ट्यूब में ही होता है। उसके बाद, ट्यूब के कॉन्ट्रैक्शन से फर्टिलाइज्ड एग को यूट्रस में भेजा जाता है, जहां भ्रूण का इम्प्लांटेशन होता है।
नॉर्मल प्रेग्नेंसी में दोनों ट्यूब्स की भूमिका
सामान्य तौर पर महिलाओं में दो ओवरी और दो ट्यूब्स होती हैं। हर महीने ओव्यूलेशन कभी बाईं ओवरी से तो कभी दाईं ओवरी से होता है। माना जाता है कि जिस तरफ ट्यूब होती है, उसी ओर से ओव्यूलेशन होना चाहिए ताकि एग आसानी से कैच हो सके। लेकिन असलियत कुछ और है।
सिर्फ एक ट्यूब में भी संभव है प्रेग्नेंसी
डॉक्टरों के अनुसार, फैलोपियन ट्यूब्स इतनी फ्लेक्सिबल और मोबाइल होती हैं कि वे दूसरी ओवरी से निकलने वाले एग को भी कैच कर सकती हैं। वैज्ञानिक शोध में यह सिद्ध हो चुका है कि अगर महिला के पास सिर्फ एक स्वस्थ और खुली ट्यूब है, तो नैचुरल प्रेग्नेंसी संभव है।
इसका मतलब यह हुआ कि अगर बाईं ट्यूब मौजूद है और एग दाईं ओवरी से निकला है, तो भी बाईं ट्यूब अपनी मूवमेंट से उस एग को पकड़ सकती है और फर्टिलाइजेशन संभव हो सकता है। यही कारण है कि पायल मलिक जैसी महिलाओं में भी नैचुरली प्रेग्नेंसी हो जाती है।
कुछ महिलाओं में क्यों होती है सिर्फ एक ट्यूब?
कई बार महिलाओं में केवल एक ही ट्यूब होती है। यह जन्मजात स्थिति हो सकती है, जिसे मेडिकल भाषा में Unicornuate Uterus कहते हैं। वहीं, कुछ मामलों में ऑपरेशन या किसी गंभीर बीमारी के कारण एक ट्यूब हटानी पड़ती है। इस स्थिति में महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या वे मां बन सकती हैं।
नेचुरल प्रेग्नेंसी के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें?
एक्सपर्ट बताती हैं कि नेचुरल प्रेग्नेंसी के लिए तीन चीजें बेहद जरूरी हैं:
- महिला की कम से कम एक फैलोपियन ट्यूब खुली और स्वस्थ होनी चाहिए।
- ट्यूब के अंदर या बाहर कोई रुकावट (blockage) नहीं होनी चाहिए।
- ट्यूब की मूवमेंट सही तरीके से काम करनी चाहिए, ताकि वह ओवरी से निकले एग को पकड़ सके।
कई बार एंडोमेट्रियोसिस जैसी बीमारियों में ट्यूब अंदर से खुली होती है, लेकिन बाहर की ओर ब्लॉकेज के कारण एग और स्पर्म आपस में मिल नहीं पाते। ऐसी स्थिति में प्रेग्नेंसी संभव नहीं हो पाती।



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