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Sabudana Halwa Recipe : इस बार महाशिवरात्रि में साबूदाना खिचड़ी की जगह हलवा बनाएं, ये देखिएं रेसिपी
Sabudana Halwa Recipe : महाशिवरात्रि का पावन अवसर हो और शिवभक्त व्रत ना रखें, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। इस खास दिन पर शिव की असीम कृपा पाने और भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए भक्तगण पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान वे सामान्य नमक व अन्न से पूरी तरह से परहेज करते हैं।
ऐसे में उनकी यह इच्छा होती है कि वे कुछ ऐसा बनाएं, जिससे उनकी तृप्ति भी हो जाए और रेसिपी को बनाना भी आसान हो। अगर आप भी ऐसी ही किसी रेसिपी की तलाश में हैं तो आपको साबूदाना को व्रत में खाना चाहिए। व्रत में साबूदाना खिचड़ी बनाना तो बेहद आम है। हालांकि, अब आपको साबूदाना हलवा बनाना चाहिए। झटपट बनने वाला यह हलवा खाने में बेहद ही लाजवाब होता है।
तो चलिए आज इस लेख में हम आपको साबूदाना हलवा बनाने की आसान रेसिपी के बारे में बता रहे हैं-

साबूदाना हलवा बनाने के लिए सामग्री-
1 कप भिगोया हुआ साबूदाना
2 बड़े चम्मच घी या स्पष्ट मक्खन
तीन चौथाई कप चीनी
2 बड़े चम्मच कटे हुए बादाम
2 बड़े चम्मच कटे हुए काजू
2 बड़े चम्मच कटे हुए पिस्ता
2 बड़े चम्मच किशमिश या किशमिश
20 से 25 केसर के धागे 2 बड़े चम्मच गर्म दूध में भिगोये हुए
1.5 कप पानी
आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर
1.5 बड़े चम्मच मिल्क पाउडर
साबूदाना हलवा बनाने की विधि-
सबसे पहले साबूदाना को 3 से 4 बार तब तक धोएं जब तक पानी साफ न निकल जाए। अब इस धुले हुए साबूदाने को कम से कम 3 से 4 घंटे या हो सके तो रात भर के लिए भिगो दें।
अब एक मोटे चौड़े तले वाले पैन में 2 बड़े चम्मच घी गर्म करें।
जब घी पिघल जाए तो गर्म घी में भीगा हुआ साबूदाना डालकर अच्छे से मिक्स कर लीजिए।
साबूदाना को घी में धीमी आंच पर लगभग 4 से 5 मिनट तक भूनें, जब तक कि यह पारदर्शी न हो जाए।
आप इसे करीबन 4 से 5 मिनट तक भूनें और पैन में करीबन 1.5 कप पानी डालें। इस दौरान आंच को मीडियम-हाई कर दें।
पके हुए साबूदाने को धीरे-धीरे मिलाएं ताकि सारे साबूदाने अलग हो जाएं और फूलने लगें।
7 से 8 मिनट बाद साबूदाना गाढ़ा हो जाएगा और उसका आकार भी दोगुना हो जाएगा।
अब आप पैन में चीनी डालें और अच्छी तरह मिक्स करें।
इसे 2 से 3 मिनट तक पकाएं, फिर इसमें कटे हुए सूखे मेवे डालें।
अब पैन में केसर के धागे भीगे हुआ दूध डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।
आप इसे मध्यम आंच पर 3 से 4 मिनट तक पकाएं। जब यह उबलने लगे और गाढ़ा होने लगे तो इसमें इलायची पाउडर डालकर मिक्स कर लें।
अंत में, पैन में दूध पाउडर डालकर चलाते हुए 2 मिनट तक पकाएं।
अब आंच बंद कर दें। आपका टेस्टी-टेस्टी साबूदाना हलव बनकर तैयार है। इसे गरमा-गरम सर्व करें।
साबूदाना कब नहीं खाना चाहिए?
यूं तो साबूदाना को सेहत के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है। लेकिन जिन लोगों को लो बीपी की समस्या है या फिर अगर कोई हार्ट पेशेंट है तो उसे साबूदाने का सेवन करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, डायबिटीज पेशेंट के लिए भी साबूदाना बहुत अच्छा नहीं माना जाता है, क्योंकि इसमें स्टार्च काफी अधिक होता है।
साबूदाना खाने का सही समय क्या है?
साबूदाना को यूं तो कभी भी खाया जा सकता है, लेकिन व्रत के दौरान इसे खाना सबसे अच्छा माना जाता है। दरअसल, साबूदाना में स्टार्च काफी अधिक होता है और इसलिए जब व्रत में आप इसका सेवन करते हैं तो इससे पूरा दिन आपको एनर्जी मिलती रहती है। साबूदाने में कई तरह के पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, आयरन, फोलेट, विटामिन बी 5 और बी6 आदि मौजूद होते हैं।
साबूदाना कितनी देर तक भिगोना चाहिए?
जब भी आप साबूदाना बनाते हैं तो पहले उसे भिगोना बेहद आवश्यक है। साबूदाना को अच्छी तरह धोने के बाद आपको उसे कम से कम चार-पांच घंटे के लिए अवश्य भिगोना चाहिए।
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