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Anant Ambani Wedding : लगन लाख्वाणु की रस्म क्या है? जिससे शुरु हुई अनंत-राधिका की शादी की तैयारियां
Anant Ambani-Radhika Merchant Wedding : अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी की तैयारियां 'लगन लाख्वाणु' की रस्म के साथ शुरू हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों मार्च में ही शादी के बंधन में बंध जाएंगे।
लगन लाख्वाणु गुजराती शादी में एक खास तरह का रिवाज है। कई जगह इस रस्म लग्न पत्रिका लिखवाना या लग्न लिखाना भी कहा जाता है। हिंदू समाज के करीब हर जाति के लोगों में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस रस्म में विवाह योग्य युवक-युवती की सगाई हो जाने के बाद विवाह संस्कार के मुहूर्त से पहले वर एवं वधू परिवार के लोग, रिश्तेदार और समाजजन मिलकर लग्न पत्रिका लिखवाते हैं।

यहां विवाह संस्कार से पूर्व इस रस्म को बड़ा आयोजन माना जाता है। चलिए जानते हैं लगन लाख्वाणु की अनोखी रस्म के बारे में।
पत्रिका में लिखा जाता है लग्न
लग्न यानी शादी होता है। भारत के कई हिस्सों में शादी को लग्न या लगन कहा जाता था। पुराने जमाने में दोनों पक्षों के रिश्तेदारों और गांव के पंचों की मौजूदगी में विवाह संस्कार के लिए मुहूर्त या शुभ समय देखा जाता है। इसी शुभ दिन, माह, वर्ष और समय के साथ ही वर और वधू के नाम, गौत्र, पिता का नाम, गांव और शहर का पूरा ब्यौरा उस लग्न पत्रिका में लिखा जाता है। जिसको दोनों पक्षों के पंचों की मौजूदगी में कन्या पक्ष के कुलगुरु या विद्वान ब्राह्मण द्वारा लिखा जाता है। इसे बाद में दोनों पक्षों के प्रमुख व्यक्ति को मंत्रोच्चार के साथ सौंपा जाता है। इसी पत्रिका के आधार पर उसमें बताए मुहूर्त के अनुसार विवाह की रस्म पूरी की जाती है।

विवाह की तैयारी हो जाती है शुरु
लग्न पत्रिका में, विवाह के कार्यक्रम का मुहूर्त लिखा जाता है। इसके बाद, इसमें पीले रंग के चावल, 5 बड़ी सुपाड़ी, 5 हल्दी की गांठें, सवा रुपये नगद या चांदी का सिक्का रखा जाता है। इसके बाद, पत्रिका को बंद करके, ऊपर खुले पान और दुर्वा रखकर, रंगीन धागे से बांध दिया जाता है। फिर इसे गणेश जी को चढ़ाया जाता है और फिर यहां से विवाह की रस्में और तैयारियां शुरु हो जाती है।
पुराने जमाने में एक तरह का था एग्रीमेंट
बुजुर्गों की मानें तो लग्न पत्रिका एक तरह का लिखित दस्तावेज है, जिसे आप एग्रीमेंट भी कह सकते हैं। जो वर और कन्या पक्ष के बीच में करारनामे की तरह माना जाता है। दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों के साथ ही गांव के पंचों की मौजूदगी में लिखी जाने वाली लग्न पत्रिका और वैवाहिक संबंध से अगर कोई पक्ष भविष्य में मुकरता है तो समाज उसे अपने स्तर पर दंडित भी कर सकता है।



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