Ramadan Mubarak Wishes for Husband-Wife: माह-ए-रमजान पर अपनी मोहब्बत को इन खास शायरियों से दें मुबारकबाद

Ramzan Mubarak Romantic Shayari : चांद नज़र आने के साथ ही रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है। मुस्लिम समुदाय के लोग आज पहला रोजा रख रहे हैं और कुरआन, नमाज व तरावीह का एहतमाम करेंगे। रमजान इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना है, जिसे बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इसी महीने 610 ईस्वी में मोहम्मद साहब को लेयलत उल-कद्र की रात पवित्र कुरआन शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था, इसलिए इस महीने में रोजा रखने की परंपरा है।

रमजान हर कोई अपने परिवार, पति-पत्नी और बच्चों के साथ मनाना चाहता है, लेकिन विदेश में रहने वाले कई लोगों के लिए यह संभव नहीं हो पाता। ऐसे में वे अपनों को प्यार भरे संदेश, कोट्स, शायरी और तस्वीरें भेजकर रमजान की मुबारकबाद देते हैं।

Happy Ramadan Wishes

Ramadan Mubarak Shyari for Husband and Wife (पति और पत्‍नी के ल‍िए रमजान मुबारकबाद शायरियां )

1. खुशियां नसीब हो जन्नत नसीब हो
तू चाहे जिसे वो तेरे करीब हो,
कुछ इस तरह हो करम अल्लाह का
मक्का-मदीना की जियारत नसीब हो।

आपको माह-ए-रमजान की मुबारकबाद

2. कुछ इस कदर पाक हो रिश्ता
तेरे मेरे दरमियां
जैसे तकरीब-ए-ईद और
रमजान का महीना

चांद रात मुबारक हो

3. फरियादों की झोली कभी खाली नहीं जाएगी,
अल्लाह का नाम लेने से हर मुराद पूरी हो जाएगी,
पढ़ते रहिए नमाज हर दिन,
हर सांस में खुशियां रम जाएगी।

हैप्पी रमजान 2025

4. आसमान पर नया चांद आया है,
सारा जहां खुशियों से जगमगाया है,
हो रही है सहर ओ इफ्तार की तैयारियां,
उठ रहे हैं दुआओं के लिए हाथ,
अल्लाह करें सबके दिलों के अरमान।
रमजान मुबारक हो आपको।

5. गुल ने गुलशन से गुलफाम भेजा है,
सितारों ने चांद को सलाम भेजा है,
मुबारक हो आपको यह पाक महीना
यह पैगाम हमने अपने खास को भेजा है
रमजान मुबारक

6. ज़िंदगी में तुम्हारी रहमतों की बहार आए,
रमज़ान हो मुबारक, खुशियों की सौगात लाए।"
रमजान मुबारक हो आपको।

7. हर इबादत का तुझे सवाब मिले मेरे दोस्त,
रमज़ान मुबारक हो, तू हमेशा खुश रहे मेरे दोस्त
रमजान मुबारक

9. हर लम्हा तेरा इबादत में गुज़रे,
रमज़ान मुबारक, तू रहमत में निखरे।
हैप्पी रमजान 2025

रमजान पर शायरी - Ramadan Shayari

1. "रमज़ाँ में तू न जा रू-ब-रू उन के 'माइल'
क़ब्ल-ए-इफ़्तार बदल जाएगी निय्यत तेरी..."
- अहमद हुसैन माइल
हैप्पी रमजान 2025

2. "क्यूँ इशारा है उफ़ुक़ पर आज किस की दीद है
अलविदा'अ माह-ए-रमज़ाँ वो हिलाल-ए-ईद है..."
- निसार कुबरा अज़ीमाबादी
हैप्पी रमजान 2025

3. "लैलतुल-क़द्र है हर शब उसे हर रोज़ है ईद
जिस ने मय-ख़ाने में माह-ए-रमज़ाँ देखा है..."
- मुनव्वर ख़ान ग़ाफ़िल
हैप्पी रमजान 2025

4. "रोज़ा-दारान-ए-जुदाई कूँ ख़म-ए-अबरू-ए-यार
माह-ए-ईद-ए-रमज़ां था मुझे मालूम न था..."
- सिराज औरंगाबादी
हैप्पी रमजान 2025

5. "मैं हूँ रोज़ा तो फिर इफ़्तार तू है
महीना मैं अगर रमज़ान का तो..."
- चन्द्र शेखर वर्मा
हैप्पी रमजान 2025

6. "आप इधर आए उधर दीन और ईमान गए
ईद का चाँद नज़र आया तो रमज़ान गए..."
- शुजा ख़ावर
हैप्पी रमजान 2025

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